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गुरनाम चढूनी का हुड्डा पर तंज: बोले- 10 साल में नहीं निभा पाए नेता प्रतिपक्ष की भूमिका, रूठों को नहीं मनाया
Sun, 13 Oct 2024 02:54 PM IST
नवीन दलाल
संवाद न्यूज एजेंसी, कुरुक्षेत्र (हरियाणा)
संवाद न्यूज एजेंसी, कुरुक्षेत्र (हरियाणा)
Published by: नवीन दलाल
Updated Sun, 13 Oct 2024 02:54 PM IST
सार
भाकियू अध्यक्ष एवं संयुक्त संघर्ष पार्टी के प्रमुख गुरनाम सिंह चढूनी ने भूपेंद्र हुड्डा पर जमकर निशाना साधा है। चढूनी ने आरोप लगाए कि हुड्डा ने किसी से समझौता नहीं होने दिया और ऐसी मनमानी के परिणाम सामने है।
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किसान नेता गुरनाम सिंह चढूनी।
- फोटो : संवाद
विस्तार
पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र हुड्डा को इस बार कांग्रेस पार्टी की ओर से नेता प्रतिपक्ष नहीं बनाया जाना चाहिए, क्योंकि वे पिछले 10 साल के दौरान यह भूमिका सही रूप से नहीं निभा पाए। ये आरोप भाकियू अध्यक्ष एवं संयुक्त संघर्ष पार्टी के प्रमुख गुरनाम सिंह चढूनी ने लगाए।
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एक एजेंसी से बातचीत में उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी ने इस चुनाव में पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र हुड्डा पर पूरी जिम्मेदारी छोड़ दी थी, लेकिन प्रदेश में कांग्रेस के पक्ष में माहौल नहीं बन पाया। कांग्रेस के पक्ष में जो माहौल बना वह किसानों ने ही बनाया था। इसके बावजूद हुड्डा ने किसानों को कोई तव्वजो नहीं दी। उन्हें ही नहीं किसी अन्य किसान को भी कहीं से टिकट नहीं दी।
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जबकि भाजपा किसानों के विरोध में पहले से ही रही है। ऐसे में किसान कहां जाए। यही कारण रहा कि वे चुनाव में उतरे तो वहीं हर्ष छिक्कारा व रमेश दलाल भी उतरे। चढूनी ने आरोप लगाए कि हुड्डा ने किसी से समझौता नहीं होने दिया और ऐसी मनमानी के परिणाम सामने है। अब कांग्रेस को ऐसे किसी नेता को प्रतिपक्ष नेता के रूप में चुनना चाहिए, जो लड़ाई लड़ सके।
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हुड्डा पर फोड़ा हार का ठीकरा
चढूनी ने हार का ठीकरा पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र हुड्डा पर फोड़ा है। उन्होंने बातचीत में कहा कि हुड्डा ने न केवल कांग्रेस व आप बल्कि किसानों को भी इस स्थिति में ला खड़ा किया है, जिसके पीछे उसकी मनमानी रही है। किसान एक सीट मांग रहे थे, जो नहीं दी। आप के साथ भी समझौता नहीं होने दिया बल्कि पहले का समझौता भी तुड़वा दिया। कांग्रेस के प्रत्याशी भी मनमानी से ही उतरवाए तो रूठों को मनाया तक नहीं।