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एलपीजी कनेक्शन लिए नहीं, केरोसिन मिलना हुआ बंद
सेवा सिंह /अमर उजाला, कुरूक्षेत्र
Updated Fri, 04 Nov 2016 11:57 PM IST
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जिले के 17 हजार घरों के चूल्हे जलने पर बड़ा सवाल खड़ा हो गया है। इन चूल्हों पर सरकार की योजना ही ठंडा पानी बनकर गिरी है। रही सही कसर लोगों की लापरवाही ने पूरी कर दी है, जिससे इन घरों में अब न केरोसिन पहुंच पाएगा और न ही अब तक गैस कनेक्शन ही पहुंचा है। इन घरों के चूल्हे जलाने के लिए न शासन-प्रशासन की अपील काम आई है और न ही इसके समाधान के लिए कोई विकल्प ही फिलहाल नजर में है। इस स्थिति से जहां संबंधित अधिकारियों को पसीना आने लगा है। वहीं लोगों के माथे पर शिकन नहीं दिख रही है। अमर उजाला की खास रिपोर्ट -
प्रदेश सरकार ने कुरुक्षेत्र सहित आठ जिलों को केरोसिन मुक्त जिले बनाए जाने का निर्णय लिया था, जिसके तहत 1 नवंबर को गुरुग्राम में हुए स्वर्ण जयंती कार्यक्रम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से घोषणा भी करवा दी गई। इस घोषणा के बाद जिले में केरोसिन की सप्लाई एक नवंबर से ही बंद हो गई है और जिले को केरोसिन मुक्त घोषित कर दिया गया। ऐसे में प्रधानमंत्री उज्जवला योजना के तहत लोगों को गैस कनेक्शन दिए जाने थे। लेकिन जिले के 17008 घरों में अब तक गैस कनेक्शन नहीं हुआ है। ऐसे में इन घरों में अब न केरोसिन रहेगा न फिलहाल गैस कनेक्शन ही है। यह सभी ऐसे घर हैं जो अभी तक केरोसिन से अपने चूल्हे जलाते रहे हैं। लेकिन इस माह से केरोसिन नहीं मिल पाएगा। हालांकि सरकार ने इस योजना को सफल बनाने के लिए सभी राशनकार्ड धारकों को एलपीजी कनेक्शन दिए जाने का निर्णय लिया था। जिसके लिए प्रशासन ने लोगों को जागरूक भी किया। गैस कनेक्शन देने के लिए विशेष कैंप भी लगाए, लेकिन यह लोग ही आगे नहीं आए। जुलाई माह से शुरू की गई इस योजना के तहत सभी को गैस कनेक्शन देने के लिए 31 अक्तूबर आखिरी तारीख तय की गई थी। इसके बावजूद जिले के कुल 50067 राशन कार्ड धारकों में से केवल 33059 ही कार्ड धारकों ने गैस कनेक्शन लिए, जबकि 17008 राशनकार्ड धारकों के पास आज भी गैस कनेक्शन नहीं लिए हैं।
योजना के तहत 9 हजार से भी कम ने लिए एलपीजी कनेक्शन
इस योजना को लेकर लोगों की रुचि बेहद कम रही है। जिसका अंदाजा इसी से ही लगाया जा सकता है कि इस योजना के शुरू किए जाने से अब तक जिला भर में महज 8981 कार्ड धारकों ने एलपीजी कनेक्शन लिए है। जबकि 24078 कनेक्शन पहले से ही चले आ रहे थे। जिले में एचपीसी, बीपीसी व आईओसी कंपनियां ही गैस कनेक्शन उपलब्ध करवा रही है।
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तीन खंडों में लगाए कैंप, गांव-गांव पहुंच की जाती रही अपील
उज्ज्वला योजना के तहत एलपीजी कनेक्शन लिए जाने को लेकर प्रशासन की ओर से भरसक प्रयास किए गए। जिसके तहत जिले के लाडवा, शाहाबाद व पिहोवा में खंड स्तर पर डीसी की मौजूदगी में खुले कैंप लगाए गए तो वहीं खाद्य एवं पूर्ति अधिकारियों के साथ-साथ गैस एजेंसी संचालक व कर्मी भी गांव-गांव जाकर लोगों से अपील करते रहे है। इसके बावजूद भी इतनी संख्या में लोगों का इस योजना से न जुड़ पाना अधिकारियों के लिए गंभीर चिंता का विषय बना हुआ है।
अक्तूबर माह में आया 144 किलोलीटर केरोसिन
राशन कार्ड पर केरोसिन दिए जाने के लिए पिछले व अंतिम माह ही प्रशासन ने जिले भर में 144 किलोलीटर केरोसिन वितरित किया जबकि इससे पहले सितंबर माह में 126 किलोलीटर तो उससे पूर्व जुलाई व अगस्त माह में 168-168 किलोलीटर केरोसिन वितरित किया गया।
चूल्हे व रिफल का ही देना पड़ रहा खर्च
प्रधानमंत्री उज्जवला योजना के तहत एलपीजी कनेक्शन देने के लिए भरपूर सुविधा दी जा रही है। निशुल्क दिए जा रहे कनेक्शन के साथ धारकों को महज चूल्हे व रिफिल का ही लगभग 1500 रुपये खर्च देना पड़ रहा है। इसके लिए भी लोन की सुविधा दी गई है, जो गैस सिलेंडर पर मिलने वाली सब्सिडी से पूरा किया जाएगा।
अभी भी किए जा रहे है भरपूर प्रयास : वीरेंद्र
जिला खाद्य एवं पूर्ति अधिकारी वीरेंद्र सिंह का कहना है कि विभाग व गैस एजेंसियों की ओर से योजना शुरू होने से लेकर अभी तक भरपूर प्रयास किए जा रहे है। ग्राम पंचायतों के माध्यम से गांव-गांव में लोगों से अपील की जा रही है। पूरा प्रचार-प्रसार भी किया गया, जिसके बावजूद अनेकों लोग एलपीजी कनेक्शन लेने के लिए आगे नहीं आए है। उन्हें फिर से जागरूक किया जा रहा है।
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प्रदेश सरकार ने कुरुक्षेत्र सहित आठ जिलों को केरोसिन मुक्त जिले बनाए जाने का निर्णय लिया था, जिसके तहत 1 नवंबर को गुरुग्राम में हुए स्वर्ण जयंती कार्यक्रम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से घोषणा भी करवा दी गई। इस घोषणा के बाद जिले में केरोसिन की सप्लाई एक नवंबर से ही बंद हो गई है और जिले को केरोसिन मुक्त घोषित कर दिया गया। ऐसे में प्रधानमंत्री उज्जवला योजना के तहत लोगों को गैस कनेक्शन दिए जाने थे। लेकिन जिले के 17008 घरों में अब तक गैस कनेक्शन नहीं हुआ है। ऐसे में इन घरों में अब न केरोसिन रहेगा न फिलहाल गैस कनेक्शन ही है। यह सभी ऐसे घर हैं जो अभी तक केरोसिन से अपने चूल्हे जलाते रहे हैं। लेकिन इस माह से केरोसिन नहीं मिल पाएगा। हालांकि सरकार ने इस योजना को सफल बनाने के लिए सभी राशनकार्ड धारकों को एलपीजी कनेक्शन दिए जाने का निर्णय लिया था। जिसके लिए प्रशासन ने लोगों को जागरूक भी किया। गैस कनेक्शन देने के लिए विशेष कैंप भी लगाए, लेकिन यह लोग ही आगे नहीं आए। जुलाई माह से शुरू की गई इस योजना के तहत सभी को गैस कनेक्शन देने के लिए 31 अक्तूबर आखिरी तारीख तय की गई थी। इसके बावजूद जिले के कुल 50067 राशन कार्ड धारकों में से केवल 33059 ही कार्ड धारकों ने गैस कनेक्शन लिए, जबकि 17008 राशनकार्ड धारकों के पास आज भी गैस कनेक्शन नहीं लिए हैं।
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योजना के तहत 9 हजार से भी कम ने लिए एलपीजी कनेक्शन
इस योजना को लेकर लोगों की रुचि बेहद कम रही है। जिसका अंदाजा इसी से ही लगाया जा सकता है कि इस योजना के शुरू किए जाने से अब तक जिला भर में महज 8981 कार्ड धारकों ने एलपीजी कनेक्शन लिए है। जबकि 24078 कनेक्शन पहले से ही चले आ रहे थे। जिले में एचपीसी, बीपीसी व आईओसी कंपनियां ही गैस कनेक्शन उपलब्ध करवा रही है।
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तीन खंडों में लगाए कैंप, गांव-गांव पहुंच की जाती रही अपील
उज्ज्वला योजना के तहत एलपीजी कनेक्शन लिए जाने को लेकर प्रशासन की ओर से भरसक प्रयास किए गए। जिसके तहत जिले के लाडवा, शाहाबाद व पिहोवा में खंड स्तर पर डीसी की मौजूदगी में खुले कैंप लगाए गए तो वहीं खाद्य एवं पूर्ति अधिकारियों के साथ-साथ गैस एजेंसी संचालक व कर्मी भी गांव-गांव जाकर लोगों से अपील करते रहे है। इसके बावजूद भी इतनी संख्या में लोगों का इस योजना से न जुड़ पाना अधिकारियों के लिए गंभीर चिंता का विषय बना हुआ है।
अक्तूबर माह में आया 144 किलोलीटर केरोसिन
राशन कार्ड पर केरोसिन दिए जाने के लिए पिछले व अंतिम माह ही प्रशासन ने जिले भर में 144 किलोलीटर केरोसिन वितरित किया जबकि इससे पहले सितंबर माह में 126 किलोलीटर तो उससे पूर्व जुलाई व अगस्त माह में 168-168 किलोलीटर केरोसिन वितरित किया गया।
चूल्हे व रिफल का ही देना पड़ रहा खर्च
प्रधानमंत्री उज्जवला योजना के तहत एलपीजी कनेक्शन देने के लिए भरपूर सुविधा दी जा रही है। निशुल्क दिए जा रहे कनेक्शन के साथ धारकों को महज चूल्हे व रिफिल का ही लगभग 1500 रुपये खर्च देना पड़ रहा है। इसके लिए भी लोन की सुविधा दी गई है, जो गैस सिलेंडर पर मिलने वाली सब्सिडी से पूरा किया जाएगा।
अभी भी किए जा रहे है भरपूर प्रयास : वीरेंद्र
जिला खाद्य एवं पूर्ति अधिकारी वीरेंद्र सिंह का कहना है कि विभाग व गैस एजेंसियों की ओर से योजना शुरू होने से लेकर अभी तक भरपूर प्रयास किए जा रहे है। ग्राम पंचायतों के माध्यम से गांव-गांव में लोगों से अपील की जा रही है। पूरा प्रचार-प्रसार भी किया गया, जिसके बावजूद अनेकों लोग एलपीजी कनेक्शन लेने के लिए आगे नहीं आए है। उन्हें फिर से जागरूक किया जा रहा है।