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चार घंटे किया कुलपति और कुलसचिव दफ्तर का घेराव
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प्रदर्शन कर रहे विद्यार्थियों से बातचीत करते कुलपति डॉ. बलदेव धीमान। संवाद
- फोटो : Kurukshetra
संवाद न्यूज एजेंसी
कुरुक्षेत्र। अनिश्चितकालीन धरने पर बैठे श्रीकृष्णा राजकीय आयुर्वेदिक कॉलेज के विद्यार्थियों की पिछले नौ दिनों में एक भी मांग पूरी नहीं हुई है। विद्यार्थियोें ने बुधवार को फिर कुलपति और कुलसचिव कार्यालय का घेराव किया। यहां मांगें पूरी न होने से खफा विद्यार्थियों ने चार घंटे तक आयुष विश्वविद्यालय प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।
मामला बढ़ता देख विश्वविद्यालय प्रशासन को फिर पुलिस का सहारा लेना पड़ा। हालांकि विद्यार्थियों की जिद्द पर कुलपति और कुलसचिव ने विद्यार्थियों के बीच पहुंचे। उन्होंने विद्यार्थियों को आश्वासन दिया, लेकिन विद्यार्थियों ने आंदोलन जारी रखने का एलान किया। उधर, विद्यार्थियों की हड़ताल के चलते आयुर्वेदिक कॉलेज में स्वास्थ्य सेवाएं चरमरा गई हैं। एक जहां ओपीडी सेवाएं प्रभावित हुई हैं, वहीं आईपीडी सेवाएं भी पूरी तरह से प्रभावित हो चुकी है।
दूरदराज से पहुंचने वाले मरीजों को उपचार नहीं मिल रहा। उन्हें बिना उपचार के ही लौटना पड़ रहा है। हालात तब तक सुधरते नजर नहीं आ रहे, जब तक विद्यार्थी धरना खत्म नहीं करते। एमबीबीएस विद्यार्थियों के समान इंटर्नशिप भत्ता तथा स्नातकोत्तर के विद्यार्थियों की छात्रवृत्ति बढ़ाने सहित अन्य लंबित मांगों के समर्थन में विद्यार्थी 19 अप्रैल से अनिश्चितकालीन धरने पर बैठे हैं। विद्यार्थी अपनी मांगों पर अडिग हैं।
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विद्यार्थियों का कहना है कि जब आयुष विश्वविद्यालय प्रशासन विद्यार्थियों की समस्याओं का निवारण नहीं कर सकता तो इतना बड़ी जिम्मेदारी सरकार ने दी हुई है। विद्यार्थी अपनी पढ़ाई छोड़कर आंदोलन करने को मजबूर हैं। उन्होंने कहा कि अगर जल्द उनकी मांगे पूरी नहीं हुई तो आंदोलन तेज करने करने के लिए मजबूर होंगे। आरोप लगाया कि आयुष विश्वविद्यालय प्रशासन आयुर्वेद के विद्यार्थियों के साथ सौतेला व्यवहार अपना रहा है, जो सहन नहीं किया जाएगा।
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कुरुक्षेत्र। अनिश्चितकालीन धरने पर बैठे श्रीकृष्णा राजकीय आयुर्वेदिक कॉलेज के विद्यार्थियों की पिछले नौ दिनों में एक भी मांग पूरी नहीं हुई है। विद्यार्थियोें ने बुधवार को फिर कुलपति और कुलसचिव कार्यालय का घेराव किया। यहां मांगें पूरी न होने से खफा विद्यार्थियों ने चार घंटे तक आयुष विश्वविद्यालय प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।
मामला बढ़ता देख विश्वविद्यालय प्रशासन को फिर पुलिस का सहारा लेना पड़ा। हालांकि विद्यार्थियों की जिद्द पर कुलपति और कुलसचिव ने विद्यार्थियों के बीच पहुंचे। उन्होंने विद्यार्थियों को आश्वासन दिया, लेकिन विद्यार्थियों ने आंदोलन जारी रखने का एलान किया। उधर, विद्यार्थियों की हड़ताल के चलते आयुर्वेदिक कॉलेज में स्वास्थ्य सेवाएं चरमरा गई हैं। एक जहां ओपीडी सेवाएं प्रभावित हुई हैं, वहीं आईपीडी सेवाएं भी पूरी तरह से प्रभावित हो चुकी है।
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दूरदराज से पहुंचने वाले मरीजों को उपचार नहीं मिल रहा। उन्हें बिना उपचार के ही लौटना पड़ रहा है। हालात तब तक सुधरते नजर नहीं आ रहे, जब तक विद्यार्थी धरना खत्म नहीं करते। एमबीबीएस विद्यार्थियों के समान इंटर्नशिप भत्ता तथा स्नातकोत्तर के विद्यार्थियों की छात्रवृत्ति बढ़ाने सहित अन्य लंबित मांगों के समर्थन में विद्यार्थी 19 अप्रैल से अनिश्चितकालीन धरने पर बैठे हैं। विद्यार्थी अपनी मांगों पर अडिग हैं।
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विद्यार्थियों का कहना है कि जब आयुष विश्वविद्यालय प्रशासन विद्यार्थियों की समस्याओं का निवारण नहीं कर सकता तो इतना बड़ी जिम्मेदारी सरकार ने दी हुई है। विद्यार्थी अपनी पढ़ाई छोड़कर आंदोलन करने को मजबूर हैं। उन्होंने कहा कि अगर जल्द उनकी मांगे पूरी नहीं हुई तो आंदोलन तेज करने करने के लिए मजबूर होंगे। आरोप लगाया कि आयुष विश्वविद्यालय प्रशासन आयुर्वेद के विद्यार्थियों के साथ सौतेला व्यवहार अपना रहा है, जो सहन नहीं किया जाएगा।