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चौटाला व बादल के हाथों में न खेलें निर्दलीय : झींडा
Tue, 04 Feb 2025 02:11 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कुरुक्षेत्र
संवाद न्यूज एजेंसी, कुरुक्षेत्र
Updated Tue, 04 Feb 2025 02:11 AM IST
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कुरुक्षेत्र। हरियाणा सिख गुरुद्वारा प्रबंधन कमेटी के चुनाव में विजयी रहे निर्दलीय प्रत्याशियों को इनेलो नेता अभय चौटाला व अकाली नेता सुखबीर सिंह बादल के हाथों नहीं खेलना चाहिए। 22 साल के कड़े संघर्ष के बाद पहली बार बनने जा रही हरियाणा की कमेटी की कमान फिर बादल के हाथ गई तो संगत जीते हुए निर्दलियों को माफ नहीं करेगी।
ऐसे में निर्दलियों को अपने लोगों को ही कमेटी की कमान सौंपनी चाहिए। यह कहना है जगदीश सिंह झींडा का। वह सोमवार को डेरा कार सेवा में पत्रकारों से बातचीत कर रहे थे। झींडा ने कहा, प्रदेश के गुरुघरों की देखभाल सही तरीके से नहीं की गई और गोल्लक लूटे जाते रहे। इसके निपटने के लिए हरियाणा की संगत ने अपनी कमेटी बनाने का फैसला किया था। दो दशक तक कड़ा संघर्ष करना पड़ा तो जेल तक काटनी पड़ी। अब अपनी कमेटी बनाने का मौका आया है तो संगत ने आजाद प्रत्याशियों को बहुमत से जिताया है। ऐसे में संगत की भावना की कद्र करनी चाहिए और सभी को मिलकर अपने लोगों की बेहतर कमेटी बनानी चाहिए, ताकि गुरुघरों की संभाल सही हो सके। उन्होंने कहा कि बादल का लंबे समय से एसजीपीसी के जरिए गुरुघरों पर कब्जा रहा। जब हरियाणा सरकार ने 2014 में अलग कमेटी के लिए बिल पास किया तो इसे सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी गई। सुप्रीम कोर्ट ने हरियाणा के सिखों के हक में फैसला दिया।
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ऐसे में निर्दलियों को अपने लोगों को ही कमेटी की कमान सौंपनी चाहिए। यह कहना है जगदीश सिंह झींडा का। वह सोमवार को डेरा कार सेवा में पत्रकारों से बातचीत कर रहे थे। झींडा ने कहा, प्रदेश के गुरुघरों की देखभाल सही तरीके से नहीं की गई और गोल्लक लूटे जाते रहे। इसके निपटने के लिए हरियाणा की संगत ने अपनी कमेटी बनाने का फैसला किया था। दो दशक तक कड़ा संघर्ष करना पड़ा तो जेल तक काटनी पड़ी। अब अपनी कमेटी बनाने का मौका आया है तो संगत ने आजाद प्रत्याशियों को बहुमत से जिताया है। ऐसे में संगत की भावना की कद्र करनी चाहिए और सभी को मिलकर अपने लोगों की बेहतर कमेटी बनानी चाहिए, ताकि गुरुघरों की संभाल सही हो सके। उन्होंने कहा कि बादल का लंबे समय से एसजीपीसी के जरिए गुरुघरों पर कब्जा रहा। जब हरियाणा सरकार ने 2014 में अलग कमेटी के लिए बिल पास किया तो इसे सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी गई। सुप्रीम कोर्ट ने हरियाणा के सिखों के हक में फैसला दिया।
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