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Kurukshetra News: हड़ताल के बाद पटरी पर लौटी स्वास्थ्य सेवाएं, आधे घंटे बाद काम पर लौटीं नर्सें
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कुरुक्षेत्र। आधे घंटे की हड़ताल के बाद काम पर लौटती नर्से। संवाद
कुरुक्षेत्र। एलएनजेपी नागरिक अस्पताल में नर्सिंग स्टाफ की पेन डाउन हड़ताल बुधवार को तीसरे दिन भी जारी रही, लेकिन इस बार विरोध सीमित समय तक ही चला। करीब आधे घंटे तक धरने पर बैठकर नारेबाजी करने के बाद नर्सिंग स्टाफ काम पर लौट आया, जिससे अस्पताल की स्वास्थ्य सेवाएं सुचारू रूप से चलती रहीं।
सुबह 10 बजे विरोध प्रदर्शन से पहले जिले की विभिन्न पीएचसी और सीएचसी से आई नर्सों की सामूहिक बैठक हुई। बैठक में निर्णय लिया गया कि आधा स्टाफ विरोध प्रदर्शन में शामिल रहेगा, जबकि शेष नर्सें इमरजेंसी, वार्डों और अन्य आवश्यक सेवाओं को संभालेंगी ताकि मरीजों को किसी प्रकार की परेशानी न हो।
धरने के दौरान नर्सिंग स्टाफ ने रेनू भाटिया से सार्वजनिक माफी की मांग को दोहराया और नारेबाजी की। हालांकि बाद में राज्य स्तर के संगठन के आह्वान पर सभी नर्सें धरने से उठकर अपनी-अपनी ड्यूटी पर लौट गईं। नर्सिंग स्टाफ ने स्पष्ट किया कि उनका उद्देश्य मरीजों को परेशान करने का नहीं है। उन्होंने घोषणा की कि 11 जून को किसी भी प्रकार की हड़ताल नहीं होगी और सभी नर्सें नियमित रूप से अपनी सेवाएं देंगी।
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नर्सों के काम पर लौटने के बाद अस्पताल की ओपीडी, वार्डों और इमरजेंसी सेवाएं सामान्य रूप से संचालित होती रहीं। अस्पताल में दिनभर करीब 1100 मरीज उपचार, जांच और दवा लेने के लिए पहुंचे। वहीं जच्चा-बच्चा वार्ड, पिंक क्लीनिक और महिला स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़े विभागों में भी मरीजों की संख्या अधिक रही, जहां नर्सिंग स्टाफ ने लगातार अपनी सेवाएं जारी रखीं। अस्पताल प्रशासन के अनुसार दिनभर स्वास्थ्य सेवाओं पर कोई बड़ा असर नहीं पड़ा और मरीजों को आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई गईं।
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सुबह 10 बजे विरोध प्रदर्शन से पहले जिले की विभिन्न पीएचसी और सीएचसी से आई नर्सों की सामूहिक बैठक हुई। बैठक में निर्णय लिया गया कि आधा स्टाफ विरोध प्रदर्शन में शामिल रहेगा, जबकि शेष नर्सें इमरजेंसी, वार्डों और अन्य आवश्यक सेवाओं को संभालेंगी ताकि मरीजों को किसी प्रकार की परेशानी न हो।
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धरने के दौरान नर्सिंग स्टाफ ने रेनू भाटिया से सार्वजनिक माफी की मांग को दोहराया और नारेबाजी की। हालांकि बाद में राज्य स्तर के संगठन के आह्वान पर सभी नर्सें धरने से उठकर अपनी-अपनी ड्यूटी पर लौट गईं। नर्सिंग स्टाफ ने स्पष्ट किया कि उनका उद्देश्य मरीजों को परेशान करने का नहीं है। उन्होंने घोषणा की कि 11 जून को किसी भी प्रकार की हड़ताल नहीं होगी और सभी नर्सें नियमित रूप से अपनी सेवाएं देंगी।
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नर्सों के काम पर लौटने के बाद अस्पताल की ओपीडी, वार्डों और इमरजेंसी सेवाएं सामान्य रूप से संचालित होती रहीं। अस्पताल में दिनभर करीब 1100 मरीज उपचार, जांच और दवा लेने के लिए पहुंचे। वहीं जच्चा-बच्चा वार्ड, पिंक क्लीनिक और महिला स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़े विभागों में भी मरीजों की संख्या अधिक रही, जहां नर्सिंग स्टाफ ने लगातार अपनी सेवाएं जारी रखीं। अस्पताल प्रशासन के अनुसार दिनभर स्वास्थ्य सेवाओं पर कोई बड़ा असर नहीं पड़ा और मरीजों को आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई गईं।