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जेल के बंदी की मौत का मामला : परिजन बोले, पुलिस ने बताया तड़प रहा, यहां आए तो मिला मृत
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कुरुक्षेत्र। एनडीएपीएस के तहत पुलिस द्वारा गिरफ्तार किए गए आरोपी एवं जिला जेल के हवालाती राजकुमार की मौत को लेकर परिजनों ने सवाल उठाए हैं। पिता रामानंद व पत्नी सुनीता ने कहा कि उनके पास उसके तड़पने की सूचना पुलिस ने दी थी लेकिन यहां आए तो वह मृत ही मिला। उन्हें आशंका है कि उसकी मौत जेल में ही हुई। मामले की गहन जांच हो तो रहस्य से पर्दा उठ सकता है।
वहीं पुलिस ने शव का पैनल से पोस्टमार्टम करवाने के बाद परिजनों को सौंप दिया, जिसके बाद वे उसे लेकर रवाना हो गए। हालांकि उन्होंने उक्त आरोपों को लेकर देर शाम तक पुलिस तक कोई शिकायत नहीं दी लेकिन मीडिया के सामने जरूर मुखर दिखाई दिए।
थाना शहर के प्रभारी नरेश कुमार का कहना है कि अभी मामले की जांच की जा रही है। प्राथमिक तौर पर यह सामने आया था कि बीमारी के चलते उसे नागरिक अस्पताल ले जाया गया था, जहां उपचार के दौरान मौत हो गई। अस्पताल ले जाने से पहले जेल के स्वास्थ्य केंद्र पर भी उसका प्राथमिक उपचार किया गया था। पिता रामानंद ने बताया कि वे खुद गुरुग्राम में मजदूरी करते हैं जबकि बेटा राजकुमार परिवार सहित लुधियाना के पास जगराओं में रहता था। मूल रूप से बिहार के सुपौल जिला में हरदी चौबारा गांव के रहने वाले हैं। राजकुमार का दो साल का एक बेटा है।
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वहीं पुलिस ने शव का पैनल से पोस्टमार्टम करवाने के बाद परिजनों को सौंप दिया, जिसके बाद वे उसे लेकर रवाना हो गए। हालांकि उन्होंने उक्त आरोपों को लेकर देर शाम तक पुलिस तक कोई शिकायत नहीं दी लेकिन मीडिया के सामने जरूर मुखर दिखाई दिए।
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थाना शहर के प्रभारी नरेश कुमार का कहना है कि अभी मामले की जांच की जा रही है। प्राथमिक तौर पर यह सामने आया था कि बीमारी के चलते उसे नागरिक अस्पताल ले जाया गया था, जहां उपचार के दौरान मौत हो गई। अस्पताल ले जाने से पहले जेल के स्वास्थ्य केंद्र पर भी उसका प्राथमिक उपचार किया गया था। पिता रामानंद ने बताया कि वे खुद गुरुग्राम में मजदूरी करते हैं जबकि बेटा राजकुमार परिवार सहित लुधियाना के पास जगराओं में रहता था। मूल रूप से बिहार के सुपौल जिला में हरदी चौबारा गांव के रहने वाले हैं। राजकुमार का दो साल का एक बेटा है।
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