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गीता स्थली कुरुक्षेत्र को प्रयागराज तीर्थ की तर्ज पर बनाएंगे स्वच्छ और सुंदर : नायब सिंह

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Sat, 23 Nov 2024 03:57 AM IST
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Gita Sthal Kurukshetra will be made clean and beautiful on the lines of Prayagraj Tirtha: Naib Singh
कुरुक्षेत्र। गीतास्थली कुरुक्षेत्र को भी प्रयागराज तीर्थ की तर्ज पर स्वच्छ और सुंदर बनाया जाएगा। इसके लिए गीता मनीषी स्वामी ज्ञानानंद के सुझाव पर अंतरराष्ट्रीय गीता महोत्सव से पहले ही महाभारत के 18 अध्यायों के अनुरूप ही शहर को 18 सेक्टरों में बांटा जाएगा और 27 नवंबर से पहले शहर को पूरी तरह स्वच्छ और सुंदर बनाने का प्रयास किया जाएगा। उक्त बातें मुख्यमंत्री नायब सैनी ने कहीं। वे शुक्रवार देर सायं गीता ज्ञान संस्थानम में कुरुक्षेत्र विकास बोर्ड के तत्वावधान में धार्मिक व समाजसेवी संस्थाओं को लेकर आयोजित एक कार्यक्रम में बोल रहे थे।
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उन्होंने कहा कि वे स्वयं भी स्वच्छता अभियान में श्रमदान करेंगे। इस शहर को स्वच्छ बनाने में सभी समाजसेवी, धार्मिक, युवा, माताएं, बहनें और आम नागरिक भी अपना सहयोग दें। सभी मिलकर धर्मनगरी को स्वच्छ बनाएंगे ताकि पूरी दुनिया में स्वच्छ कुरुक्षेत्र के रूप में जाना जाए। गीता महोत्सव में आने वाले पर्यटक यहां से गीता संदेश के साथ-साथ स्वच्छता संदेश भी लेकर जाएं।
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इस कार्यक्रम में कुरुक्षेत्र की सामाजिक, धार्मिक संस्थाओं के प्रतिनिधियों ने करीब 25 से ज्यादा सुझाव दिए। मुख्यमंत्री ने सभी समाजसेवी व धार्मिक संस्थाओं के प्रतिनिधियों से अनुरोध किया कि 28 नवंबर से 15 दिसंबर तक चलने वाले अंतरराष्ट्रीय गीता महोत्सव में सरकार व प्रशासन का सहयोग करें ताकि यह महोत्सव गरिमा और भव्यता के साथ सम्पन्न हो सके। इसी धरा पर 5161 वर्ष पूर्व भगवान श्रीकृष्ण ने अर्जुन के माध्यम से पूरी दुनिया को गीता के उपदेश दिए थे। इन्हीं उपदेशों को जन-जन तक पंहुचाने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लाल किला पर गीता महोत्सव का आयोजन किया और घर-घर तक पवित्र ग्रंथ गीता के उपदेशों को पंहुचाने का आह्वान भी किया। इसके उपरांत पूर्व मुख्यमंत्री एवं केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल के प्रयास से वर्ष 2016 में इस गीता जयंती को अंतरराष्ट्रीय महोत्सव का स्वरूप दिया गया। इतना ही नहीं, इस महोत्सव का आयोजन मॉरीशस, इंग्लैंड, कनाडा, ऑस्ट्रेलिया, श्रीलंका में भी किया जा चुका है।
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उन्होंने कहा कि इस महोत्सव को और आगे बढ़ाने के लिए समाज के सहयोग की जरूरत है। महोत्सव के कार्यों को आगे बढ़ाने के लिए सभी को एक मंच पर एकत्रित होना चाहिए। महोत्सव के आयोजन के लिए सरकार की तरफ से बजट की कमी नहीं आने दी जाएगी। महोत्सव में प्रशासन और केडीबी तमाम व्यवस्थाएं देख रहा है। इन व्यवस्थाओं पर निगरानी के लिए संस्थाओं के प्रतिनिधियों को कमान संभालने की जरूरत होगी।




मुख्यमंत्री ने किया संतों का स्वागत
कार्यक्रम में मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने गीता मनीषी स्वामी ज्ञानानंद, महामंडलेश्वर डाॅ. शाश्वतानंद महाराज, स्वामी बंसीपुरी महाराज, परमहंस ज्ञानेश्वर महाराज, स्वामी हरिओम परिवाजक, स्वामी सतपाल महाराज सहित सभी संतों का स्वागत और सम्मानित भी किया। इसके उपरांत केडीबी के मानद सचिव उपेंंद्र सिंघल, 48 कोस तीर्थ निगरानी कमेटी के चेयरमैन मदन मोहन छाबड़ा व सदस्य विजय नरूला ने मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी को परंपरा अनुसार सम्मानित किया।
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