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Kurukshetra News: डेंगू से निपटने के लिए स्वास्थ्य विभाग गंभीर, हॉट स्पॉट कॉलोनियों पर खास नजर
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कुरुक्षेत्र। जिले में इस बार डेंगू से निपटने के लिए स्वास्थ्य विभाग पूरी तरह से मुस्तैद है। विभाग की 130 टीमों में तैनात 550 कर्मचारी डोर-टू-डोर सर्वे कर रहे हैं। अब तक 7.5 लाख घरों की जांच की जा चुकी है और 50 हजार से अधिक लोगों के ब्लड सैंपल लिए जा चुके हैं। राहत की बात यह है कि अभी तक डेंगू का कोई भी पॉजिटिव केस सामने नहीं आया है।
पिछले साल डेंगू के 283 मामले सामने आए थे और एक व्यक्ति की मौत भी हो गई थी। शहर की 10 कॉलोनी में सबसे ज्यादा डेंगू के मामले सामने आए थे। स्वास्थ्य विभाग ने अनुभव से सबक लेते हुए पहले से ही उन क्षेत्रों को चिह्नित कर लिया है, जहां पिछले साल डेंगू के अधिक मामले सामने आए थे। इन हॉटस्पॉट कॉलोनियों में आकाश नगर, शोरगर बस्ती, वशिष्ठ कॉलोनी, गांधी नगर, मोहन नगर, सेक्टर-तीन, दराखेड़ा, छोटा बाजार, चनार्थल मोहल्ला और सेक्टर-30 प्रमुख हैं।
इन क्षेत्रों में विशेष सर्वे, निगरानी और एंटी लारवा गतिविधियां चल रही हैं। स्वास्थ्य विभाग ने अब तक की गई जांच में 2647 जगहों पर डेंगू का लारवा पाया है। जहां-जहां लारवा मिला, उसे तुरंत नष्ट कर संबंधित परिवारों को डेंगू के प्रति जागरूक किया गया। दोबारा लारवा मिलने पर 55 लोगों को नोटिस जारी किए गए हैं। यमुनानगर से कीट वैज्ञानिकों की टीम को भी बुलाया गया था, जिसने मच्छरों की डेंसिटी की जांच की थी।
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लापरवाही बरतने वालों को दिया नोटिस
जिला मलेरिया विभाग के नोडल अधिकारी डॉ. प्रदीप कुमार ने बताया कि इस बार विभाग ने बीते साल की तुलना में अधिक तैयारी की है। हॉटस्पॉट कॉलोनियों को चिह्नित कर निगरानी बढ़ा दी है। विभाग की रणनीति का असर है कि अब तक एक भी केस सामने नहीं आया है। स्वास्थ्य विभाग की 130 टीमें जिले में जांच कर रही है। एक ही जगह दोबारा लारवा मिलता है तो ऐसे लापरवाही बरतने वालों को नोटिस भी दिए गए हैं।
डेंगू से बचाव के लिए क्या करें, क्या नहीं विभाग की टीम कर रही जागरूक
-घर व आसपास पानी एकत्र न होने दें।
-कूलर, फूलदान, पानी की टंकियों को सप्ताह में एक बार खाली कर साफ करें।
-सोते समय मच्छरदानी का उपयोग करें।
-पूरी बांह के कपड़े पहनें, विशेषकर सुबह और शाम।
-मच्छर भगाने वाली क्रीम या स्प्रे का प्रयोग करें।
-घर के आसपास स्वच्छता बनाए रखें।
क्या न करें
-खुले बर्तनों में पानी इकट्ठा न रहने दें।
-पुराने टायर, गमलों की तश्तरियों, बोतलों में पानी जमा न होने दें।
-लक्षण दिखने पर खुद से दवा न लें, डॉक्टर से संपर्क करें।
-बुखार को हल्के में न लें, प्लेटलेट्स घटने पर नजर रखें।
-डेंगू के मरीज डॉक्टर से बिना परामर्श लिए दर्द निवारक दवाएं न लें।
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पिछले साल डेंगू के 283 मामले सामने आए थे और एक व्यक्ति की मौत भी हो गई थी। शहर की 10 कॉलोनी में सबसे ज्यादा डेंगू के मामले सामने आए थे। स्वास्थ्य विभाग ने अनुभव से सबक लेते हुए पहले से ही उन क्षेत्रों को चिह्नित कर लिया है, जहां पिछले साल डेंगू के अधिक मामले सामने आए थे। इन हॉटस्पॉट कॉलोनियों में आकाश नगर, शोरगर बस्ती, वशिष्ठ कॉलोनी, गांधी नगर, मोहन नगर, सेक्टर-तीन, दराखेड़ा, छोटा बाजार, चनार्थल मोहल्ला और सेक्टर-30 प्रमुख हैं।
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इन क्षेत्रों में विशेष सर्वे, निगरानी और एंटी लारवा गतिविधियां चल रही हैं। स्वास्थ्य विभाग ने अब तक की गई जांच में 2647 जगहों पर डेंगू का लारवा पाया है। जहां-जहां लारवा मिला, उसे तुरंत नष्ट कर संबंधित परिवारों को डेंगू के प्रति जागरूक किया गया। दोबारा लारवा मिलने पर 55 लोगों को नोटिस जारी किए गए हैं। यमुनानगर से कीट वैज्ञानिकों की टीम को भी बुलाया गया था, जिसने मच्छरों की डेंसिटी की जांच की थी।
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लापरवाही बरतने वालों को दिया नोटिस
जिला मलेरिया विभाग के नोडल अधिकारी डॉ. प्रदीप कुमार ने बताया कि इस बार विभाग ने बीते साल की तुलना में अधिक तैयारी की है। हॉटस्पॉट कॉलोनियों को चिह्नित कर निगरानी बढ़ा दी है। विभाग की रणनीति का असर है कि अब तक एक भी केस सामने नहीं आया है। स्वास्थ्य विभाग की 130 टीमें जिले में जांच कर रही है। एक ही जगह दोबारा लारवा मिलता है तो ऐसे लापरवाही बरतने वालों को नोटिस भी दिए गए हैं।
डेंगू से बचाव के लिए क्या करें, क्या नहीं विभाग की टीम कर रही जागरूक
-घर व आसपास पानी एकत्र न होने दें।
-कूलर, फूलदान, पानी की टंकियों को सप्ताह में एक बार खाली कर साफ करें।
-सोते समय मच्छरदानी का उपयोग करें।
-पूरी बांह के कपड़े पहनें, विशेषकर सुबह और शाम।
-मच्छर भगाने वाली क्रीम या स्प्रे का प्रयोग करें।
-घर के आसपास स्वच्छता बनाए रखें।
क्या न करें
-खुले बर्तनों में पानी इकट्ठा न रहने दें।
-पुराने टायर, गमलों की तश्तरियों, बोतलों में पानी जमा न होने दें।
-लक्षण दिखने पर खुद से दवा न लें, डॉक्टर से संपर्क करें।
-बुखार को हल्के में न लें, प्लेटलेट्स घटने पर नजर रखें।
-डेंगू के मरीज डॉक्टर से बिना परामर्श लिए दर्द निवारक दवाएं न लें।