फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Kurukshetra News ›   Haryana: Strictness to prevent burning of crop residue

Haryana: फसल अवशेष में आग लगाने से रोकने को लेकर सख्ती, सरपंच, नंबरदार व थाना प्रबंधकों को भी नोटिस जारी

Mon, 14 Oct 2024 08:41 PM IST
भूपेंद्र सिंह संवाद न्यूज एजेंसी, कुरुक्षेत्र (हरियाणा)
संवाद न्यूज एजेंसी, कुरुक्षेत्र (हरियाणा) Published by: भूपेंद्र सिंह Updated Mon, 14 Oct 2024 08:41 PM IST
सार

तीन ग्राम सचिवों के अलावा सरपंच, नंबरदार व थाना प्रबंधकों को नोटिस जारी किया गया है। जिले में फसल अवशेष जलाने के मामले थम नहीं रहे हैं। अब तक 45 जगहों पर फसल अवशेष जलते मिल चुके हैं। 

विज्ञापन
Haryana: Strictness to prevent burning of crop residue
टीम पहुंचने के बाद फसल अवशेष में लगाई आग को बुझाता किसान। - फोटो : संवाद

विस्तार

कुरुक्षेत्र में खेतों में फसल अवशेष, पराली जलाने के मामले थम नहीं रहे हैं। अभी तक जिले भर में 71 जगहों पर फसल अवशेषों में आग लगाए जाने की सूचना प्रशासन तक पहुंच चुकी है जबकि 45 जगहों को चिंहित भी किया जा चुका है। वहीं, अब इसमें लापरवाही बरतने वाले कर्मियों पर भी गाज गिरने लगी है।

विज्ञापन


इसी के तहत तीन ग्राम सचिवों के साथ-साथ कईं सरपंच, नंबरदार व तीन थाना प्रबंधकों को भी कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। थाना प्रबंधकों के खिलाफ कार्रवाई के लिए जिला उपायुक्त की ओर से पुलिस अधीक्षक को पत्र लिखा गया है।
विज्ञापन


जिन ग्राम सचिवों को नोटिस जारी किए गए हैं उनमें गांव किरमच, गांव सराय सुखी और गांव बीड सोंटी के ग्राम सचिव शामिल है। कार्रवाई के दौरान किसानों पर एक लाख 12 हजार 500 रुपए का जुर्माना किया गया है तथा 11 किसानों की रेड एंट्री भी दर्ज की गई है। इस कार्रवाई की पुष्टि जिला उपायुक्त राजेश जोगपाल ने की है।
विज्ञापन
विज्ञापन


फसल अवशेष जलने से रोकने के लिए कार्रवाई के हैं निर्देश : जोगपाल
उपायुक्त राजेश जोगपाल का कहना है कि खेतों में अवशेष ना जले इसके लिए शुरू से ही विभिन्न गतिविधियों एवं कार्यक्रमों के माध्यम से किसानों व आमजन को जागरूक करने का काम किया गया है। संबंधित अधिकारियों की क्षेत्रवार डयूटी लगाकर उन्हें इन घटनाओं की सूचना मिलते ही तुरंत मौके पर जाकर कार्रवाई के लिए निर्देश दिए गए हैं। जिला प्रशासन का मकसद किसानों के चालान काटना नहीं है अपितु खेतों में पड़े अवशेषों का कृषि यंत्रों के माध्यम से उनका निस्तारण करना है।

उन्होंने कहा कि सेटेलाइट के माध्यम से भी आगजनी की घटनाओं पर पैनी नजर रखी जा रही है। गांव किरमच सराय सुखी व गांव बीड सोंटी के ग्राम सचिवों, सरपंचों व नंबरदारों को कारण बताओ नोटिस जारी करते हुए स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि खेतों में अवशेष नहीं जलने चाहिए। उन्होंने बताया कि किरमिच गांव के तहत इंस्पेक्टर दिनेश, गांव सराय सुखी के तहत सब इंस्पेक्टर राजपाल, गांव बीर सोंटी के तहत एसआई कुलदीप को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है।


कम हो जाती है भूमि की उर्वरा शक्ति : डॉ़ कर्मचंद
कृषि एवं किसान कल्याण विभाग के उपनिदेशक डॉ कर्मचंद का कहना है कि खेतों में जो अवशेष जलते वह हम सबके लिए हानिकारक है इससे मानव जीवन के स्वास्थ्य पर दुष्प्रभाव पड़ता है वहीं भूमि की उर्वरा शक्ति भी कमजोर हो जाती है। उन्होंने स्पष्ट किया कि पराली जलने की जहां पर भी सूचना मिले वहां पर तुरंत कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। इसके साथ-साथ रैड एंट्री भी दर्ज होगी।

अभी तक 71 जगहों पर आगजनी की घटनाओं की सूचना मिली थी,जिनमें से 45 जगहों पर आगजनी की घटना की पुष्टि हुई और संबंधित टीमों ने मौके पर जाकर कार्रवाई की।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed