फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Kurukshetra News ›   gita jayanti mahotsav, gita jayanti, sant sammelan, kurukshetra

21वीं शताब्दी में विश्व को जिस संदेश की जरूरत है, वह है गीता : सोलंकी

Sat, 10 Dec 2016 12:46 AM IST
ब्यूरो/कुरुक्षेत्र,अमर उजाला
ब्यूरो/कुरुक्षेत्र,अमर उजाला Updated Sat, 10 Dec 2016 12:46 AM IST
विज्ञापन
gita jayanti mahotsav, gita jayanti, sant sammelan, kurukshetra
sant sammelan - फोटो : अमर उजाला

राज्यपाल प्रो. कप्तान सिंह सोलंकी ने कहा कि 21वीं शताब्दी में विश्व को जिस संदेश की जरूरत है, वह अंतरराष्ट्रीय गीता जयंती के माध्यम से कुरुक्षेत्र की पवित्र भूमि में दिया जा रहा है। यह ऐसा संदेश है जिसे विश्व को वर्तमान के नकारात्मक माहौल में अपनाने की जरूरत है। राज्यपाल सोलंकी शुक्रवार को अंतरराष्ट्रीय गीता जयंती महोत्सव के अवसर पर ब्रह्मसरोवर पर स्थित पुरुषोत्तमपुरा बाग में आयोजित संत सम्मेलन में बतौर मुख्य अतिथि बोल रहे थे।

विज्ञापन


इस मौके पर प्रदेश के मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने कहा कि गीता एक ऐसा ग्रंथ है, जो जीवन में प्रबंधन करने का रास्ता बताता है। गीता के हर श्लोक में जीवन को जागृत करने का अहसास है। उन्होंने गीता के केवल आधे श्लोक को अपने जीवन में उतारकर जीवन में आनंद का अहसास किया है और कर्तव्यनिष्ठा व ईमानदारी को अपनाया है।  उन्होंने कहा कि कृष्णा सर्किट के माध्यम से ब्रह्मसरोवर, सन्नहित सरोवर, नरकातारी व ज्योतिसर को विकसित किया जाएगा। इसके लिए पहले चरण में 100 करोड़ रुपये का बजट भेजा गया है। उन्होंने यह भी कहा कि महाभारत में 48 कोस के क्षेत्र को विकसित किया जाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि 10 दिसंबर को भारतीय समय अनुसार सांय 6 बजे से 6:15 बजे तक पूरे विश्व में एकसाथ गीता के श्लोकों का उच्चारण किया जाएगा।    
विज्ञापन


गीता को आत्मसात करने की जरूरत
गोवा की राज्यपाल डॉ. मृदुला सिन्हा ने कहा कि भगवान श्रीकृष्ण का गीता का उपदेश मनुष्य को जीवनशैली सिखाने का रास्ता बताता है। यह संदेश पूरी धरती पर जाएगा, इसका विश्वास हमें करना होगा। भारत चांद और मंगल पर जा रहा है परंतु अंदर की शांति से अनभिज्ञ हो रहा है। गीता को आत्मसात करने की जरूरत है। हिमाचल के राज्यपाल आचार्य देवव्रत ने कहा कि वेद भारत की संस्कृति के प्राण हैं, सभी उपनिषदों का सार गीता है। गीता को धारण करना ही सच्ची शांति है, हमें कोशिश करनी चाहिए कि हम भगवान श्रीकृष्ण के दिखाए हुए मार्ग पर चलकर अपनी व्यक्तिगत शांति के साथ-साथ लोगों का प्रेरणास्त्रोत बने।
विज्ञापन
विज्ञापन


गीता के बिना हर मनुष्य का जीवन अधूरा  
 गुरु शरणानंद महाराज ने कहा कि गीता के बिना हर मनुष्य का जीवन अधूरा है। गीता न केवल अर्जुन के लिए थी बल्कि भगवान श्रीकृष्ण ने अर्जुन को माध्यम बनाकर पूरे विश्व को कर्तव्यनिष्ठा का ज्ञान देने की प्रेरणा दी। गुरु शरणानंद ने गीता के दूसरे अध्याय के सातवें श्लोक का अध्ययन करने की प्रेरणा दी। जूनागढ़ अखाडे़ के पीठाधीश स्वामी अवधेशानंद महाराज ने कहा कि सभी अशांति, असुरक्षा, आतंक का समाधान गीता है, गीता का जितना प्रसार होगा, उतनी ही मनुष्य जाति के अंदर शांति होगी, जब मनुष्य शांत होगा तो प्राकृति का सौंदर्य बढ़ेगा, हर जीव आनंदमय होगा, गीता एक ऐसा ग्रंथ हो, जो प्रेरणादायक है। हर मनुष्य को गीता को अध्ययन के साथ-साथ अंदर उतारने की जरूरत है।    

आचरण शुद्ध होगा तो जीवन भी आनंदमय रहेगा
योग गुरु स्वामी रामदेव ने कहा कि जीवन का आनंद लेने के लिए अपना आचरण शुद्ध करना होगा। यदि हमारा आचरण शुद्ध होगा तो जीवन भी आनंदमय रहेगा। ज्ञान की शुद्धता के बिना कभी भी कोई भी कार्य सफल नही हो सकता। भगवान श्रीकृष्ण ने कुरुक्षेत्र में अर्जुन को मन की शुद्धता का ज्ञान देते हुए कर्म करने की प्रेरणा दी। जैन मुनि लोकेश जी महाराज ने कहा कि गीता संपूर्ण जीवन के दर्शन हैं। गीता ऐसा ग्रंथ है जो जीवन की तमाम समस्याओं के हल करने का एक माध्यम है। स्वामी परमात्मानंद महाराज ने कहा कि हम सब यहां पर यात्री हैं, यह यात्रा कुछ बनाने की है, अवकाश लेने की नहीं। यदि मनुष्य अवकाश में शांति चाहता है तो वे कभी भी सफलता नहीं पा सकता।


कुरुक्षेत्र की भूमि ने विश्व को शांति का मार्ग दिखाया
स्वामी विश्लेषणानंद ने कहा कि कुरुक्षेत्र की भूमि ने विश्व को शांति का मार्ग दिखाया है। इस धरती पर 5153 वर्ष पहले भगवान श्रीकृष्ण ने एक ऐसा संदेश दिया, जो एक धर्म, जाति और संप्रदाय का नहीं बल्कि पूरी मानवता के लिए वरदान है। स्वामी गोबिंदगिरी महाराज ने कहा कि महाभारत को समझने से ही गीता समझ में आएगी। गीता महाभारत का सार है और गीता महाभारत का विस्तार। संत सम्मेलन के अंत में हरियाणा के शिक्षा मंत्री रामबिलास शर्मा ने सभी संतो का आभार प्रकट करते हुए भारत के सभी संतों से मार्मिक आवाज में आह्वान किया कि यह आप संतों की धरती है। इस धरती पर आप लोगों की जरूरत है, समय-समय पर अपना आशीर्वाद बनाए रखना। इस मौके पर हरियाणा के वित्त मंत्री कैप्टन अभिमन्यु, सामाजिक न्याय व अधिकारिता राज्यमंत्री कृष्ण बेदी, भाजपा प्रदेशाध्यक्ष सुभाष बराला, थानेसर के विधायक सुभाष सुधा, लाडवा के विधायक डॉ. पवन सैनी, उपायुक्त सुमेधा कटारिया, भाजपा के संगठन मंत्री सुरेश भटट्, भाजपा प्रदेश संगठन सचिव एडवोकेट वेदपाल, श्रीकृष्णा सर्किट राष्ट्रीय कमेटी के सदस्य रामेन्द्र सिंह सहित अन्य कई गणमान्य लोग एवं श्रद्धालु उपस्थित रहे।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed