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Kurukshetra News: ब्रह्मसरोवर के पावन तट पर मनाया स्वतंत्रता दिवस
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कुरुक्षेत्र। कुरुक्षेत्र विकास बोर्ड एवं गीतांजलि-गीतों का कारवां के संयुक्त तत्वावधान में भारत का 79वां स्वतंत्रता दिवस ब्रह्मसरोवर की पावन तट पर अत्यंत हर्षोल्लास और सांस्कृतिक भव्यता के साथ मनाया गया। पुरुषोत्तमपुरा बाग परिसर में तिरंगे की शोभा और देशभक्ति के गीतों की गूंज ने वातावरण को अलौकिक बना दिया।
पूर्व राज्यमंत्री सुभाष सुधा मुख्य अतिथि के रूप में तथा स्वामी योगेशानंद, शिष्य दिव्य गुरु आशुतोष महाराज (संस्थापक एवं संचालक दिव्य ज्योति जाग्रति संस्थान) विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहे।
पूर्व राज्यमंत्री सुभाष सुधा ने कहा कि स्वतंत्रता दिवस केवल उत्सव का दिन नहीं, बल्कि यह हमें बलिदानियों की अमर गाथा और उनके अधूरे सपनों को पूरा करने का संकल्प दिलाने का अवसर है। ब्रह्मसरोवर की पावन धरती पर जब सांस्कृतिक कार्यक्रम होते हैं, तो हमारी राष्ट्रीय अस्मिता और सांस्कृतिक चेतना और अधिक प्रबल होती है।
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स्वामी योगेशानंद ने कहा कि भारत की स्वतंत्रता हमारे शहीदों की धरोहर है। इस अवसर पर हमें आत्मशुद्धि, सेवा और समाज सुधार का संकल्प लेना चाहिए। यदि हमें राष्ट्र को सशक्त बनाना है तो सबसे पहले अपने बच्चों में संस्कारों की ज्योति जगानी होगी। अच्छे संस्कार ही नई पीढ़ी को राष्ट्रप्रेम, नैतिकता और मानवता से परिपूर्ण बना सकते हैं। इस मौके पर डॉ. ऋषि पाल मथाना, अशोक रोशा, कैप्टन परमजीत सिंह एवं एमके मौदगिल मौजूद रहे।
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पूर्व राज्यमंत्री सुभाष सुधा मुख्य अतिथि के रूप में तथा स्वामी योगेशानंद, शिष्य दिव्य गुरु आशुतोष महाराज (संस्थापक एवं संचालक दिव्य ज्योति जाग्रति संस्थान) विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहे।
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पूर्व राज्यमंत्री सुभाष सुधा ने कहा कि स्वतंत्रता दिवस केवल उत्सव का दिन नहीं, बल्कि यह हमें बलिदानियों की अमर गाथा और उनके अधूरे सपनों को पूरा करने का संकल्प दिलाने का अवसर है। ब्रह्मसरोवर की पावन धरती पर जब सांस्कृतिक कार्यक्रम होते हैं, तो हमारी राष्ट्रीय अस्मिता और सांस्कृतिक चेतना और अधिक प्रबल होती है।
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स्वामी योगेशानंद ने कहा कि भारत की स्वतंत्रता हमारे शहीदों की धरोहर है। इस अवसर पर हमें आत्मशुद्धि, सेवा और समाज सुधार का संकल्प लेना चाहिए। यदि हमें राष्ट्र को सशक्त बनाना है तो सबसे पहले अपने बच्चों में संस्कारों की ज्योति जगानी होगी। अच्छे संस्कार ही नई पीढ़ी को राष्ट्रप्रेम, नैतिकता और मानवता से परिपूर्ण बना सकते हैं। इस मौके पर डॉ. ऋषि पाल मथाना, अशोक रोशा, कैप्टन परमजीत सिंह एवं एमके मौदगिल मौजूद रहे।