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Kurukshetra News: भाकियू फिर आंदोलन की राह पर, 10 सितंबर को निकालेंगे जुलूस
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कुरुक्षेत्र। एमएसपी, कर्जमुक्ति और बेरोजगारी के मुद्दे को लेकर भारतीय किसान यूनियन (चढूनी) फिर आंदोलन की राह पर है। यूनियन की ओर से 25 नवंबर को पिपली में किसान रैली का आयोजन किया जाएगा, वहीं 10 सितंबर को जिला मुख्यालयों पर रोष जुलूस निकाले जाएंगे।
यह एलान वीरवार को जाट धर्मशाला में हुई बैठक में किया गया। अध्यक्षता करते हुए राष्ट्रीय अध्यक्ष गुरनाम सिंह चढूनी ने कहा की आज देश में बड़े बदलाव की ज़रूरत है, क्योंकि आज बेरोज़गारी देश में चरम सीमा पर है और पढ़े लिखा युवा का भी आठ से 10 हजार रुपये प्रति महीना के वेतन पर शोषण किया जा रहा है। पिपली रैली में देश भर से किसान शिरकत करेंगे और ये रैली देश में किसान राजनीति को नई दिशा देने का काम करेगी। किसान सरकार की ग़लत नीतियों से आर्थिक रूप से पिछड़ते जा रहे हैं और कर्ज के बोझ में दब चुके हैं, ऐसे में सरकार को तुरंत किसानों और मज़दूरों का क़र्ज़ माफ़ करना चाहिए। उन्होंने कहा कि बैंक लिमिट व लोन के बहाने किसान की करोड़ों की ज़मीन हथियाने का षड्यंत्र कर रहे हैं। चढूनी ने किसानों से आह्वान किया कि वे इन सभी मुद्दों को लेकर आंदोलन करने के लिए तैयार रहें। इस दौरान मेरठ के कुछ किसानों ने भाकियू(भानु) को छोड़कर किसान यूनियन चढूनी में शामिल होने का दावा किया। करीब तीन घंटे तक चली बैठक में हर मुद्दे को लेकर विस्तार से चर्चा की गई। इस दौरान संगठन को मजबूत बनाने को लेकर भी रणनीति बनाई गई। बैठक में पंजाब, हरियाणा, उत्तर प्रदेश, हिमाचल, राजस्थान उत्तराखंड से भी संगठन के पदाधिक़ारी शामिल हुए। बैठक में देश के मौजूदा हालातों और विभिन्न मुद्दों पर चर्चा की गई।
बैठक में पंजाब के प्रदेश अध्यक्ष दिलबाग गिल,उत्तर प्रदेश के प्रदेश अध्यक्ष सूबे सिंह डांगुर, कार्यकारी प्रदेश अध्यक्ष हरियाणा कर्म सिंह मथाना, हिमाचल प्रदेश अध्यक्ष तरसेम सिंह,राजस्थान प्रदेश अध्यक्ष महावीर गुर्जर। महिला प्रदेश अध्यक्ष हरियाणा सुमन हुड़ा,मनोज नागर राष्ट्रीय महासचिव व राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश बैंस, प्रदेश प्रवक्ता प्रिंस वड़ैच युवा प्रदेश अध्यक्ष विक्रम कसाना अन्य किसान नेता मौजूद रहे।
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अब केसरिया रंग की होगी भाकियू की पगड़ी औ पटका
बैठक में गांव स्तर पर कमेटियां बनाकर संगठन को मज़बूत करने के निर्देश दिए तो वहीं हर पदाधिकारी को घर पर भाकियू का झंडा लगाने और आंदोलन व अन्य कार्यक्रम के दौरान केसरिया रंग की पगड़ी व पटका पहनने का भी आह्वान किया।
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इन मुद्दों को लेकर जिला मुख्यालयों पर होंगे रोष प्रदर्शन
-सभी फसलों पर एमएसपी गारंटी दी जाए।
- डब्ल्यूटीओ का मुकाबला करने और खेती की लागत कम करने के लिए सभी कृषि यंत्र निशुल्क प्रयोग के लिए दिए जाएं।
- खराब फसल का मुआवजा 30 हजार रुपये प्रति एकड़ दिए जाएं।
- प्रति एकड़ 12 हजार रुपये का अनुदान सरकार द्वारा दिया जाए।
- बेरोज़गारों को कारोबार करने के लिए दो लाख की ब्याजमुक्त आर्थिक सहायता दी जाए।
- शिक्षा व स्वास्थ्य मूलभूत जरूरत है, इसलिए ये हर नागरिक के लिए निशुल्क हो।
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यह एलान वीरवार को जाट धर्मशाला में हुई बैठक में किया गया। अध्यक्षता करते हुए राष्ट्रीय अध्यक्ष गुरनाम सिंह चढूनी ने कहा की आज देश में बड़े बदलाव की ज़रूरत है, क्योंकि आज बेरोज़गारी देश में चरम सीमा पर है और पढ़े लिखा युवा का भी आठ से 10 हजार रुपये प्रति महीना के वेतन पर शोषण किया जा रहा है। पिपली रैली में देश भर से किसान शिरकत करेंगे और ये रैली देश में किसान राजनीति को नई दिशा देने का काम करेगी। किसान सरकार की ग़लत नीतियों से आर्थिक रूप से पिछड़ते जा रहे हैं और कर्ज के बोझ में दब चुके हैं, ऐसे में सरकार को तुरंत किसानों और मज़दूरों का क़र्ज़ माफ़ करना चाहिए। उन्होंने कहा कि बैंक लिमिट व लोन के बहाने किसान की करोड़ों की ज़मीन हथियाने का षड्यंत्र कर रहे हैं। चढूनी ने किसानों से आह्वान किया कि वे इन सभी मुद्दों को लेकर आंदोलन करने के लिए तैयार रहें। इस दौरान मेरठ के कुछ किसानों ने भाकियू(भानु) को छोड़कर किसान यूनियन चढूनी में शामिल होने का दावा किया। करीब तीन घंटे तक चली बैठक में हर मुद्दे को लेकर विस्तार से चर्चा की गई। इस दौरान संगठन को मजबूत बनाने को लेकर भी रणनीति बनाई गई। बैठक में पंजाब, हरियाणा, उत्तर प्रदेश, हिमाचल, राजस्थान उत्तराखंड से भी संगठन के पदाधिक़ारी शामिल हुए। बैठक में देश के मौजूदा हालातों और विभिन्न मुद्दों पर चर्चा की गई।
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बैठक में पंजाब के प्रदेश अध्यक्ष दिलबाग गिल,उत्तर प्रदेश के प्रदेश अध्यक्ष सूबे सिंह डांगुर, कार्यकारी प्रदेश अध्यक्ष हरियाणा कर्म सिंह मथाना, हिमाचल प्रदेश अध्यक्ष तरसेम सिंह,राजस्थान प्रदेश अध्यक्ष महावीर गुर्जर। महिला प्रदेश अध्यक्ष हरियाणा सुमन हुड़ा,मनोज नागर राष्ट्रीय महासचिव व राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश बैंस, प्रदेश प्रवक्ता प्रिंस वड़ैच युवा प्रदेश अध्यक्ष विक्रम कसाना अन्य किसान नेता मौजूद रहे।
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अब केसरिया रंग की होगी भाकियू की पगड़ी औ पटका
बैठक में गांव स्तर पर कमेटियां बनाकर संगठन को मज़बूत करने के निर्देश दिए तो वहीं हर पदाधिकारी को घर पर भाकियू का झंडा लगाने और आंदोलन व अन्य कार्यक्रम के दौरान केसरिया रंग की पगड़ी व पटका पहनने का भी आह्वान किया।
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इन मुद्दों को लेकर जिला मुख्यालयों पर होंगे रोष प्रदर्शन
-सभी फसलों पर एमएसपी गारंटी दी जाए।
- डब्ल्यूटीओ का मुकाबला करने और खेती की लागत कम करने के लिए सभी कृषि यंत्र निशुल्क प्रयोग के लिए दिए जाएं।
- खराब फसल का मुआवजा 30 हजार रुपये प्रति एकड़ दिए जाएं।
- प्रति एकड़ 12 हजार रुपये का अनुदान सरकार द्वारा दिया जाए।
- बेरोज़गारों को कारोबार करने के लिए दो लाख की ब्याजमुक्त आर्थिक सहायता दी जाए।
- शिक्षा व स्वास्थ्य मूलभूत जरूरत है, इसलिए ये हर नागरिक के लिए निशुल्क हो।