{"_id":"66e32104ebc56f20950726da","slug":"former-minister-jaswinder-singh-sandhu-sons-gaganjot-sandhu-and-jastej-sandhu-are-independent-candidates-2024-09-12","type":"story","status":"publish","title_hn":"Haryana Eletion: चुनावी अखाड़े में भाई के सामने भाई, पिहोवा सीट पर पूर्व कृषि मंत्री के बेटों ने भरा नामांकन","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Haryana Eletion: चुनावी अखाड़े में भाई के सामने भाई, पिहोवा सीट पर पूर्व कृषि मंत्री के बेटों ने भरा नामांकन
Thu, 12 Sep 2024 10:42 PM IST
अंकेश ठाकुर
संवाद न्यूज एजेंसी, पिहोवा
संवाद न्यूज एजेंसी, पिहोवा
Published by: अंकेश ठाकुर
Updated Thu, 12 Sep 2024 10:42 PM IST
सार
Haryana Assembly Eletion 2024: हरियाणा विस चुनाव के अखाड़े में परिवार के लोग एक-दूसरे के सामने चुनाव लड़ रहे हैं। इससे आम चुनाव का मजा दोगुना हो गया है। पिहोवा सीट पर पूर्व कृषि मंत्री के दोनों बेटों ने आजाद तौर पर नामांकन पत्र दाखिल किया है।
विज्ञापन
गगनजोत संधू औऱ जसतेज संधू।
- फोटो : संवाद
विस्तार
विधानसभा चुनाव नजदीक आए तो अलग-अलग चुनावी रंग भी दिखाई देने लगे हैं। पिहोवा विधानसभा क्षेत्र में भी पूर्व कृषि मंत्री जसविंद्र सिंह संधू के दो बेटे आमने-सामने मैदान में आ गए हैं। दोनों ही निर्दलीय तौर पर चुनावी जंग में कूदे हैं। एक को कांग्रेस तो दूसरे को इनेलो से टिकट मिलने की उम्मीद थी, लेकिन दोनों को पार्टी से करारा झटका लगा।
विज्ञापन
पूर्व मंत्री जसविंद्र सिंह संधू इनेलो के कद्दावर नेता थे और अंतिम समय तक इसी पार्टी से जुड़े रहे। वे चौटाला परिवार के बेहद करीबी रहे। उनके निधन के बाद अपने गुमथला गढू गांव के सरपंच रह चुके गगनजोत संधू ने इनेलो छोड़ कांग्रेस का दामन थाम लिया था तो बाद में वे फिर इनेलो में शामिल हो गए थे। इनेलो ने यहां पार्टी के ही बलदेव सिंह को चुनावी मैदान में उतारा है, जिसके चलते गगनजोत संधू ने वीरवार को निर्दलीय के तौर पर नामांकन दाखिल कर दिया।
विज्ञापन
वहीं, जसतेज संधू कांग्रेस से जुड़ कर क्षेत्र में सक्रिय रहे। यहां तक कि पिछले दिनों पिहोवा में सांसद दीपेंद्र हुड्डा की जन संदेश यात्रा में भी शामिल हुए थे। वे किसान आंदोलन में भी सक्रिय थे और इस बार पार्टी से टिकट मिलने की उम्मीद लगाए हुए थे। पार्टी ने उन्हें दरकिनार कर यहां वित्त मंत्री रहे हरमोहिंद्र सिंह चट्ठा के बेटे मनदीप चट्ठा पर विश्वास जताया। ऐसे में उन्होंने भी निर्दलीय नामांकन भरकर चुनावी जंग शुरू कर दी।
विज्ञापन
ऐसे में अब दोनों भाई चुनावी दंगल में निर्दलीय प्रत्याशी के तौर पर एक-दूसरे के आमने-सामने हैं। दोनों भाईयों की जीत का फैसला तो खैर हलके की जनता करेगी, लेकिन देखना यह दिलचस्प रहेगा कि जनता दोनों में से किस पर ज्यादा भरोसा जताती है। वहीं, राजनीति दलों के दूसरे प्रत्याशियों को दोनों भाई कितनी टक्कर दे पाते हैं।