{"_id":"68f29df61e45e740a7076d38","slug":"geeta-niketan-school-celebrated-its-52nd-annual-festival-arohan-kurukshetra-news-c-45-1-knl1024-144067-2025-10-18","type":"story","status":"publish","title_hn":"Kurukshetra News: गीता निकेतन विद्यालय में मनाया 52वां वार्षिकोत्सव आरोहण","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Kurukshetra News: गीता निकेतन विद्यालय में मनाया 52वां वार्षिकोत्सव आरोहण
विज्ञापन
कुरुक्षेत्र। मलखंभ में प्रतिभा का जौहर दिखाते छात्र। संवाद
- फोटो : reasi news
कुरुक्षेत्र। गीता निकेतन आवासीय विद्यालय में शुक्रवार को 52वां वार्षिकोत्सव आरोहण-2025 हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। विद्यार्थियों ने भारतीय संस्कृति, अनुशासन और विकसित भारत के विजन की सुंदर झलक प्रस्तुत की। विद्यालय प्रांगण देशभक्ति और उत्सव के रंगों से सराबोर दिखा।
मुख्य अतिथि कुरुक्षेत्र विकास बोर्ड 48 कोस परिक्रमा निगरानी कमेटी के अध्यक्ष संजय बठला और विशिष्ट अतिथि पूर्व छात्र एवं मेरठ जिला परिषद अध्यक्ष गौरव चौधरी रहे। अतिथियों के आगमन पर एनसीसी एयर विंग और आर्मी विंग के कैडेट्स ने परेड के साथ उनका स्वागत किया। प्राचार्य नारायण सिंह ने वार्षिक प्रतिवेदन प्रस्तुत किया। उन्होंने बताया कि 21 जनवरी 1973 को राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के द्वितीय सरसंघचालक माधव सदाशिव राव गोलवलकर ने विद्यालय का शिलान्यास किया था। आज 52 वर्षों में गीता निकेतन ने शिक्षा जगत में एक विशिष्ट पहचान बनाई है। विद्यालय में वर्तमान में 1725 विद्यार्थी अध्ययनरत हैं जिनमें से 17 राज्यों के 552 छात्रावासी हैं, जोकि एक लघु भारत की झलक प्रस्तुत करते हैं।
विशिष्ट अतिथि गौरव चौधरी ने कहा कि गीता निकेतन मेरे जीवन का भाग्यविधाता है। यहां की शिक्षा ने हमें एक सच्चा देशभक्त और जिम्मेदार नागरिक बनाया। अपने छात्र जीवन के संस्मरण साझा करते हुए कहा कि शिक्षा केवल नौकरी पाने का साधन नहीं बल्कि व्यक्ति और राष्ट्र निर्माण का माध्यम है। मुख्य अतिथि संजय बठला ने कहा कि गीता निकेतन विद्यालय में विद्यार्थी भारतीय संस्कारों, देशभक्ति, सेवा और समर्पण के गुण सीखते हैं। विद्यालय की अनुशासन और संस्कृति आधारित शिक्षा प्रणाली की सराहना की।
विज्ञापन
कार्यक्रम में छात्रों ने योग, घोष, समूहगान, समूह नृत्य और नाट्य प्रस्तुतियों से दर्शकों का मन मोह लिया। हरियाणा, पंजाब, हिमाचल, राजस्थान, गुजरात और महाराष्ट्र की झलक प्रस्तुत करने वाले नृत्यों ने विविधता में एकता का संदेश दिया। मलखंभ के अद्भुत आसनों ने दर्शकों को रोमांचित किया।
विज्ञापन
मुख्य अतिथि कुरुक्षेत्र विकास बोर्ड 48 कोस परिक्रमा निगरानी कमेटी के अध्यक्ष संजय बठला और विशिष्ट अतिथि पूर्व छात्र एवं मेरठ जिला परिषद अध्यक्ष गौरव चौधरी रहे। अतिथियों के आगमन पर एनसीसी एयर विंग और आर्मी विंग के कैडेट्स ने परेड के साथ उनका स्वागत किया। प्राचार्य नारायण सिंह ने वार्षिक प्रतिवेदन प्रस्तुत किया। उन्होंने बताया कि 21 जनवरी 1973 को राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के द्वितीय सरसंघचालक माधव सदाशिव राव गोलवलकर ने विद्यालय का शिलान्यास किया था। आज 52 वर्षों में गीता निकेतन ने शिक्षा जगत में एक विशिष्ट पहचान बनाई है। विद्यालय में वर्तमान में 1725 विद्यार्थी अध्ययनरत हैं जिनमें से 17 राज्यों के 552 छात्रावासी हैं, जोकि एक लघु भारत की झलक प्रस्तुत करते हैं।
विज्ञापन
विशिष्ट अतिथि गौरव चौधरी ने कहा कि गीता निकेतन मेरे जीवन का भाग्यविधाता है। यहां की शिक्षा ने हमें एक सच्चा देशभक्त और जिम्मेदार नागरिक बनाया। अपने छात्र जीवन के संस्मरण साझा करते हुए कहा कि शिक्षा केवल नौकरी पाने का साधन नहीं बल्कि व्यक्ति और राष्ट्र निर्माण का माध्यम है। मुख्य अतिथि संजय बठला ने कहा कि गीता निकेतन विद्यालय में विद्यार्थी भारतीय संस्कारों, देशभक्ति, सेवा और समर्पण के गुण सीखते हैं। विद्यालय की अनुशासन और संस्कृति आधारित शिक्षा प्रणाली की सराहना की।
विज्ञापन
कार्यक्रम में छात्रों ने योग, घोष, समूहगान, समूह नृत्य और नाट्य प्रस्तुतियों से दर्शकों का मन मोह लिया। हरियाणा, पंजाब, हिमाचल, राजस्थान, गुजरात और महाराष्ट्र की झलक प्रस्तुत करने वाले नृत्यों ने विविधता में एकता का संदेश दिया। मलखंभ के अद्भुत आसनों ने दर्शकों को रोमांचित किया।

कुरुक्षेत्र। मलखंभ में प्रतिभा का जौहर दिखाते छात्र। संवाद- फोटो : reasi news