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सरकार बताए, कब तक नदियों से रेत और अवैध कब्जे हटेंगे : मेवा सिंह
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बाबैन। लाडवा विधायक मेवा सिंह ने विधानसभा सत्र में बाढ़ के पानी को लेकर सरकार को घेरा। आरोप लगाया कि बरसात से पहले सरकार द्वारा नदी, नाले मारकंडा, यमुना, सरस्वती नदी की सफाई नहीं करवाई गई। यहां तक कि नदियों से सरकार ने रेत तक नहीं निकाला।
उन्होंने कहा कि आज नदी नाले मारकंडा में रेत जमीन के बराबर भरे पड़े हैं। पानी निकलने का रास्ता नहीं है। इसलिए किसानों को भारी नुकसान हुआ है। कहा कि सरकार द्वारा बरसात से पहले पानी की निकासी का इंतजाम नहीं किया गया। नदियों पर अवैध निर्माण हो रहे हैं जिससे पानी की निकासी खत्म हो चुकी है। दादुपुर नलवी नहर को बंद कर दिया गया है, जिसके कारण पूरा कुरुक्षेत्र शहर जलमग्न हो गया था। विधायक ने कहा कि सरस्वती नदी पर अवैध कब्जे दो बार विधानसभा सत्र में उठाया, मगर सरकार का इस तरफ कोई ध्यान नहीं है।
उन्होंने कहा कि गत सत्र में मुख्यमंत्री ने उन पर आरोप लगाया था कि उनकी कोई व्यक्तिगत रुचि है, जबकि मेरी रुचि यह थी कि मैं शहर को डूबने से बचाना चाहता था। हजारों एकड़ किसानों की फसल बर्बाद हुई हैं उसे बचाने के लिए यह मुद्दा उठाया गया था। सरकार बताए कि आगे कुरुक्षेत्र के लोगों को बाढ़ से बचाने के लिए क्या कदम उठा रही है और कब तक नदियों से रेत व अवैध कब्जे हटाए जाएंगे। संवाद
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उन्होंने कहा कि आज नदी नाले मारकंडा में रेत जमीन के बराबर भरे पड़े हैं। पानी निकलने का रास्ता नहीं है। इसलिए किसानों को भारी नुकसान हुआ है। कहा कि सरकार द्वारा बरसात से पहले पानी की निकासी का इंतजाम नहीं किया गया। नदियों पर अवैध निर्माण हो रहे हैं जिससे पानी की निकासी खत्म हो चुकी है। दादुपुर नलवी नहर को बंद कर दिया गया है, जिसके कारण पूरा कुरुक्षेत्र शहर जलमग्न हो गया था। विधायक ने कहा कि सरस्वती नदी पर अवैध कब्जे दो बार विधानसभा सत्र में उठाया, मगर सरकार का इस तरफ कोई ध्यान नहीं है।
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उन्होंने कहा कि गत सत्र में मुख्यमंत्री ने उन पर आरोप लगाया था कि उनकी कोई व्यक्तिगत रुचि है, जबकि मेरी रुचि यह थी कि मैं शहर को डूबने से बचाना चाहता था। हजारों एकड़ किसानों की फसल बर्बाद हुई हैं उसे बचाने के लिए यह मुद्दा उठाया गया था। सरकार बताए कि आगे कुरुक्षेत्र के लोगों को बाढ़ से बचाने के लिए क्या कदम उठा रही है और कब तक नदियों से रेत व अवैध कब्जे हटाए जाएंगे। संवाद
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