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एलएनजेपी अस्पताल के नए भवन में शिफ्टिंग की रफ्तार धीमी
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एलएनजेपी अस्पताल परिसर में निर्माणधीन भवन।
- फोटो : Kurukshetra
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कुरुक्षेत्र। जिले को बेहतर चिकित्सा सुविधा मुहैया कराने में अभी दो माह का समय और लगेगा। तमाम दूसरे प्रोजेक्ट की तरह शहर के प्रमुख लोकनायक जयप्रकाश अस्पताल के नए भवन का निर्माण भी तय समय पर बनकर तैयार नहीं हो सकेगा। करीब 39 करोड़ रुपये की लागत से निर्माणाधीन इस प्रोजेक्ट का निर्माण कार्य पीडब्ल्यूडी विभाग द्वारा किया जा रहा है। इसे बीते माह 28 जून को पूरा हो जाना चाहिए था लेकिन इसकी डेड लाइन 15 अगस्त तक बढ़ा दी गई है।
मालूम हो कि स्वास्थ्य विभाग एवं पीडब्ल्यूडी अधिकारियों ने दावा किया था कि इसी वर्ष 15 अगस्त को लोकनायक जयप्रकाश नागरिक अस्पताल के नए भवन का सीएम उद्घाटन करेंगे। वहीं पूर्व में भी स्वास्थ्य विभाग ने इसी वर्ष की शुरूआत पर अस्पताल की नई इमारत में स्वास्थ्य सेवाएं शुरू कराने का दावा किया। हालांकि अन्य प्रोजेक्टों की तरह यह भी सुस्त रफ्तार का शिकार हो गया। वैसे तो अस्पताल की नई इमारत का निर्माण कार्य 80 प्रतिशत पूरा हो चुका है पर वातानुकूलित सिस्टम, फायर सिस्टम, सोलर पैनल, सिलिंग, बिजली फिटिंग, दरवाजे एवं खिड़कियों के शीशे लगाने और रंग रोगन जैसे तमाम कार्य अधूरे है।
चार मंजिला नया अस्पताल होगा हाईटेक
एलएनजेपी अस्पताल के नए परिसर में पांच लिफ्ट, सेंटल एसी, वाटर गीजर, तीन हजार लीटर क्षमता के पांच वाटर टैंक लगाए जाएंगे, जो सोलर ऊर्जा द्वारा संचालित होंगे। इसके अतिरिक्त मरीजों के लिए आधुनिक बेड सहित कई प्रकार की सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएगी।
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अस्पताल में होंगे 12 वार्ड, इमरजेंसी व ओटी भी होगी शिफ्ट
एलएनजेपी अस्पताल के नए परिसर में आपातकालीन सेवाएं, गायनी, ऑपरेशन थियेटर, गैस की पाइप लाइन, एक्सरे एवं ऑर्थो, सर्जिकल, पुरुष व महिला सहित 12 वार्डों को शिफ्ट किया जाएगा। इसके अलावा ओपीडी को अस्पताल की पुरानी इमारत में संचालित किया जाएगा, ताकि नई इमारत में मरीजों की भीड़ न हो।
100 बेड का मिलेगा नया अस्पताल
इस समय वर्ष 1976 में निर्मित 50 बेड की क्षमता के अस्पताल को मरीजों की संख्या को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग द्वारा इसे बढ़ाकर 100 बेड का अस्पताल किया गया था। गत 43 वर्षों से एलएनजेपी अस्पताल की ओपीडी करीब 10 गुणा बढ़ चुकी है, जिसके कारण मरीजों को दाखिल करने में भारी परेशानी झेलनी पड़ रही है। 100 बेड के अस्पताल में करीब 300 मरीज दाखिल है। अस्पताल के प्रसूति विभाग की हालत अत्यंत चिंतनीय है, क्योंकि 33 बेड पर 150 से 185 जच्चा-बच्चा दाखिल है। अब अस्पताल की नई इमारत तैयार होने से मरीजों एवं स्वास्थ्यकर्मियों को कुछ राहत मिलेगी।
वातानुकूलित भवन पर खर्च होंगें 39 करोड़
जिले में कई वर्षों से 200 बेड के अस्पताल की जरूरत थी। वर्ष 2015 में मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने शहर में नया अस्पताल बनाने की घोषणा की थी, लेकिन दो वर्ष तक काम शुरू नहीं हो पाया। अस्पताल की इस इमारत के निर्माण पर 39 करोड़ रुपये का बजट मंजूर किया गया है। फिलहाल 200 की बजाए 100 बेड का ही अस्पताल तैयार किया जाएगा, जबकि अस्पताल की इस इमारत का निर्माण कार्य पूरा होने के पश्चात संभावना जताई जा रही है कि अस्पताल की पुरानी इमारत को तोड़कर नये सिरे से नवनिर्माण किया जाएगा।
अगस्त तक तैयार होगी नई इमारत: एक्सईएन
पीडब्ल्यूडी के एक्सईएन पीके बंसल ने बताया कि एलएनजेपी अस्पताल की नई इमारत में फायर सुरक्षा के लिए फिटिंग्स जनस्वास्थ्य विभाग द्वारा की जानी थी, लेकिन आचार संहिता के चलते इसका टेंडर पारित नहीं हो सका, जिसके कारण अब पीडब्ल्यूडी इस प्रोजेक्ट को पूरा कराएगा। इसके कारण ही इमारत का निर्माण कार्य अटका हुआ था, जो अब आगामी दो माह तक पूरा किया जाएगा।
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मालूम हो कि स्वास्थ्य विभाग एवं पीडब्ल्यूडी अधिकारियों ने दावा किया था कि इसी वर्ष 15 अगस्त को लोकनायक जयप्रकाश नागरिक अस्पताल के नए भवन का सीएम उद्घाटन करेंगे। वहीं पूर्व में भी स्वास्थ्य विभाग ने इसी वर्ष की शुरूआत पर अस्पताल की नई इमारत में स्वास्थ्य सेवाएं शुरू कराने का दावा किया। हालांकि अन्य प्रोजेक्टों की तरह यह भी सुस्त रफ्तार का शिकार हो गया। वैसे तो अस्पताल की नई इमारत का निर्माण कार्य 80 प्रतिशत पूरा हो चुका है पर वातानुकूलित सिस्टम, फायर सिस्टम, सोलर पैनल, सिलिंग, बिजली फिटिंग, दरवाजे एवं खिड़कियों के शीशे लगाने और रंग रोगन जैसे तमाम कार्य अधूरे है।
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चार मंजिला नया अस्पताल होगा हाईटेक
एलएनजेपी अस्पताल के नए परिसर में पांच लिफ्ट, सेंटल एसी, वाटर गीजर, तीन हजार लीटर क्षमता के पांच वाटर टैंक लगाए जाएंगे, जो सोलर ऊर्जा द्वारा संचालित होंगे। इसके अतिरिक्त मरीजों के लिए आधुनिक बेड सहित कई प्रकार की सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएगी।
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अस्पताल में होंगे 12 वार्ड, इमरजेंसी व ओटी भी होगी शिफ्ट
एलएनजेपी अस्पताल के नए परिसर में आपातकालीन सेवाएं, गायनी, ऑपरेशन थियेटर, गैस की पाइप लाइन, एक्सरे एवं ऑर्थो, सर्जिकल, पुरुष व महिला सहित 12 वार्डों को शिफ्ट किया जाएगा। इसके अलावा ओपीडी को अस्पताल की पुरानी इमारत में संचालित किया जाएगा, ताकि नई इमारत में मरीजों की भीड़ न हो।
100 बेड का मिलेगा नया अस्पताल
इस समय वर्ष 1976 में निर्मित 50 बेड की क्षमता के अस्पताल को मरीजों की संख्या को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग द्वारा इसे बढ़ाकर 100 बेड का अस्पताल किया गया था। गत 43 वर्षों से एलएनजेपी अस्पताल की ओपीडी करीब 10 गुणा बढ़ चुकी है, जिसके कारण मरीजों को दाखिल करने में भारी परेशानी झेलनी पड़ रही है। 100 बेड के अस्पताल में करीब 300 मरीज दाखिल है। अस्पताल के प्रसूति विभाग की हालत अत्यंत चिंतनीय है, क्योंकि 33 बेड पर 150 से 185 जच्चा-बच्चा दाखिल है। अब अस्पताल की नई इमारत तैयार होने से मरीजों एवं स्वास्थ्यकर्मियों को कुछ राहत मिलेगी।
वातानुकूलित भवन पर खर्च होंगें 39 करोड़
जिले में कई वर्षों से 200 बेड के अस्पताल की जरूरत थी। वर्ष 2015 में मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने शहर में नया अस्पताल बनाने की घोषणा की थी, लेकिन दो वर्ष तक काम शुरू नहीं हो पाया। अस्पताल की इस इमारत के निर्माण पर 39 करोड़ रुपये का बजट मंजूर किया गया है। फिलहाल 200 की बजाए 100 बेड का ही अस्पताल तैयार किया जाएगा, जबकि अस्पताल की इस इमारत का निर्माण कार्य पूरा होने के पश्चात संभावना जताई जा रही है कि अस्पताल की पुरानी इमारत को तोड़कर नये सिरे से नवनिर्माण किया जाएगा।
अगस्त तक तैयार होगी नई इमारत: एक्सईएन
पीडब्ल्यूडी के एक्सईएन पीके बंसल ने बताया कि एलएनजेपी अस्पताल की नई इमारत में फायर सुरक्षा के लिए फिटिंग्स जनस्वास्थ्य विभाग द्वारा की जानी थी, लेकिन आचार संहिता के चलते इसका टेंडर पारित नहीं हो सका, जिसके कारण अब पीडब्ल्यूडी इस प्रोजेक्ट को पूरा कराएगा। इसके कारण ही इमारत का निर्माण कार्य अटका हुआ था, जो अब आगामी दो माह तक पूरा किया जाएगा।