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बच्चों को सुसंस्कारित करना अभिभावकों का कर्तव्य : भारती
Mon, 04 Aug 2025 03:32 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कुरुक्षेत्र
संवाद न्यूज एजेंसी, कुरुक्षेत्र
Updated Mon, 04 Aug 2025 03:32 AM IST
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लाडवा। दिव्य ज्योति जाग्रति संस्थान आश्रम में संस्थान द्वारा चलाए जा रहे संरक्षण नामक प्रकल्प की ओर से शाहबाद रोड़ बाबैन में कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला के दौरान नन्हें मुन्हे बच्चों ने कला का प्रदर्शन किया।
संस्थान की प्रचारक साध्वी बहन सोनिया भारती ने कहा कि बच्चे देश का भविष्य हैं। केवल बच्चों को जन्म देकर उन्हें भौतिक शिक्षा से शिक्षित करके सुख सुविधाओं के संसाधन उपलब्ध करवा देना ही माता पिता का कर्तव्य नहीं है अपितु उन्हें सुसंस्कारित करके एक अच्छे नागरिक के रूप में समाज में प्रतिष्ठित करना ही अभिभावकों का परम कर्तव्य हैं। जैसे एक वृक्ष की जड़ को सिंचित करने मात्र से ही उसके फल,फूल, पत्ते एवं शाखाएं षित हो जाती है, ठीक इसी प्रकार मानवीय मन मानव के चरित्र, व्यवहार एवं व्यक्तित्व की जड़ है।
आज स्वामी आशुतोष के दिशा निर्देश में संस्थान ब्रह्म ज्ञान के द्वारा मानव के मन को सकारात्मक एवं दिव्य विचारों से पोषित कर रहा है। पांच वर्ष से पंद्रह वर्ष की आयु तक का समय बालक के भीतर संस्कार रोपित करने का होता है। इस अवसर पर सभी को पौधारोपण के लिए पौधे वितरित किए गए ताकि हमारा वातावरण शुद्ध हो सके।
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संस्थान की प्रचारक साध्वी बहन सोनिया भारती ने कहा कि बच्चे देश का भविष्य हैं। केवल बच्चों को जन्म देकर उन्हें भौतिक शिक्षा से शिक्षित करके सुख सुविधाओं के संसाधन उपलब्ध करवा देना ही माता पिता का कर्तव्य नहीं है अपितु उन्हें सुसंस्कारित करके एक अच्छे नागरिक के रूप में समाज में प्रतिष्ठित करना ही अभिभावकों का परम कर्तव्य हैं। जैसे एक वृक्ष की जड़ को सिंचित करने मात्र से ही उसके फल,फूल, पत्ते एवं शाखाएं षित हो जाती है, ठीक इसी प्रकार मानवीय मन मानव के चरित्र, व्यवहार एवं व्यक्तित्व की जड़ है।
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आज स्वामी आशुतोष के दिशा निर्देश में संस्थान ब्रह्म ज्ञान के द्वारा मानव के मन को सकारात्मक एवं दिव्य विचारों से पोषित कर रहा है। पांच वर्ष से पंद्रह वर्ष की आयु तक का समय बालक के भीतर संस्कार रोपित करने का होता है। इस अवसर पर सभी को पौधारोपण के लिए पौधे वितरित किए गए ताकि हमारा वातावरण शुद्ध हो सके।
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