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जी-20 की अध्यक्षता करना महत्वपूर्ण : भाटिया
Sat, 29 Apr 2023 01:34 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कुरुक्षेत्र
संवाद न्यूज एजेंसी, कुरुक्षेत्र
Updated Sat, 29 Apr 2023 01:34 AM IST
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संवाद न्यूज एजेंसी
कुरुक्षेत्र। भारत का विश्व के सबसे शक्तिशाली समूह जी-20 की अध्यक्षता करना न केवल भारत के लिए बल्कि विकासशील देशों के लिए भी बहुत अधिक महत्वपूर्ण है। भारत पहली बार जी-20 का अध्यक्ष बना है, जिसकी अध्यक्षता एक दिसंबर 2022 को ग्रहण की है। ये बातें राजीव भाटिया, सेवानिवृत्त राजदूत एवं प्रतिष्ठित फेलो, गेटवे हाउस, विदेश नीति अध्ययन कार्यक्रम और विदेश मंत्रालय भारत सरकार ने शुक्रवार को केयू सीनेट हॉल में आयोजित विशेष व्याख्यान में बतौर मुख्य वक्ता कहे।
भाटिया ने बताया कि जी-20 विश्व के सबसे शक्तिशाली समूह में से एक हैं और यह अंतरराष्ट्रीय आर्थिक सहयोग के लिए दुनिया का प्रमुख आर्थिक मंच है, जो सबसे विकसित और उभरती हुई अर्थव्यवस्थाओं का अभिसरण है। उन्होंने कहा कि जी-20 की अध्यक्षता भारत सहित विकासशील देशों के लिए महत्वपूर्ण है।
केयू कुलपति प्रो. सोमनाथ सचदेवा ने कहा कि भारत विश्व का सबसे अधिक युवा आबादी वाला देश है। यह भारत की शक्ति है परंतु इसके साथ-साथ एक चुनौती का भी देश सामना कर रहा है जोकि 37 करोड युवाओं को रोजगार के अवसर मुहैया कराना है। इतनी बड़ी आबादी को रोजगार प्रदान करने के लिए यह अति आवश्यक है, कि युवाओं में कौशल विकास की ओर विशेष ध्यान दिया जाए। पाठ्यक्रम वर्तमान आवश्यकता के अनुसार रोजगार प्रदान करने वाला होना चाहिए।
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स्कूल ऑफ इंटीग्रेटेड कोस्टल एंड मैरिटाइम सिक्योरिटी स्टडीज के निदेशक डॉ. विजय सखूजा ने बताया कि नीली अर्थव्यवस्था में विकास एवं समृद्धि के अपार अवसर छिपे हुए हैं, एक अनुमान के अनुसार नीली अर्थव्यवस्था का मूल्य 24 ट्रिलियन डॉलर आका गया है। इसमें समुद्री पर्यटन, मत्स्य उद्योग, ऊर्जा, तकनीक इत्यादि के अनेक अवसर छुपे हुए हैं। सखूजा ने अपने वक्तव्य में इस बात पर जोर दिया की नीली अर्थव्यवस्था हमारे पाठ्यक्रम का भाग होनी चाहिए।
इंटरनेशनल सेंटर फॉर इंडो-पैसिफिक स्टडीज के निदेशक प्रो. वीएन अत्री ने व्याख्यान के महत्व पर प्रकाश डालते हुए बताया कि सेंटर का उद्देश्य लोगों को नीली अर्थव्यवस्था के बारे में बात करने के लिए, अनुसंधान करने के लिए प्रेरित करना है। इस मौके पर प्रो. अशोक कुमार चौहान, डॉ. निधि बागरिया, प्रो. प्रदीप चौहान, डॉ. अर्चना चौधरी, डॉ. इशू गर्ग, डॉ. मोनिका, डॉ. राजेंद्र, डॉ. राजेश, डॉ. रजनी शर्मा, डॉ. हेमलता शर्मा, डॉ. मनोज कुमार, अश्वनी, सुमित, विनय, कांता, नीलम, दीपा, टीनू सहित अन्य मौजूद रहे।
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कुरुक्षेत्र। भारत का विश्व के सबसे शक्तिशाली समूह जी-20 की अध्यक्षता करना न केवल भारत के लिए बल्कि विकासशील देशों के लिए भी बहुत अधिक महत्वपूर्ण है। भारत पहली बार जी-20 का अध्यक्ष बना है, जिसकी अध्यक्षता एक दिसंबर 2022 को ग्रहण की है। ये बातें राजीव भाटिया, सेवानिवृत्त राजदूत एवं प्रतिष्ठित फेलो, गेटवे हाउस, विदेश नीति अध्ययन कार्यक्रम और विदेश मंत्रालय भारत सरकार ने शुक्रवार को केयू सीनेट हॉल में आयोजित विशेष व्याख्यान में बतौर मुख्य वक्ता कहे।
भाटिया ने बताया कि जी-20 विश्व के सबसे शक्तिशाली समूह में से एक हैं और यह अंतरराष्ट्रीय आर्थिक सहयोग के लिए दुनिया का प्रमुख आर्थिक मंच है, जो सबसे विकसित और उभरती हुई अर्थव्यवस्थाओं का अभिसरण है। उन्होंने कहा कि जी-20 की अध्यक्षता भारत सहित विकासशील देशों के लिए महत्वपूर्ण है।
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केयू कुलपति प्रो. सोमनाथ सचदेवा ने कहा कि भारत विश्व का सबसे अधिक युवा आबादी वाला देश है। यह भारत की शक्ति है परंतु इसके साथ-साथ एक चुनौती का भी देश सामना कर रहा है जोकि 37 करोड युवाओं को रोजगार के अवसर मुहैया कराना है। इतनी बड़ी आबादी को रोजगार प्रदान करने के लिए यह अति आवश्यक है, कि युवाओं में कौशल विकास की ओर विशेष ध्यान दिया जाए। पाठ्यक्रम वर्तमान आवश्यकता के अनुसार रोजगार प्रदान करने वाला होना चाहिए।
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स्कूल ऑफ इंटीग्रेटेड कोस्टल एंड मैरिटाइम सिक्योरिटी स्टडीज के निदेशक डॉ. विजय सखूजा ने बताया कि नीली अर्थव्यवस्था में विकास एवं समृद्धि के अपार अवसर छिपे हुए हैं, एक अनुमान के अनुसार नीली अर्थव्यवस्था का मूल्य 24 ट्रिलियन डॉलर आका गया है। इसमें समुद्री पर्यटन, मत्स्य उद्योग, ऊर्जा, तकनीक इत्यादि के अनेक अवसर छुपे हुए हैं। सखूजा ने अपने वक्तव्य में इस बात पर जोर दिया की नीली अर्थव्यवस्था हमारे पाठ्यक्रम का भाग होनी चाहिए।
इंटरनेशनल सेंटर फॉर इंडो-पैसिफिक स्टडीज के निदेशक प्रो. वीएन अत्री ने व्याख्यान के महत्व पर प्रकाश डालते हुए बताया कि सेंटर का उद्देश्य लोगों को नीली अर्थव्यवस्था के बारे में बात करने के लिए, अनुसंधान करने के लिए प्रेरित करना है। इस मौके पर प्रो. अशोक कुमार चौहान, डॉ. निधि बागरिया, प्रो. प्रदीप चौहान, डॉ. अर्चना चौधरी, डॉ. इशू गर्ग, डॉ. मोनिका, डॉ. राजेंद्र, डॉ. राजेश, डॉ. रजनी शर्मा, डॉ. हेमलता शर्मा, डॉ. मनोज कुमार, अश्वनी, सुमित, विनय, कांता, नीलम, दीपा, टीनू सहित अन्य मौजूद रहे।