फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Kurukshetra News ›   International Geeta Jayanti Mela Authority comes into existence, five members nominated

Kurukshetra News: अस्तित्व में आया अंतरराष्ट्रीय गीता जयंती मेला प्राधिकरण, पांच सदस्य किए मनोनीत

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Mon, 19 Aug 2024 05:54 AM IST
विज्ञापन
International Geeta Jayanti Mela Authority comes into existence, five members nominated
कुरुक्षेत्र। भविष्य में सूरजकुंड व प्रयागराज की तर्ज पर अंतरराष्ट्रीय गीता महोत्सव का आयोजन अंतरराष्ट्रीय गीता जयंती मेला प्राधिकरण द्वारा किया जाना है, जिसे धरातल पर लाए जाने की कवायद तेज हो गई है। हाल ही में गीता मनीषी स्वामी ज्ञानानंद को प्राधिकरण का उपाध्यक्ष बनाया गया तो वहीं अब पांच सदस्य भी प्रदेश सरकार ने मनोनीत कर दिए हैं। नए सदस्यों को लेकर गत तीन दिन पहले अधिसूचना भी जारी हो चुकी है। नामित किए गए सदस्यों में कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय स्थित डॉ. बीआर आंबेडकर स्टडी सेंटर के सहायक निदेशक डॉ. प्रीतम सिंह, विजय नरूला, डॉ. अवनीत सिंह, सौरभ चौधरी व फरीदाबाद के रहने वाले डॉ. गौरव अग्रवाल शामिल है।
विज्ञापन

पिछले 34 साल से कुरुक्षेत्र विकास बोर्ड ही इस महोत्सव का आयोजन करता रहा है। इस बार भी प्राधिकरण पूरी तरह से कार्यरूप में नहीं आया है, जिसके चलते फिलहाल केडीबी द्वारा ही नवंबर-दिसंबर में मनाए जाने वाले गीता महोत्सव की तैयारी में जुटा है। यहां तक कि जिला प्रशासन की बैठक में पूरी कार्ययोजना भी तैयार की जा चुकी है तो वहीं अनेक कार्यों को लेकर केडीबी आचार संहिता लागू होने से पहले ही टेंडर प्रक्रिया भी शुरू कर चुका है। सरकार की ओर से भी फिलहाल केडीबी को ही आयोजन को लेकर निर्देश है, जिसके साथ ही यह भी स्पष्ट किया जा चुका है कि प्राधिकरण पूर्ण रूप में धरातल पर आया तो एन वक्त पर आयोजन इसके द्वारा ही किया जाएगा। केडीबी की ओर से तब सभी तैयारी प्राधिकरण को सौंप दी जाएंगी।
विज्ञापन




1989 में मनाया जाने लगा था जिला स्तरीय उत्सव
महोत्सव की शुरुआत साल 1989 में जिलास्तरीय उत्सव के रूप में हुई थी जबकि इससे पहले सामाजिक संस्थाएं अपने स्तर पर यह महोत्सव मनाती रही हैं। 1968 में बने कुरुक्षेत्र विकास बोर्ड ने गीता महोत्सव को व्यापक स्वरूप 1992 में ही देना शुरू किया और शिल्प व सरस मेला लगाया जाने लगा तो सांस्कृतिक व धार्मिक आयोजन भी बढ़ाए गए। इसके बाद 24 वर्षों तक इसी तर्ज पर मेला चलाया जाता रहा तो वर्ष 2015 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सुझाव पर वर्ष 2016 में प्रदेश सरकार ने पहली बार इसे अंतरराष्ट्रीय स्वरूप देना शुरू किया, जिसके साथ ही न केवल स्थानीय स्तर पर बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी इसे नया स्वरूप दिए जाने के प्रयास किए जाते रहे।
विज्ञापन
विज्ञापन



हम अपनी तैयारी में जुटे : सिंघल
केडीबी के मानद सचिव उपेंद्र सिंघल का कहना है कि बोर्ड महोत्सव को लेकर अपनी तैयारी में जुटा है। नवंबर-दिसंबर माह में आयोजन होना है, जिसके लिए कई टेंडर प्रक्रिया शुरू की हुई है। आगे जैसे भी सरकार के निर्देश होंगे उसी अनुसार कार्य किया जाएगा।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed