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दंगों से निपटने के लिए पुलिस ट्रेनिंग लेने में जुटी
ब्यूरो/कुरुक्षेत्र,अमर उजाला
Updated Tue, 31 May 2016 12:16 AM IST
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जाट आंदोलन को लेकर कुरुक्षेत्र जिला पुलिस अलर्ट हो गई है। हालांकि फरवरी में हुए आंदोलन के दौरान कुरुक्षेत्र जिला पूरी तरह से शांत रहा था। लेकिन जिला पुलिस 5 जून से आंदोलन की चेतावनी को हल्के में नहीं ले रही है। एसपी सिमरदीप सिंह के मुताबिक पुलिस को दंगों से निपटने की ट्रेनिंग दी जा रही है। परेड के साथ-साथ हर दिन यह ट्रेनिंग पुलिसकर्मियों को दी जा रही है। साथ ही तीन डीएसपी के नेतृत्व में अलग-अलग टीमों का गठन भी कर दिया गया है।
इधर जिला प्रशासन भी आंदोलन को लेकर हर हरकत पर नजर रखे हुए हैं। खुफिया तंत्र को सचेत कर दिया गया है। प्रशासन का दावा है कि हर हलचल पर बारीकी से नजर रखी जा रही है।
एसपी सिमरदीप सिंह ने बताया कि पुलिस विभाग ने भी पूरी तरह से कमर कस ली है। जिसके चलते पुलिस को न केवल दंगों से निपटने के लिए ट्रेनिंग दी जा रही है बल्कि निगरानी बनाए रखने के लिए 3 डीएसपी के नेतृत्व में अलग-अलग टीमें भी बनाई गई है। हालांकि 15 फरवरी से लेकर 21 फरवरी तक हुए पिछले आंदोलन के दौरान प्रदेश के कई जिलों में उपद्रव हुआ था।
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लेकिन कुरुक्षेत्र जिले में मामला शांतिपूर्वक रहा था। उस दौरान समाज के लोगों ने आरक्षण संघर्ष समिति के बैनर केे नीचे शांतिपूर्वक केयू थर्ड गेट के समक्ष धरना दिया था। लेकिन जिला और पुलिस प्रशासन आंदोलन को कतई हल्के में नहीं ले रहा है। सख्त निर्देश जारी कर दिए गए हैं। एसपी ने साफ शब्दों में कहा है कि यदि कोई भी व्यक्ति कानून हाथ में लेने की कोशिश करेगा उसे बख्शा नहीं जाएगा।
प्रशासन पूरी तरह से अलर्ट हो गया है और डीसी से लेकर अन्य अधिकारी भी समाज के संबंधित लोगों की गतिविधियों पर नजर बनाए हुए है। वहीं जिले भर की पल-पल की जानकारी भी खुफिया तंत्र से ली जा रही है। बता दें कि जाट आरक्षण को लेकर पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट द्वारा रोक लगाए जाने के बाद जहां समाज के लोगों ने 5 जून से फिर आंदोलन करने का ऐलान किया है। वहीं रोहतक, झज्जर, सोनीपत, हिसार व जींद में अतिरिक्त सुरक्षा बल की टुकड़ियां बुलाई गई है।
स्थिति सामान्य बनाए रखने के लिए सतर्क है प्रशासन : डीसी
जिला उपायुक्त आरएन कौशिक का कहना है कि जिला भर में स्थिति सामान्य बनी रहे, इसी के लिए ही प्रशासन सतर्क है। उन्हें उम्मीद है कि जिला में पहले की तरह शांति बनी रहेगी, लेकिन जरूरत पड़ी तो प्रशासन आपात स्थिति से निपटने के लिए भी तैयार रहेगा। अभी जिला में अतिरिक्त फोर्स नहीं मांगी गई है, लेकिन कानून व्यवस्था का जिम्मा एसपी का है और जब उन्हें ऐसे हालात दिखाई देंगे तो वह इसकी मांग भी कर सकते है।
कानून हाथ में लिया तो लेंगे कड़ा एक्शन : एसपी
एसपी सिमरदीप सिंह का कहना है कि उन्हें उम्मीद है जिला भर में अमन चैन बना रहेगा, लेकिन किसी ने भी कानून हाथ में लेने का प्रयास किया तो उसके खिलाफ कड़ा एक्शन लिया जाएगा। उन्होंने बताया कि जिला की पूरी पुलिस फोर्स को अलर्ट कर दिया गया है और जरूरत पड़ी तो अतिरिक्त सुरक्षा बल की मांग की जाएगी। उन्होंने माना कि पुलिस को दंगों जैसी स्थिति से निपटने के लिए ट्रेनिंग दी जा रही है तो वहीं डीएसपी के नेतृत्व में टीमेें भी बनाई गई है।
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इधर जिला प्रशासन भी आंदोलन को लेकर हर हरकत पर नजर रखे हुए हैं। खुफिया तंत्र को सचेत कर दिया गया है। प्रशासन का दावा है कि हर हलचल पर बारीकी से नजर रखी जा रही है।
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एसपी सिमरदीप सिंह ने बताया कि पुलिस विभाग ने भी पूरी तरह से कमर कस ली है। जिसके चलते पुलिस को न केवल दंगों से निपटने के लिए ट्रेनिंग दी जा रही है बल्कि निगरानी बनाए रखने के लिए 3 डीएसपी के नेतृत्व में अलग-अलग टीमें भी बनाई गई है। हालांकि 15 फरवरी से लेकर 21 फरवरी तक हुए पिछले आंदोलन के दौरान प्रदेश के कई जिलों में उपद्रव हुआ था।
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लेकिन कुरुक्षेत्र जिले में मामला शांतिपूर्वक रहा था। उस दौरान समाज के लोगों ने आरक्षण संघर्ष समिति के बैनर केे नीचे शांतिपूर्वक केयू थर्ड गेट के समक्ष धरना दिया था। लेकिन जिला और पुलिस प्रशासन आंदोलन को कतई हल्के में नहीं ले रहा है। सख्त निर्देश जारी कर दिए गए हैं। एसपी ने साफ शब्दों में कहा है कि यदि कोई भी व्यक्ति कानून हाथ में लेने की कोशिश करेगा उसे बख्शा नहीं जाएगा।
प्रशासन पूरी तरह से अलर्ट हो गया है और डीसी से लेकर अन्य अधिकारी भी समाज के संबंधित लोगों की गतिविधियों पर नजर बनाए हुए है। वहीं जिले भर की पल-पल की जानकारी भी खुफिया तंत्र से ली जा रही है। बता दें कि जाट आरक्षण को लेकर पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट द्वारा रोक लगाए जाने के बाद जहां समाज के लोगों ने 5 जून से फिर आंदोलन करने का ऐलान किया है। वहीं रोहतक, झज्जर, सोनीपत, हिसार व जींद में अतिरिक्त सुरक्षा बल की टुकड़ियां बुलाई गई है।
स्थिति सामान्य बनाए रखने के लिए सतर्क है प्रशासन : डीसी
जिला उपायुक्त आरएन कौशिक का कहना है कि जिला भर में स्थिति सामान्य बनी रहे, इसी के लिए ही प्रशासन सतर्क है। उन्हें उम्मीद है कि जिला में पहले की तरह शांति बनी रहेगी, लेकिन जरूरत पड़ी तो प्रशासन आपात स्थिति से निपटने के लिए भी तैयार रहेगा। अभी जिला में अतिरिक्त फोर्स नहीं मांगी गई है, लेकिन कानून व्यवस्था का जिम्मा एसपी का है और जब उन्हें ऐसे हालात दिखाई देंगे तो वह इसकी मांग भी कर सकते है।
कानून हाथ में लिया तो लेंगे कड़ा एक्शन : एसपी
एसपी सिमरदीप सिंह का कहना है कि उन्हें उम्मीद है जिला भर में अमन चैन बना रहेगा, लेकिन किसी ने भी कानून हाथ में लेने का प्रयास किया तो उसके खिलाफ कड़ा एक्शन लिया जाएगा। उन्होंने बताया कि जिला की पूरी पुलिस फोर्स को अलर्ट कर दिया गया है और जरूरत पड़ी तो अतिरिक्त सुरक्षा बल की मांग की जाएगी। उन्होंने माना कि पुलिस को दंगों जैसी स्थिति से निपटने के लिए ट्रेनिंग दी जा रही है तो वहीं डीएसपी के नेतृत्व में टीमेें भी बनाई गई है।