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Kurukshetra News: युवक की नौकरी फौज में लगवाने के नाम पर ठगी
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संवाद न्यूज एजेंसी
कुरुक्षेत्र/इस्माईलाबाद। बेटे को फौज में भर्ती करवाने के नाम पर एक व्यक्ति से पांच लाख की ठगी कर लिए जाने का मामला सामने आया है। नैसी गांव के कश्मीर सिंह ने देहरादून जिले के तेलपुरा, मेहुन्वाला खालसा गांव के रहने वाले दो सगे भाइयों विशाल वर्मा और शुभम वर्मा पर आरोप लगाया है।
पुलिस को दी शिकायत में उन्होंने बताया कि वह अप्रैल 2022 में फेसबुक के जरिए आरोपी विशाल वर्मा के संपर्क में आया और दोनों के बीच बातचीत शुरू हुई। विशाल ने दावा किया कि वह जम्मू में आर्मी में तैनात है और अपने कोटे से उनके बेरोजगार बीए पास बेटे को नौकरी दिला सकता है। इसके लिए पांच से छह लाख रुपये का खर्च बताया गया।
विश्वास में आकर कश्मीर सिंह ने बेटे के दस्तावेज भेजे। इसके बाद मई 2022 से सितंबर 2023 तक कई किस्तों में गूगल पे के जरिए विशाल के खाते में तीन लाख 36 हजार 150 रुपये और शुभम के खाते में एक लाख 65 हजार रुपये ट्रांसफर किए।
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नौकरी न लगने पर कश्मीर सिंह ने रुपये वापस मांगे तो आरोपियों ने छह फरवरी 2025 तक ब्याज सहित राशि लौटाने का वादा किया लेकिन आरोपी रुपये लौटाने की वजह फोन बंद कर भाग गए। 20 मार्च को कश्मीर सिंह डाक पत्थर चौकी इंचार्ज और सरपंच के साथ आरोपियों के घर गए, जहां शुभम ने स्वीकार किया कि विशाल आर्मी में नहीं, बल्कि ठेकेदारी करता है। शुभम ने 10 दिन में रुपये लौटाने का वादा किया, लेकिन बाद में वह भी मुकर गया और मोबाइल बंद कर लिया। कश्मीर सिंह ने पुलिस से दोनों आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई और ब्याज सहित राशि दिलाए जाने की गुहार लगाई है। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
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कुरुक्षेत्र/इस्माईलाबाद। बेटे को फौज में भर्ती करवाने के नाम पर एक व्यक्ति से पांच लाख की ठगी कर लिए जाने का मामला सामने आया है। नैसी गांव के कश्मीर सिंह ने देहरादून जिले के तेलपुरा, मेहुन्वाला खालसा गांव के रहने वाले दो सगे भाइयों विशाल वर्मा और शुभम वर्मा पर आरोप लगाया है।
पुलिस को दी शिकायत में उन्होंने बताया कि वह अप्रैल 2022 में फेसबुक के जरिए आरोपी विशाल वर्मा के संपर्क में आया और दोनों के बीच बातचीत शुरू हुई। विशाल ने दावा किया कि वह जम्मू में आर्मी में तैनात है और अपने कोटे से उनके बेरोजगार बीए पास बेटे को नौकरी दिला सकता है। इसके लिए पांच से छह लाख रुपये का खर्च बताया गया।
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विश्वास में आकर कश्मीर सिंह ने बेटे के दस्तावेज भेजे। इसके बाद मई 2022 से सितंबर 2023 तक कई किस्तों में गूगल पे के जरिए विशाल के खाते में तीन लाख 36 हजार 150 रुपये और शुभम के खाते में एक लाख 65 हजार रुपये ट्रांसफर किए।
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नौकरी न लगने पर कश्मीर सिंह ने रुपये वापस मांगे तो आरोपियों ने छह फरवरी 2025 तक ब्याज सहित राशि लौटाने का वादा किया लेकिन आरोपी रुपये लौटाने की वजह फोन बंद कर भाग गए। 20 मार्च को कश्मीर सिंह डाक पत्थर चौकी इंचार्ज और सरपंच के साथ आरोपियों के घर गए, जहां शुभम ने स्वीकार किया कि विशाल आर्मी में नहीं, बल्कि ठेकेदारी करता है। शुभम ने 10 दिन में रुपये लौटाने का वादा किया, लेकिन बाद में वह भी मुकर गया और मोबाइल बंद कर लिया। कश्मीर सिंह ने पुलिस से दोनों आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई और ब्याज सहित राशि दिलाए जाने की गुहार लगाई है। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।