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इतिहास लेखन में निष्पक्षता जरूरी : पद्मश्री तंवर
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कुरुक्षेत्र। इतिहास लेखन तथ्यों और प्रमाणों पर आधारित होना चाहिए। सोशल मीडिया के बढ़ते प्रभाव के बीच इतिहास की वस्तुनिष्ठता बनाए रखना बड़ी चुनौती है। इतिहास को विवादों से दूर रखते हुए निष्पक्ष दृष्टिकोण अपनाना जरूरी है।
यह बात भारतीय ऐतिहासिक अनुसंधान परिषद, नई दिल्ली के अध्यक्ष पद्मश्री प्रो. रघुवेंद्र तंवर ने कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय में हरियाणा इतिहास कांग्रेस के 11वें अधिवेशन के शुभारंभ पर कही। दो दिवसीय अधिवेशन में 18 राज्यों के 200 से अधिक प्रतिनिधियों और शोधकर्ताओं ने भाग लिया। कार्यक्रम की शुरुआत दीप प्रज्ज्वलन और विश्वविद्यालय के कुलगीत से हुई।
इस दौरान हरियाणा इतिहास कांग्रेस की कार्यवाही का पांचवां खंड (2026) जारी किया गया। वहीं, वर्ष 2025 के दसवें अधिवेशन में प्रस्तुत शोध पत्रों में से पांच श्रेष्ठ शोध पत्रों के लेखकों को सम्मानित किया गया।
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कुलपति प्रो. सोमनाथ सचदेवा ने इतिहास को समाज की सांस्कृतिक पहचान, परंपराओं और विकास यात्रा समझने का माध्यम बताया। उन्होंने हरियाणा इतिहास कांग्रेस के स्थायी कार्यालय के लिए विश्वविद्यालय परिसर में स्थान उपलब्ध करवाने की घोषणा की।
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यह बात भारतीय ऐतिहासिक अनुसंधान परिषद, नई दिल्ली के अध्यक्ष पद्मश्री प्रो. रघुवेंद्र तंवर ने कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय में हरियाणा इतिहास कांग्रेस के 11वें अधिवेशन के शुभारंभ पर कही। दो दिवसीय अधिवेशन में 18 राज्यों के 200 से अधिक प्रतिनिधियों और शोधकर्ताओं ने भाग लिया। कार्यक्रम की शुरुआत दीप प्रज्ज्वलन और विश्वविद्यालय के कुलगीत से हुई।
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इस दौरान हरियाणा इतिहास कांग्रेस की कार्यवाही का पांचवां खंड (2026) जारी किया गया। वहीं, वर्ष 2025 के दसवें अधिवेशन में प्रस्तुत शोध पत्रों में से पांच श्रेष्ठ शोध पत्रों के लेखकों को सम्मानित किया गया।
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कुलपति प्रो. सोमनाथ सचदेवा ने इतिहास को समाज की सांस्कृतिक पहचान, परंपराओं और विकास यात्रा समझने का माध्यम बताया। उन्होंने हरियाणा इतिहास कांग्रेस के स्थायी कार्यालय के लिए विश्वविद्यालय परिसर में स्थान उपलब्ध करवाने की घोषणा की।