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Kurukshetra News: धुंध ने फिर दी दस्तक, कल बादल छाने के आसार
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पानीपत। पश्चिमी विक्षोभ के चलते सोमवार को धुंध ने फिर से दस्तक दी है। धुंध व ठंड बढ़ने से किसानों की फसल उत्पादन बढ़ने की उम्मीदें बढ़ गई हैं। जिले में सुबह करीब आठ बजे तक हल्की से मध्यम धुंध छाई रही। धूप निकलने से लोगों को धुंध से राहत मिली। मौसम विशेषज्ञ ने बुधवार को बादल छाने की संभावना जताई है।
जिले में कई दिन मौसम साफ रहने और तापमान बढ़ने के बाद सोमवार को फिर से धुंध लौटी। सुबह के समय धुंध छाने से लोगों की दिनचर्या प्रभावित हुई। सोमवार को हवा की रफ्तार 13 से घटकर छह किलोमीटर प्रतिघंटा रही। अधिकतम तापमान 26 डिग्री और न्यूनतम तापमान 12 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। हवा की रफ्तार कम होने से दिन में गर्मी महसूस की गई। सुबह-शाम ठंड और दिन में गर्मी होने से लोग स्वास्थ्य के प्रति लापरवाही बरतने लगे हैं। इससे वे खांसी-जुकाम, वायरल बुखार के ग्रस्त हो रहे हैं और उनकी स्वास्थ्य हानि हो रही है। वहीं मौसम बदलने से किसानों के चेहरे खिल गए हैं। पिछले कुछ दिनों से लगातार तापमान बढ़ने से किसानों की चिंता भी बढ़ गई थी।
नौल्था गांव के सतबीर ने बताया कि गेहूं और सरसों की फसल के उत्पादन के लिए फरवरी और मार्च माह में अधिकतम तापमान 20 डिग्री तक ही होना चाहिए लेकिन पिछले कुछ दिनों से तापमान बढ़ने लगा था इससे किसानों को फसल उत्पादन कम होने का डर सताने लगा था। सोमवार को धुंध के साथ ठंड बढ़ने से किसानों की चिंता कुछ कम हुई है और फसल उत्पादन बढ़ने की उम्मीद बढ़ी है।
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कृषि विज्ञान केंद्र उझा के मौसम विशेषज्ञ डॉ. आशीष कुमार ने बताया कि मंगलवार को मौसम साफ रहने के बाद बुधवार को बादल छा सकते हैं। बादल छाने से तापमान में कमी आ सकती है इससे फसलों का उत्पादन बढ़ सकता है और किसानों को फायदा हो सकता है।
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जिले में कई दिन मौसम साफ रहने और तापमान बढ़ने के बाद सोमवार को फिर से धुंध लौटी। सुबह के समय धुंध छाने से लोगों की दिनचर्या प्रभावित हुई। सोमवार को हवा की रफ्तार 13 से घटकर छह किलोमीटर प्रतिघंटा रही। अधिकतम तापमान 26 डिग्री और न्यूनतम तापमान 12 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। हवा की रफ्तार कम होने से दिन में गर्मी महसूस की गई। सुबह-शाम ठंड और दिन में गर्मी होने से लोग स्वास्थ्य के प्रति लापरवाही बरतने लगे हैं। इससे वे खांसी-जुकाम, वायरल बुखार के ग्रस्त हो रहे हैं और उनकी स्वास्थ्य हानि हो रही है। वहीं मौसम बदलने से किसानों के चेहरे खिल गए हैं। पिछले कुछ दिनों से लगातार तापमान बढ़ने से किसानों की चिंता भी बढ़ गई थी।
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नौल्था गांव के सतबीर ने बताया कि गेहूं और सरसों की फसल के उत्पादन के लिए फरवरी और मार्च माह में अधिकतम तापमान 20 डिग्री तक ही होना चाहिए लेकिन पिछले कुछ दिनों से तापमान बढ़ने लगा था इससे किसानों को फसल उत्पादन कम होने का डर सताने लगा था। सोमवार को धुंध के साथ ठंड बढ़ने से किसानों की चिंता कुछ कम हुई है और फसल उत्पादन बढ़ने की उम्मीद बढ़ी है।
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कृषि विज्ञान केंद्र उझा के मौसम विशेषज्ञ डॉ. आशीष कुमार ने बताया कि मंगलवार को मौसम साफ रहने के बाद बुधवार को बादल छा सकते हैं। बादल छाने से तापमान में कमी आ सकती है इससे फसलों का उत्पादन बढ़ सकता है और किसानों को फायदा हो सकता है।