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Kurukshetra News: उपभोक्ता फोरम अध्यक्ष व वकीलों में तनातनी से सुनवाई प्रभावित
Wed, 10 Dec 2025 03:17 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कुरुक्षेत्र
संवाद न्यूज एजेंसी, कुरुक्षेत्र
Updated Wed, 10 Dec 2025 03:17 AM IST
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कुरुक्षेत्र। जिला उपभोक्ता फाेरम अध्यक्ष व वकीलों के बीच पिछले मंगलवार से चल रही तनातनी एक सप्ताह बाद भी कम नहीं हुई है। फोरम अध्यक्ष के खिलाफ जिला बार एसोसिएशन ने मोर्चा खोला हुआ है और फोरम की सुनवाई में पेश नहीं होने का निर्णय लिया हुआ है।
वकीलों की मांग है कि उपभोक्ता फोरम की अध्यक्ष का तबादला किया जाए। जब तक उनका तबादला नहीं किया जाएगा, कोई भी वकील उनकी कोर्ट में नहीं जाएगा और तब तक उनकी कोर्ट का वर्क सस्पेंड रहेगा। अब कोर्ट में लंबित मामलों की संख्या बढ़ने लगी है। पहले हर रोज कोर्ट में 20 से 25 मामलों की सुनवाई की जाती थी, लेकिन अब पिछले एक सप्ताह से किसी भी मामले की सुनवाई नहीं हो पा रही है।
कोर्ट में अब नया मामला दायर करने में भी लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। क्योंकि कोई भी वकील उपभोक्ता फोरम में जाने को तैयार नही है। इसके चलते वहां कोई नया मामला दर्ज भी नहीं हो पा रहा है। बार एसोसिएशन प्रधान धर्मेंद्र अत्री ने बताया कि उपभोक्ता फोरम की अध्यक्ष नीलिमा सांगला की कार्यप्रणाली से अधिवक्ताओं को ही नहीं बल्कि यहां आने वाले लोगों को भी परेशानी होती है।
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उन्होंने बताया कि सभी कोर्ट सुबह 10 से शाम पांच बजे तक लगती हैं, जबकि अध्यक्ष की कोर्ट पूरे दिन में मात्र दो घंटे एक बजे के बाद तक ही लगती है। जिससे यहां पर पेंडिंग मामलों की संख्या बढ़ती जा रही है। वहीं वकीलों ने आरोप लगाया कि अध्यक्ष का व्यवहार भी ठीक नहीं है। अध्यक्ष अधिवक्ताओं से अभद्र व्यवहार करते हैं। इसके बाद अधिवक्ता कई बार आपत्ति जता चुके हैं, लेकिन अध्यक्ष का व्यवहार में बदलाव नहीं आया है। फोरम की अध्यक्ष नीलिमा सांगला से जब इस बारे में बात की गई तो उन्होंने कहा कि ऐसा कोई बड़ा मामला नहीं है। कुछ वकीलों में गलतफहमी हो गई है। किसी भी वकील के साथ कोई गलत व्यवहार नहीं किया गया है। वकीलों को बैठक के लिए बुलाया गया है। संवाद
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वकीलों की मांग है कि उपभोक्ता फोरम की अध्यक्ष का तबादला किया जाए। जब तक उनका तबादला नहीं किया जाएगा, कोई भी वकील उनकी कोर्ट में नहीं जाएगा और तब तक उनकी कोर्ट का वर्क सस्पेंड रहेगा। अब कोर्ट में लंबित मामलों की संख्या बढ़ने लगी है। पहले हर रोज कोर्ट में 20 से 25 मामलों की सुनवाई की जाती थी, लेकिन अब पिछले एक सप्ताह से किसी भी मामले की सुनवाई नहीं हो पा रही है।
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कोर्ट में अब नया मामला दायर करने में भी लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। क्योंकि कोई भी वकील उपभोक्ता फोरम में जाने को तैयार नही है। इसके चलते वहां कोई नया मामला दर्ज भी नहीं हो पा रहा है। बार एसोसिएशन प्रधान धर्मेंद्र अत्री ने बताया कि उपभोक्ता फोरम की अध्यक्ष नीलिमा सांगला की कार्यप्रणाली से अधिवक्ताओं को ही नहीं बल्कि यहां आने वाले लोगों को भी परेशानी होती है।
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उन्होंने बताया कि सभी कोर्ट सुबह 10 से शाम पांच बजे तक लगती हैं, जबकि अध्यक्ष की कोर्ट पूरे दिन में मात्र दो घंटे एक बजे के बाद तक ही लगती है। जिससे यहां पर पेंडिंग मामलों की संख्या बढ़ती जा रही है। वहीं वकीलों ने आरोप लगाया कि अध्यक्ष का व्यवहार भी ठीक नहीं है। अध्यक्ष अधिवक्ताओं से अभद्र व्यवहार करते हैं। इसके बाद अधिवक्ता कई बार आपत्ति जता चुके हैं, लेकिन अध्यक्ष का व्यवहार में बदलाव नहीं आया है। फोरम की अध्यक्ष नीलिमा सांगला से जब इस बारे में बात की गई तो उन्होंने कहा कि ऐसा कोई बड़ा मामला नहीं है। कुछ वकीलों में गलतफहमी हो गई है। किसी भी वकील के साथ कोई गलत व्यवहार नहीं किया गया है। वकीलों को बैठक के लिए बुलाया गया है। संवाद