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‘गुरु का काम विद्यार्थियों की प्रतिभा निखारना’
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केयू में कार्यक्रम को संबोधित करते कुलपति प्रो. सोमनाथ सचदेवा। संवाद
- फोटो : Kurukshetra
संवाद न्यूज एजेंसी
कुरुक्षेत्र। एक विद्यार्थी के जीवन में शिक्षक एक ऐसा महत्वपूर्ण इंसान होता है जो अपने ज्ञान, धैर्य, प्यार और देखभाल से उसके पूरे जीवन को एक मजबूत आकार देता है। गुरु का का काम विद्यार्थियों की प्रतिभा को निखरना है। यह बातें केयू कुलपति प्रो. सोमनाथ सचदेवा ने कहीं।
कुलपति सोमवार को विश्वविद्यालय के सीनेट हॉल में विश्वविद्यालय के ट्रेनिंग, प्लानिंग एवं मॉनिटरिंग सेल द्वारा विश्वविद्यालय के नवनियुक्त असिस्टेंट प्रोफेसरों के लिए आयोजित साप्ताहिक इंड़क्शन कार्यक्रम के शुभारंभ पर बतौर मुख्यातिथि बोल रहे थे। उन्होंने कहा कि शिक्षा से एक स्तर आगे दीक्षा का होता है। गुरु का अर्थ होता है जो अंधकार का निवारण करता है। हर एक व्यक्ति अपने आप में ब्रह्म है लेकिन उस पर पड़े अज्ञान के आवरण को गुरु के द्वारा ही दूर कर ज्ञान को विकसित किया जाता है। शिक्षा का अर्थ केवल साक्षरता नहीं है बल्कि विद्यार्थियों को शिक्षा देकर उन्हें ज्ञानवान बनाना है।
डीन एकेडमिक अफेयर प्रो. मंजूला चौधरी ने कहा कि इस इंडक्शन कार्यक्रम का उद्देश्य विश्वविद्यालय के इको सिस्टम, उपलब्धियों तथा शोध आदि के बारे में नव-नियुक्त शिक्षकों को जानकारी प्रदान करना है। उन्होंने सभी शिक्षकों से आह्वान किया कि वो अपना शिक्षण का ध्येय लक्षित करके विश्वविद्यालय के हित में कार्य करें।
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केयू के ट्रेनिंग, प्लानिंग एवं मॉनिटरिंग सेल के नोडल ऑफिसर डॉ. अंकेश्वर प्रकाश ने कहा कि इस सेल के द्वारा 1600 गैर-शिक्षक कर्मचारियों व अधिकारियों को प्रशिक्षित किया जा चुका है। वहीं पहली बार इस सेल द्वारा नव-नियुक्त शिक्षकों के यह इंडक्शन कार्यक्रम आयोजित किया जा रहा है। इस कार्यक्रम में 32 नवनियुक्त सहायक प्रोफेसरों ने भाग लिया। एचआरडीसी के उप-निदेशक डॉ. सुनील ढुल ने भी विचार व्यक्त किए।
इस अवसर पर कुलसचिव डॉ. संजीव शर्मा, डीन एकेडमिक अफेयर्स प्रो. मंजूला चौधरी, महिला चीफ वार्डन प्रो. नीलम ढांडा, प्रो. ब्रजेश साहनी, प्रो. एसके चहल, डॉ. दीपक राय बब्बर, डॉ. नरेश सागवाल, डॉ. कुलदीप सिंह, डॉ. विकास सभ्रवाल, डॉ. नीरज बातिश, डॉ. आशीष अनेजा, सहायक कुलसचिव डॉ. दीपक शर्मा, डॉ. जितेंद्र जांगडा, विनोद वर्मा, पवन कुमार, कृष्ण चंद पांडे, कृष्ण ग्रोवर, मनदीप शर्मा, सुनील, वर्षा मौजूद थे।
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कुरुक्षेत्र। एक विद्यार्थी के जीवन में शिक्षक एक ऐसा महत्वपूर्ण इंसान होता है जो अपने ज्ञान, धैर्य, प्यार और देखभाल से उसके पूरे जीवन को एक मजबूत आकार देता है। गुरु का का काम विद्यार्थियों की प्रतिभा को निखरना है। यह बातें केयू कुलपति प्रो. सोमनाथ सचदेवा ने कहीं।
कुलपति सोमवार को विश्वविद्यालय के सीनेट हॉल में विश्वविद्यालय के ट्रेनिंग, प्लानिंग एवं मॉनिटरिंग सेल द्वारा विश्वविद्यालय के नवनियुक्त असिस्टेंट प्रोफेसरों के लिए आयोजित साप्ताहिक इंड़क्शन कार्यक्रम के शुभारंभ पर बतौर मुख्यातिथि बोल रहे थे। उन्होंने कहा कि शिक्षा से एक स्तर आगे दीक्षा का होता है। गुरु का अर्थ होता है जो अंधकार का निवारण करता है। हर एक व्यक्ति अपने आप में ब्रह्म है लेकिन उस पर पड़े अज्ञान के आवरण को गुरु के द्वारा ही दूर कर ज्ञान को विकसित किया जाता है। शिक्षा का अर्थ केवल साक्षरता नहीं है बल्कि विद्यार्थियों को शिक्षा देकर उन्हें ज्ञानवान बनाना है।
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डीन एकेडमिक अफेयर प्रो. मंजूला चौधरी ने कहा कि इस इंडक्शन कार्यक्रम का उद्देश्य विश्वविद्यालय के इको सिस्टम, उपलब्धियों तथा शोध आदि के बारे में नव-नियुक्त शिक्षकों को जानकारी प्रदान करना है। उन्होंने सभी शिक्षकों से आह्वान किया कि वो अपना शिक्षण का ध्येय लक्षित करके विश्वविद्यालय के हित में कार्य करें।
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केयू के ट्रेनिंग, प्लानिंग एवं मॉनिटरिंग सेल के नोडल ऑफिसर डॉ. अंकेश्वर प्रकाश ने कहा कि इस सेल के द्वारा 1600 गैर-शिक्षक कर्मचारियों व अधिकारियों को प्रशिक्षित किया जा चुका है। वहीं पहली बार इस सेल द्वारा नव-नियुक्त शिक्षकों के यह इंडक्शन कार्यक्रम आयोजित किया जा रहा है। इस कार्यक्रम में 32 नवनियुक्त सहायक प्रोफेसरों ने भाग लिया। एचआरडीसी के उप-निदेशक डॉ. सुनील ढुल ने भी विचार व्यक्त किए।
इस अवसर पर कुलसचिव डॉ. संजीव शर्मा, डीन एकेडमिक अफेयर्स प्रो. मंजूला चौधरी, महिला चीफ वार्डन प्रो. नीलम ढांडा, प्रो. ब्रजेश साहनी, प्रो. एसके चहल, डॉ. दीपक राय बब्बर, डॉ. नरेश सागवाल, डॉ. कुलदीप सिंह, डॉ. विकास सभ्रवाल, डॉ. नीरज बातिश, डॉ. आशीष अनेजा, सहायक कुलसचिव डॉ. दीपक शर्मा, डॉ. जितेंद्र जांगडा, विनोद वर्मा, पवन कुमार, कृष्ण चंद पांडे, कृष्ण ग्रोवर, मनदीप शर्मा, सुनील, वर्षा मौजूद थे।