कुरुक्षेत्र। कैबिनेट मंत्री मनोहर लाल ने कहा कि गीता भारतीय दर्शन की जीवन पद्धति है। भगवान कृष्ण का जीवन चिंतन है। गीता में जीवन की हर समस्या का समाधान है। यह हमें मृत्यु के भय से मुक्ति दिलाती है। यह भारतीय परपंराओं का अद्भुत ग्रंथ है। पवित्र ग्रंथ गीता किसी एक धर्म की नहीं बल्कि समस्त मानव जाति को जीने की कला सिखाती है। ये विचार केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल ने व्यक्त किए। वे बुधवार को गीता ज्ञान संस्थानम में जीओ गीता म्यूजियम का अवलोकन करने के उपरांत बातचीत कर रहे थे।
इससे गीता ज्ञान संस्थानम के जीओ गीता म्यूजियम व कृष्ण कृपा अमृत कुंड का अवलोकन किया और कृपा बिहारी मंदिर में पूजा-अर्चना की। उन्होंने कहा कि इस ग्रंथ को घर-घर में पढ़ा जाना चाहिए, क्योंकि जीवन की सभी समस्याओं का समाधान गीता में है। गीता मनीषी स्वामी ज्ञानानंद देश का गौरव है। गीता के उपदेशों को जन-जन तक पहुंचाने और इस ग्रंथ को विश्व स्तर पर पहचान करवाने का श्रेय भी गीता मनीषी को ही जाता है। उन्होंने कहा कि पवित्र ग्रंथ पूरी दुनिया को अध्यात्म और दार्शनिक तरीके से देखना-समझना सिखाता है, जिंदगी को जीना सिखाता है। हम अपने जीवन और उसके उद्देश्यों को लेकर कई तरह के प्रश्नों से जूझते रहते है, लेकिन यह पवित्र ग्रंथ हमें हर प्रश्नों का जवाब बहुत अच्छे तरीके से देता है। इस मौके पर पूर्व मंत्री कंवरपाल, 48 कोस तीर्थ निगरानी कमेटी के चेयरमैन मदन मोहन छाबड़ा, संस्थानम के प्रधान मंगत राम जिन्दल, विजय नरूला, डाॅ. ऋषिपाल मथाना, अशोक रोशा, रामपाल शर्मा, संस्थानम के मीडिया प्रभारी रामपाल शर्मा सहित अनेक गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।