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संग्रहालय में दिखेगा गीता, महाभारत, सरस्वती नदी और कुरुक्षेत्र का इतिहास
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आरती करते मुख्य सचिव संजीव कौशल साथ में उपायुक्त मुकुल कुमार। संवाद
- फोटो : Kurukshetra
कुरुक्षेत्र। विश्व में पर्यटन की दृष्टि से कुरुक्षेत्र की एक अलग पहचान बनी है। इस धर्मक्षेत्र को सरकार की तरफ से पर्यटन क्षेत्र में अधिक बढ़ावा भी दिया जा रहा है। गीता उपदेश स्थली ज्योतिसर को विश्व का दर्शनीय स्थल बनाने पर सरकार की तरफ से करीब 209 करोड़ रुपये की राशि खर्च की जा रही है। इस स्थल पर विश्व स्तरीय संग्रहालय स्थापित किए जा रहे हैं। यह बातें प्रदेश के मुख्य सचिव संजीव कौशल ने ब्रह्मसरोवर पर कुरुक्षेत्र विकास बोर्ड की तरफ से आजादी के अमृत महोत्सव के तहत आयोजित कार्यक्रम में कहीं।
इससे पहले मुख्य सचिव और उपायुक्त मुकुल कुमार ने ब्रह्मसरोवर पर सायंकालीन आरती का परंपरा के अनुसार शुभारंभ किया। मुख्य सचिव ने यहां पूजा-अर्चना भी की। इस कार्यक्रम से पहले मुख्य सचिव ने पैनोरमा सहित विभिन्न पर्यटन स्थलों का अवलोकन किया। उन्होंने जिला प्रशासन से कुरुक्षेत्र के विकास कार्यों की फीडबैक भी ली।
मुख्य सचिव ने कहा कि सरकार की तरफ से ज्योतिसर तीर्थ के सुंदरीकरण, लैंडस्केपिंग, 7 इंटर-पटेशन सेंटर, आधुनिक तकनीक का प्रयोग करते हुए इन सेंटरों में महाभारत, पवित्र ग्रंथ गीता और कुरुक्षेत्र के इतिहास पर प्रकाश डाला जाएगा। इस स्थल पर दूर दराज से आने वाले पर्यटकों को कुरुक्षेत्र 48 कोस के साथ-साथ कुरुक्षेत्र के इतिहास, कुरुक्षेत्र को ही महाभारत युद्ध के लिए क्यों चयन किया गया ऐतिहासिक पहलुओं को भी दर्शाया जाएगा। उन्होंने कहा कि भारत सरकार द्वारा स्वदेश दर्शन स्कीम के तहत श्री कृष्णा सर्किट योजना के तहत कुरुक्षेत्र के लिए करोड़ों रुपये की राशि जारी की जा चुकी है।
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प्रथम चरण में इस योजना के लिए 97 करोड़ 34 लाख रुपये का बजट पास हुआ है। उन्होंने कहा कि इस तीर्थ पर भारत के गौरवशाली इतिहास और सरस्वती नदी के इतिहास को दिखाने के लिए सरस्वती भवन का भी निर्माण किया जाएगा। भगवान श्रीकृष्ण ने ज्योतिसर की पावन धरा पर ही गीता के उपदेश दिए थे। इस मौके पर एडीसी अखिल पिलानी, एसडीएम नरेंद्र पाल मलिक, केडीबी के सीईओ अनुभव मेहता आदि मौजूद रहे।
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इससे पहले मुख्य सचिव और उपायुक्त मुकुल कुमार ने ब्रह्मसरोवर पर सायंकालीन आरती का परंपरा के अनुसार शुभारंभ किया। मुख्य सचिव ने यहां पूजा-अर्चना भी की। इस कार्यक्रम से पहले मुख्य सचिव ने पैनोरमा सहित विभिन्न पर्यटन स्थलों का अवलोकन किया। उन्होंने जिला प्रशासन से कुरुक्षेत्र के विकास कार्यों की फीडबैक भी ली।
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मुख्य सचिव ने कहा कि सरकार की तरफ से ज्योतिसर तीर्थ के सुंदरीकरण, लैंडस्केपिंग, 7 इंटर-पटेशन सेंटर, आधुनिक तकनीक का प्रयोग करते हुए इन सेंटरों में महाभारत, पवित्र ग्रंथ गीता और कुरुक्षेत्र के इतिहास पर प्रकाश डाला जाएगा। इस स्थल पर दूर दराज से आने वाले पर्यटकों को कुरुक्षेत्र 48 कोस के साथ-साथ कुरुक्षेत्र के इतिहास, कुरुक्षेत्र को ही महाभारत युद्ध के लिए क्यों चयन किया गया ऐतिहासिक पहलुओं को भी दर्शाया जाएगा। उन्होंने कहा कि भारत सरकार द्वारा स्वदेश दर्शन स्कीम के तहत श्री कृष्णा सर्किट योजना के तहत कुरुक्षेत्र के लिए करोड़ों रुपये की राशि जारी की जा चुकी है।
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प्रथम चरण में इस योजना के लिए 97 करोड़ 34 लाख रुपये का बजट पास हुआ है। उन्होंने कहा कि इस तीर्थ पर भारत के गौरवशाली इतिहास और सरस्वती नदी के इतिहास को दिखाने के लिए सरस्वती भवन का भी निर्माण किया जाएगा। भगवान श्रीकृष्ण ने ज्योतिसर की पावन धरा पर ही गीता के उपदेश दिए थे। इस मौके पर एडीसी अखिल पिलानी, एसडीएम नरेंद्र पाल मलिक, केडीबी के सीईओ अनुभव मेहता आदि मौजूद रहे।