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Kurukshetra News: एचएसजीएमसी के प्रधान ने पंजाब के मुख्यमंत्री के बयान पर जताई नाराजगी
Tue, 30 Jun 2026 02:55 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कुरुक्षेत्र
संवाद न्यूज एजेंसी, कुरुक्षेत्र
Updated Tue, 30 Jun 2026 02:55 AM IST
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कुरुक्षेत्र। पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान की ओर से हाल ही में श्री अकाल तख्त साहिब के संबंध में दिए बयान पर हरियाणा सिख गुरुद्वारा प्रबंधन कमेटी के प्रधान जत्थेदार जगदीश सिंह झींडा ने नाराजगी जताई है। गुरुद्वारा छठी पातशाही में सोमवार को पत्रकारों से चर्चा के दौरान उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री को श्री अकाल तख्त के बारे में गलत शब्दों का प्रयोग नहीं होना चाहिए। श्री अकाल तख्त सिर्फ सिखों की धार्मिक संस्था नहीं बल्कि सिख पंथ की सबसे बड़ी न्याय व्यवस्था भी है। ऐसे में सभी को इसका सम्मान करना चाहिए।
उन्होंने कहा कि श्री अकाल तख्त पर हमेशा से ही पंथ से जुड़े फैसले लिए जाते रहे और महाराजा रणजीत सिंह, पूर्व राष्ट्रपति ज्ञानी जैल सिंह व पूर्व मुख्यमंत्री सुरजीत सिंह बरनाला जैसे बड़े नेता भी श्री अकाल तख्त के सामने अपना पक्ष रख चुके हैं। उन्होंने कहा कि बेअदबी कानून में किसी तरह के संशोधन की जरूरत है तो सरकार उस पर विचार करें। पंजाब सरकार को भी अपना पक्ष रखना चाहिए। गुरुघर की अपनी मर्यादा है। झींडा ने नांदेड़ साहिब से जुड़े कानून में बदलाव पर कहा कि फिलहाल वहां की सरकार ने यह प्रक्रिया रोक दी है लेकिन भविष्य में ऐसे बदलाव लाने से पहले सिख समुदाय की राय जरूर ली जानी चाहिए। संवाद
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उन्होंने कहा कि श्री अकाल तख्त पर हमेशा से ही पंथ से जुड़े फैसले लिए जाते रहे और महाराजा रणजीत सिंह, पूर्व राष्ट्रपति ज्ञानी जैल सिंह व पूर्व मुख्यमंत्री सुरजीत सिंह बरनाला जैसे बड़े नेता भी श्री अकाल तख्त के सामने अपना पक्ष रख चुके हैं। उन्होंने कहा कि बेअदबी कानून में किसी तरह के संशोधन की जरूरत है तो सरकार उस पर विचार करें। पंजाब सरकार को भी अपना पक्ष रखना चाहिए। गुरुघर की अपनी मर्यादा है। झींडा ने नांदेड़ साहिब से जुड़े कानून में बदलाव पर कहा कि फिलहाल वहां की सरकार ने यह प्रक्रिया रोक दी है लेकिन भविष्य में ऐसे बदलाव लाने से पहले सिख समुदाय की राय जरूर ली जानी चाहिए। संवाद
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