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उद्घाटन के एक सप्ताह बाद ही शोपीस बन गए फव्वारे
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शहर की सुंदरता को चार चांद लगाने के लिए करोड़ों रुपये खर्च किए जा रहे हैं। आए दिन नए-नए प्रोजेक्ट पर चर्चा हो रही है और कई प्रोजेक्ट पर तो काम भी चल रहा है, लेकिन पहले तैयार कुछ प्रोजेक्ट देखरेख के अभाव में सुंदरता के नाम पर धब्बा नजर आने लगे हैं। हम बात कर रहे हैं रेलवे रोड पर तीन साल पहले लगाए गए फव्वारा सिस्टम की।
तीन साल पहले छठी पातशाही गुरुद्वारा चौक से रेलवे रोड परशुराम चौक तक सिक्स लेन, सुंदरीकरण तथा फव्वारों के संचालन का उद्घाटन 04 जुलाई, 2019 को विधायक सुभाष सुधा ने किया था। उद्घाटन के बाद सिर्फ एक सप्ताह ही इन्हें चलते हुए देखा गया था। आसपास के लोगों का तो यह कहना है कि ये फव्वारे सिर्फ दो बार चले एक तो जब इनका ट्रायल लिया गया और दूसरा जब इनका उद्घाटन हुआ।
पीडब्ल्यूडी ने करीब 10 करोड़ रुपये खर्च कर रेलवे रोड को सिक्स लेन बनाया था। इस रोड पर महाराजा शूरसैनी चौक से लेकर आहिल्या बाई चौक तक तीन जगह 17-17 फव्वारे लगाए गए थे। इनमें रंग-बिरंगी लाइटें भी लगी हुई हैं। इन फव्वारों व इनमें लगी लाइटों को बाद में नगर परिषद को हैंडओवर किया गया। नगर परिषद के हाथों में आने के कुछ दिनों में ही फव्वारा सिस्टम बंद हो गया, जो आज तक नहीं चला। इन फव्वारों के बंद रहने का कारण नगर परिषद के पास इन्हें चलाने के लिए कोई एक्सपर्ट न होना भी बताया जा रहा है। संवाद
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गिराई जा रही गंदगी, आज तक नहीं हुई सफाई
तीन साल तक इन फव्वरों को चलाकर रखना तो बहुत बड़ी बात है, नगर परिषद ने बीते सालों में इनकी सफाई तक कराने की जहमत नहीं उठाई। जिस बाउंडरी में ये फव्वारे लगे हुए हैं, उसमें आसपास के लोगों द्वारा गंदगी गिराई जा रही है। एक बड़े होटल के सामने तो फव्वरों के बीच सीढ़ी पड़ी हुई है। वहीं दूसरे में काई जम गई है और तीसरे की हालत भी बहुत खराब है।
डिवाइडर तोड़कर रास्ता बनाने का प्रयास : प्रतीक
रेलवे रोड वासी प्रतीक गाबा ने बताया कि जिस डिवाइडर पर ये फव्वारे लगे हुए हैं। उसे कुछ दुकानदारों ने एक जगह से तोड़कर अवैध कट बना लिया है। यह कट एचडीएफसी बैंक के सामने हैं। फिलहाल नप ने इस कट के एक ओर पत्थर लगाकर इसे बंद करने का प्रयास किया है।
पर्यटकों को आकर्षित करने के लिए लगाए थे : दीपक
शहरवासी दीपक वर्मा ने कहा कि रंग-बिरंगी लाइटों से लैस इन फव्वारों को लगाने का उद्देश्य ट्रेन से रोजाना धर्मनगरी में देश विदेश से पहुंचने वाले पर्यटक को आकर्षित करना था। क्योंकि ज्यादातर पर्यटक ट्रेन से कुरुक्षेत्र पहुंचते हैं। स्टेशन से ब्रह्मसरोवर और अन्य तीर्थ स्थलों पर जाने के लिए रेलवे रोड से ही गुजरना पड़ता है। ऐसे में इस फव्वारों के साथ पर्यटकों का स्वागत होता, लेकिन प्रशासन की अनदेखी के कारण लाखों रुपये का ये सिस्टम ठप पड़ा है।
सिर्फ दो दिन चलते देखे फव्वारे : रामदिया
दुकानदार रामदिया ने कहा कि उन्होंने सिर्फ दो दिन ही इन फव्वारों को चलते देखा था, पहली बार तब जब इनका ट्रायल लिया गया और दूसरी बाद तब जब इनका उद्घाटन हुआ। रेलवे रोड पर ये आकर्षण का केंद्र थे, लेकिन अधिकारियों की अनदेखी इन फव्वारों पर भारी पड़ी। उम्मीद खो बैठे हैं कि अब ये कभी चल पाएंगे।
नगर परिषद के कार्यकारी अधिकारी बलबीर ने बताया कि मामला उनके संज्ञान में नहीं था। वे इस बारे एमई और जेई से बात करेंगे और जल्द से जल्द जानकारी जुटाकर इसे चलवाएंगे।
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तीन साल पहले छठी पातशाही गुरुद्वारा चौक से रेलवे रोड परशुराम चौक तक सिक्स लेन, सुंदरीकरण तथा फव्वारों के संचालन का उद्घाटन 04 जुलाई, 2019 को विधायक सुभाष सुधा ने किया था। उद्घाटन के बाद सिर्फ एक सप्ताह ही इन्हें चलते हुए देखा गया था। आसपास के लोगों का तो यह कहना है कि ये फव्वारे सिर्फ दो बार चले एक तो जब इनका ट्रायल लिया गया और दूसरा जब इनका उद्घाटन हुआ।
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पीडब्ल्यूडी ने करीब 10 करोड़ रुपये खर्च कर रेलवे रोड को सिक्स लेन बनाया था। इस रोड पर महाराजा शूरसैनी चौक से लेकर आहिल्या बाई चौक तक तीन जगह 17-17 फव्वारे लगाए गए थे। इनमें रंग-बिरंगी लाइटें भी लगी हुई हैं। इन फव्वारों व इनमें लगी लाइटों को बाद में नगर परिषद को हैंडओवर किया गया। नगर परिषद के हाथों में आने के कुछ दिनों में ही फव्वारा सिस्टम बंद हो गया, जो आज तक नहीं चला। इन फव्वारों के बंद रहने का कारण नगर परिषद के पास इन्हें चलाने के लिए कोई एक्सपर्ट न होना भी बताया जा रहा है। संवाद
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गिराई जा रही गंदगी, आज तक नहीं हुई सफाई
तीन साल तक इन फव्वरों को चलाकर रखना तो बहुत बड़ी बात है, नगर परिषद ने बीते सालों में इनकी सफाई तक कराने की जहमत नहीं उठाई। जिस बाउंडरी में ये फव्वारे लगे हुए हैं, उसमें आसपास के लोगों द्वारा गंदगी गिराई जा रही है। एक बड़े होटल के सामने तो फव्वरों के बीच सीढ़ी पड़ी हुई है। वहीं दूसरे में काई जम गई है और तीसरे की हालत भी बहुत खराब है।
डिवाइडर तोड़कर रास्ता बनाने का प्रयास : प्रतीक
रेलवे रोड वासी प्रतीक गाबा ने बताया कि जिस डिवाइडर पर ये फव्वारे लगे हुए हैं। उसे कुछ दुकानदारों ने एक जगह से तोड़कर अवैध कट बना लिया है। यह कट एचडीएफसी बैंक के सामने हैं। फिलहाल नप ने इस कट के एक ओर पत्थर लगाकर इसे बंद करने का प्रयास किया है।
पर्यटकों को आकर्षित करने के लिए लगाए थे : दीपक
शहरवासी दीपक वर्मा ने कहा कि रंग-बिरंगी लाइटों से लैस इन फव्वारों को लगाने का उद्देश्य ट्रेन से रोजाना धर्मनगरी में देश विदेश से पहुंचने वाले पर्यटक को आकर्षित करना था। क्योंकि ज्यादातर पर्यटक ट्रेन से कुरुक्षेत्र पहुंचते हैं। स्टेशन से ब्रह्मसरोवर और अन्य तीर्थ स्थलों पर जाने के लिए रेलवे रोड से ही गुजरना पड़ता है। ऐसे में इस फव्वारों के साथ पर्यटकों का स्वागत होता, लेकिन प्रशासन की अनदेखी के कारण लाखों रुपये का ये सिस्टम ठप पड़ा है।
सिर्फ दो दिन चलते देखे फव्वारे : रामदिया
दुकानदार रामदिया ने कहा कि उन्होंने सिर्फ दो दिन ही इन फव्वारों को चलते देखा था, पहली बार तब जब इनका ट्रायल लिया गया और दूसरी बाद तब जब इनका उद्घाटन हुआ। रेलवे रोड पर ये आकर्षण का केंद्र थे, लेकिन अधिकारियों की अनदेखी इन फव्वारों पर भारी पड़ी। उम्मीद खो बैठे हैं कि अब ये कभी चल पाएंगे।
नगर परिषद के कार्यकारी अधिकारी बलबीर ने बताया कि मामला उनके संज्ञान में नहीं था। वे इस बारे एमई और जेई से बात करेंगे और जल्द से जल्द जानकारी जुटाकर इसे चलवाएंगे।