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राहुल हत्याकांड के 11 दोषियों को आजीवन कारावास, साक्ष्यों के अभाव में एक बरी
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कुरुक्षेत्र। जिला कुरुक्षेत्र के अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश डॉ. अमित कुमार गर्ग की अदालत ने राहुल हत्याकांड में 11 आरोपियों को दोषी करार देते हुए आजीवन कारावास व दस-दस हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। वहीं एक नाबालिग को तीन साल की कैद तथा एक को किया बरी किया। यह फैसला न्यायाधीश डॉ अमित कुमार गर्ग ने सुनाया है।
फैसले के बाद जसबीर सिंह, अक्षय मस्ताना, उमेश उर्फ बबलू, जोनी उर्फ जय प्रकाश, जसबीर सिंघु उर्फ कालू, गौरव उर्फ मुगली, आशीष कुमार उर्फ सत्ती, अंकुर उर्फ मोटू, रजत उर्फ काली, प्रशांत उर्फ लाडी व सुनील उर्फ चिन्नू को आजीवन कारावास तथा दस-दस हजार रुपये जुर्माने की सजा भुगतनी होगी, वहीं एक आरोपी गुरप्रीत को साक्ष्यों के अभाव में बरी किया गया है। यह जानकारी जिला उप न्यायवादी शशि भोरिया ने दी।
कुछ इस तरह था पूरा मामला
भोरिया ने बताया कि 26 अक्तूबर 2017 को पीजीआई चंडीगढ़ से थाना शहर थानेसर में सूचना मिली थी कि राहुल पुत्र सुरेंद्र शर्मा की लड़ाई झगडे़ में लगी चोटों के कारण मौत हो गई है। इस सूचना पर पुलिस ने 26 अक्तूबर 2017 को गांव किशनदासपुर थाना वृद्ध चक जिला भागलपुर बिहार वासी सुरेंद्र शर्मा पुत्र जगदीश शर्मा हाल किरायेदार सिलवर सिटी नजदीक स्काईट कॉलेज कुरुक्षेत्र ने बयान लिखवाया कि वह उपरोक्त पते का रहने वाला है और कारपेंटर का काम करता है । उसके 4 पुत्र हैं। सबसे छोटा 23 वर्षीय राहुल शर्मा भी उसी के साथ कारपेंटर का काम करता था। 23 अक्तूबर 2017 को राहुल शर्मा 11 बजे दिन में घर से बिना बताए चला गया था और शाम को करीब 5 बजे उसको नीरज धोबी निवासी मोहन नगर के साथ कामरेड कॉलोनी स्थित एक दुकान के पास मिले थे। राहुल ने उसे बताया था कि वह कुछ देर बाद अपने घर पहुंचेगा। रात को समय करीब साढ़े 12 बजे उसके फोन पर नीरज धोबी का फोन आया कि राहुल शर्मा को कुछ लड़कों ने चोट मारी है और लोगों की मदद से उसे कुरुक्षेत्र सरकारी अस्पताल ले जाया जा रहा है। शिकायतकर्ता ने पुलिस को दिये बयान में बताया था कि इस घटना की सूचना मिलते ही उनके परिवार के सदस्य अस्पताल पहुंचे थे। अस्पताल पहुंचने पर पता चला कि राहुल शर्मा के सिर, मुंह, दोनों टांगों, दोनों बाजुओं, छाती और कमर पर काफी चोटें लगी हुई है। डाक्टर ने राहुल की हालत को गंभीर देखते हुए प्राथमिक उपचार के बाद तत्काल उसे सेक्टर-32 चंडीगढ़ रेफर कर दिया था। यहां उन्हें बताया गया था कि करीब 15 लड़के मोटर साइकिलों पर हथियारों व डंडे बिंडों के साथ आए थे इन्होंने राहुल पर हमला किया था। इस हमले में गंभीर रूप से जख्मी राहुल ने इलाज के दौरान 26 अक्तूबर 2017 को दम तोड़ दिया था। पुलिस ने इस मामले में नामपता ना मालूम लड़कों के खिलाफ मृतक के पिता के बयान पर कार्रवाई करते हुए थाना शहर थानेसर में तैनात उप निरीक्षक राजेश्वर ने अज्ञात लोगों के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज करके जांच शुरू की थी। जांच के दौरान 30 अक्तूबर 2017 को आरोपियों में शामिल रजत उर्फ काली पुत्र रमेश कुमार, प्रशांत उर्फ लाडी पुत्र सुदर्शन कुमार,व गुरप्रीत उर्फ गोगी को गिरफ्तार किया गया था, जिन्होंने बताया कि इस लड़ाई झगड़े में मोगली वासी मोहन नगर, जोनी वासी रेलवे कॉलोनी, प्रदीप उर्फ भील वासी गांधी नगर, अजीत मामा, साहिल उर्फ पापी भी शामिल थे। 1 नवंबर 2017 को उप निरीक्षक रणबीर सिंह ने आरोपी अंकुर उर्फ मोंटू पुत्र राजेंद्र सिंह को गिरफ्तार किया था। वहीं इसके कुछ रोज बाद 14 नवंबर को निरीक्षक संदीप कुमार प्रबंधक थाना शहर थानेसर ने आरोपी सुनील उर्फ चिन्नू बनिया पुत्र राजेंद्र गुप्ता को और 17 नवंबर उप निरीक्षक धर्म पाल ने आशीष कुमार उर्फ सिटी पुत्र शादी लाल वासी गांधी नगर को 20 दिसंबर को उप निरीक्षक राजेश्वर ने गौरव उर्फ मोगली पुत्र शम्मी कुमार वासी डीसी कॉलोनी व जोनी उर्फ जय प्रकाश उर्फ जेपी पुत्र महेंद्र वासी सुंदर पुर को गिरफ्तार किया था। आरोपियों की लगातार गिरफ्तारी के प्रयासों के चलते पुलिस ने 4 मई 2018 को एक अन्य आरोपी उमेश उर्फ बबलू पुत्र प्यारे लाल वासी पटियाला बैंक कॉलोनी को तथा 10 मई 2018 को जसबीर सिंह उर्फ कालू पुत्र करनैल सिंह को 14 मई 18 को अक्षय मस्ताना पुत्र राजेंद्र मस्ताना वासी मोहन नगर को तथा अंतिम आरोपी जसबीर पुत्र पाला राम वासी वशिष्ट कॉलोनी को गिरफ्तार किया था। इस मामले में न्यायाधीश डॉ. अमित कुमार गर्ग की अदालत में नियमित कार्रवाई चल रही थी। अदालत ने वीरवार को उक्त केस में फैसला सुनाया।
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फैसले के बाद जसबीर सिंह, अक्षय मस्ताना, उमेश उर्फ बबलू, जोनी उर्फ जय प्रकाश, जसबीर सिंघु उर्फ कालू, गौरव उर्फ मुगली, आशीष कुमार उर्फ सत्ती, अंकुर उर्फ मोटू, रजत उर्फ काली, प्रशांत उर्फ लाडी व सुनील उर्फ चिन्नू को आजीवन कारावास तथा दस-दस हजार रुपये जुर्माने की सजा भुगतनी होगी, वहीं एक आरोपी गुरप्रीत को साक्ष्यों के अभाव में बरी किया गया है। यह जानकारी जिला उप न्यायवादी शशि भोरिया ने दी।
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कुछ इस तरह था पूरा मामला
भोरिया ने बताया कि 26 अक्तूबर 2017 को पीजीआई चंडीगढ़ से थाना शहर थानेसर में सूचना मिली थी कि राहुल पुत्र सुरेंद्र शर्मा की लड़ाई झगडे़ में लगी चोटों के कारण मौत हो गई है। इस सूचना पर पुलिस ने 26 अक्तूबर 2017 को गांव किशनदासपुर थाना वृद्ध चक जिला भागलपुर बिहार वासी सुरेंद्र शर्मा पुत्र जगदीश शर्मा हाल किरायेदार सिलवर सिटी नजदीक स्काईट कॉलेज कुरुक्षेत्र ने बयान लिखवाया कि वह उपरोक्त पते का रहने वाला है और कारपेंटर का काम करता है । उसके 4 पुत्र हैं। सबसे छोटा 23 वर्षीय राहुल शर्मा भी उसी के साथ कारपेंटर का काम करता था। 23 अक्तूबर 2017 को राहुल शर्मा 11 बजे दिन में घर से बिना बताए चला गया था और शाम को करीब 5 बजे उसको नीरज धोबी निवासी मोहन नगर के साथ कामरेड कॉलोनी स्थित एक दुकान के पास मिले थे। राहुल ने उसे बताया था कि वह कुछ देर बाद अपने घर पहुंचेगा। रात को समय करीब साढ़े 12 बजे उसके फोन पर नीरज धोबी का फोन आया कि राहुल शर्मा को कुछ लड़कों ने चोट मारी है और लोगों की मदद से उसे कुरुक्षेत्र सरकारी अस्पताल ले जाया जा रहा है। शिकायतकर्ता ने पुलिस को दिये बयान में बताया था कि इस घटना की सूचना मिलते ही उनके परिवार के सदस्य अस्पताल पहुंचे थे। अस्पताल पहुंचने पर पता चला कि राहुल शर्मा के सिर, मुंह, दोनों टांगों, दोनों बाजुओं, छाती और कमर पर काफी चोटें लगी हुई है। डाक्टर ने राहुल की हालत को गंभीर देखते हुए प्राथमिक उपचार के बाद तत्काल उसे सेक्टर-32 चंडीगढ़ रेफर कर दिया था। यहां उन्हें बताया गया था कि करीब 15 लड़के मोटर साइकिलों पर हथियारों व डंडे बिंडों के साथ आए थे इन्होंने राहुल पर हमला किया था। इस हमले में गंभीर रूप से जख्मी राहुल ने इलाज के दौरान 26 अक्तूबर 2017 को दम तोड़ दिया था। पुलिस ने इस मामले में नामपता ना मालूम लड़कों के खिलाफ मृतक के पिता के बयान पर कार्रवाई करते हुए थाना शहर थानेसर में तैनात उप निरीक्षक राजेश्वर ने अज्ञात लोगों के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज करके जांच शुरू की थी। जांच के दौरान 30 अक्तूबर 2017 को आरोपियों में शामिल रजत उर्फ काली पुत्र रमेश कुमार, प्रशांत उर्फ लाडी पुत्र सुदर्शन कुमार,व गुरप्रीत उर्फ गोगी को गिरफ्तार किया गया था, जिन्होंने बताया कि इस लड़ाई झगड़े में मोगली वासी मोहन नगर, जोनी वासी रेलवे कॉलोनी, प्रदीप उर्फ भील वासी गांधी नगर, अजीत मामा, साहिल उर्फ पापी भी शामिल थे। 1 नवंबर 2017 को उप निरीक्षक रणबीर सिंह ने आरोपी अंकुर उर्फ मोंटू पुत्र राजेंद्र सिंह को गिरफ्तार किया था। वहीं इसके कुछ रोज बाद 14 नवंबर को निरीक्षक संदीप कुमार प्रबंधक थाना शहर थानेसर ने आरोपी सुनील उर्फ चिन्नू बनिया पुत्र राजेंद्र गुप्ता को और 17 नवंबर उप निरीक्षक धर्म पाल ने आशीष कुमार उर्फ सिटी पुत्र शादी लाल वासी गांधी नगर को 20 दिसंबर को उप निरीक्षक राजेश्वर ने गौरव उर्फ मोगली पुत्र शम्मी कुमार वासी डीसी कॉलोनी व जोनी उर्फ जय प्रकाश उर्फ जेपी पुत्र महेंद्र वासी सुंदर पुर को गिरफ्तार किया था। आरोपियों की लगातार गिरफ्तारी के प्रयासों के चलते पुलिस ने 4 मई 2018 को एक अन्य आरोपी उमेश उर्फ बबलू पुत्र प्यारे लाल वासी पटियाला बैंक कॉलोनी को तथा 10 मई 2018 को जसबीर सिंह उर्फ कालू पुत्र करनैल सिंह को 14 मई 18 को अक्षय मस्ताना पुत्र राजेंद्र मस्ताना वासी मोहन नगर को तथा अंतिम आरोपी जसबीर पुत्र पाला राम वासी वशिष्ट कॉलोनी को गिरफ्तार किया था। इस मामले में न्यायाधीश डॉ. अमित कुमार गर्ग की अदालत में नियमित कार्रवाई चल रही थी। अदालत ने वीरवार को उक्त केस में फैसला सुनाया।
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