{"_id":"690fa981c9f57bac4d006fc8","slug":"it-is-important-to-spread-the-teachings-of-dhanna-bhagat-to-everyone-krishna-bedi-kurukshetra-news-c-45-1-kur1007-145032-2025-11-09","type":"story","status":"publish","title_hn":"धन्ना भगत की शिक्षा को जन-जन तक पहुंचाना जरूरी : कृष्ण बेदी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
धन्ना भगत की शिक्षा को जन-जन तक पहुंचाना जरूरी : कृष्ण बेदी
विज्ञापन
कुरुक्षेत्र। अंतरराष्ट्रीय जाट धर्मशाला में शनिवार को संत शिरोमणि जाट धन्ना भगत की मूर्ति का अनावरण समारोह बड़ी श्रद्धा और उत्साह के साथ संपन्न हुआ। कार्यक्रम में बतौर मुख्य अतिथि कैबिनेट मंत्री कृष्ण कुमार बेदी ने धर्मशाला में चल रहे विकास कार्यों को ऐतिहासिक करार दिया।
उन्होंने कहा कि इस धर्मशाला में 36 बिरादरी के लिए हर तरह की व्यवस्था है और धन्ना भगत की शिक्षा जन-जन तक पहुंचना जरूरी है और यह शुरुआत उसी दिशा में मूर्ति स्थापित करके कर दी गई है। कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे गन्नौर विधायक देवेंद्र कादयान ने कहा कि धन्ना भगत की शिक्षा से समाज में सद्भाव बढ़ेगा। भविष्य में भी धर्मशाला में कोई भी समाज हित काम होगा प्रत्येक में सहयोग करने की बात कही। अति वशिष्ठ अतिथि सुभाष सुधा ने कहा कि धर्मशाला का प्रशासन और समाज को हमेशा सहयोग मिलता रहा है धन्ना भगत की प्रतिमा से प्रत्येक व्यक्ति को सरल जीवन जीने की प्रेरणा मिलेगी।
अतिथियों में जयभगवान शर्मा ने कहा कि यह कार्यक्रम 36 बिरादरी का कार्यक्रम है और धन्ना भगत 36 बिरादरी के अनुयायी हैं। प्रदीप मोर ने कहा कि धन्ना भगत ने आडंबर की वजह से भक्त और भगवान में बढ़े हुए अंतर को कम करने का काम किया है। अंतरराष्ट्रीय स्तर की व्यवस्था के लिए धर्मशाला को हर तरह का सहयोग करने की बात कही।
विज्ञापन
कार्यक्रम में कुवि के कुलसचिव लेफ्टिनेंट डॉ. विरेंद्र खटकड़ ने कहा कि जरूरत मंदो के लिए लंगर की शुरुआत धन्ना भगत ने की थी और इनके नाम से मंदिर ही नहीं अपितु गुरुद्वारे भी बनाए गए हैं। तीर्थ राणा ने धन्ना भगत की प्रासंगिकता को वर्तमान में भी बताया है और धर्मशाला को हर संभव मदद का आश्वासन दिया।
धर्मशाला के प्रधान डॉ. कृष्ण श्योकंद ने कहा कि संत धन्ना भगत खेती करने वाले 36 बिरादरी के प्रत्येक व्यक्ति के आराध्य हैं। उनकी शिक्षाओं को सर्वसमाज में पहुंचाने के लिए अंतरराष्ट्रीय जाट धर्मशाला प्रतिबद्ध हैं। उन्होंने सभी अतिथियों का स्वागत किया और संस्था को सहयोग देने वाले प्रत्येक व्यक्ति का आभार प्रकट किया।
बॉक्स
अंतरराष्ट्रीय जाट धर्मशाला शहर की अमूल्य धरोहर : स्वामी ज्ञानानंद
कार्यक्रम में पधारे महामंडलेश्वर स्वामी ज्ञानानंद ने संत धन्ना भक्त के जीवन एवं उनकी कृषक भावना पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने धर्मशाला में विद्यार्थियों के लिए निशुल्क भोजन व आवास व्यवस्था की सराहना करते हुए कहा कि धर्मशाला का यह कार्य धन्ना भगत के पद चिन्ह पर चलने जैसा है। साथ ही कहा की अंतरराष्ट्रीय जाट धर्मशाला शहर की अमूल्य धरोहर है।
विज्ञापन
उन्होंने कहा कि इस धर्मशाला में 36 बिरादरी के लिए हर तरह की व्यवस्था है और धन्ना भगत की शिक्षा जन-जन तक पहुंचना जरूरी है और यह शुरुआत उसी दिशा में मूर्ति स्थापित करके कर दी गई है। कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे गन्नौर विधायक देवेंद्र कादयान ने कहा कि धन्ना भगत की शिक्षा से समाज में सद्भाव बढ़ेगा। भविष्य में भी धर्मशाला में कोई भी समाज हित काम होगा प्रत्येक में सहयोग करने की बात कही। अति वशिष्ठ अतिथि सुभाष सुधा ने कहा कि धर्मशाला का प्रशासन और समाज को हमेशा सहयोग मिलता रहा है धन्ना भगत की प्रतिमा से प्रत्येक व्यक्ति को सरल जीवन जीने की प्रेरणा मिलेगी।
विज्ञापन
अतिथियों में जयभगवान शर्मा ने कहा कि यह कार्यक्रम 36 बिरादरी का कार्यक्रम है और धन्ना भगत 36 बिरादरी के अनुयायी हैं। प्रदीप मोर ने कहा कि धन्ना भगत ने आडंबर की वजह से भक्त और भगवान में बढ़े हुए अंतर को कम करने का काम किया है। अंतरराष्ट्रीय स्तर की व्यवस्था के लिए धर्मशाला को हर तरह का सहयोग करने की बात कही।
विज्ञापन
कार्यक्रम में कुवि के कुलसचिव लेफ्टिनेंट डॉ. विरेंद्र खटकड़ ने कहा कि जरूरत मंदो के लिए लंगर की शुरुआत धन्ना भगत ने की थी और इनके नाम से मंदिर ही नहीं अपितु गुरुद्वारे भी बनाए गए हैं। तीर्थ राणा ने धन्ना भगत की प्रासंगिकता को वर्तमान में भी बताया है और धर्मशाला को हर संभव मदद का आश्वासन दिया।
धर्मशाला के प्रधान डॉ. कृष्ण श्योकंद ने कहा कि संत धन्ना भगत खेती करने वाले 36 बिरादरी के प्रत्येक व्यक्ति के आराध्य हैं। उनकी शिक्षाओं को सर्वसमाज में पहुंचाने के लिए अंतरराष्ट्रीय जाट धर्मशाला प्रतिबद्ध हैं। उन्होंने सभी अतिथियों का स्वागत किया और संस्था को सहयोग देने वाले प्रत्येक व्यक्ति का आभार प्रकट किया।
बॉक्स
अंतरराष्ट्रीय जाट धर्मशाला शहर की अमूल्य धरोहर : स्वामी ज्ञानानंद
कार्यक्रम में पधारे महामंडलेश्वर स्वामी ज्ञानानंद ने संत धन्ना भक्त के जीवन एवं उनकी कृषक भावना पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने धर्मशाला में विद्यार्थियों के लिए निशुल्क भोजन व आवास व्यवस्था की सराहना करते हुए कहा कि धर्मशाला का यह कार्य धन्ना भगत के पद चिन्ह पर चलने जैसा है। साथ ही कहा की अंतरराष्ट्रीय जाट धर्मशाला शहर की अमूल्य धरोहर है।