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कुरुक्षेत्र में 700 एकड़ मक्का की फसल पानी में डूबी

Fri, 19 Jul 2019 12:39 AM IST
Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Fri, 19 Jul 2019 12:39 AM IST
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रसाती पानी से बर्बाद हुई खेतों में खड़ी फसल । - फोटो : Kurukshetra
किसानों की फसल के लिए कृषि वैज्ञानिकों ने मानसून की बारिश को अत्यंत लाभप्रद बताया है, लेकिन उसी बरसात ने किसानों की आशाओं पर पानी फेरकर निराशा में बदल दिया है। बाढ़ पीड़ित किसान अब जिला उप निदेशक, कृषि एवं किसान कल्याण विभाग कार्यालय में पहुंचकर अपनी फसल बर्बादी का दुखड़ा रो रहे हैं, तो कुछ पीड़ित किसान मुआवजा की मांग को लेकर विभिन्न कार्यालयों के चक्कर काट रहे हैं। यदि कृषि विभाग के अधिकारियों की माने तो इस बारिश से जिलेभर में 700 एकड़ मक्का की फसल नष्ट हुई है, जबकि हजारों एकड़ धान की फसल बर्बादी के कगार पर है। विधायक सुभाष सुधा ने राजस्व विभाग एवं कृषि विभाग के अधिकारियों की बैठक लेकर निर्देश दिए कि बारिश और जल भराव के कारण किसानों की फसलें खराब हुई है, जिससे किसानों को काफी नुकसान हुआ है। इसलिए राजस्व विभाग के अधिकारी संबंधित विभागों के साथ मिलकर खेतों की स्पेशल गिरदावरी कर विशेष रिपोर्ट तैयार करें, ताकि रिपोर्ट को आगामी कार्रवाई के लिए प्रदेश सरकार को भेजा जा सके।
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किसानों ने मुआवजा की लगाई गुहार
गांव बचगांव, उदारसी, अनसाली, ठसका अली और अजराना कला निवासी किसान भगवान सिंह, शशि भूषण, नरेश कुमार, सुरेंद्र सिंह, दान सिंह, जितेंद्र सिंह व बलजीत का कहना है कि बरसाती पानी से उनकी हजारों एकड़ में खड़ी फसल नष्ट हो गई है। किसानों ने आरोप लगाया कि उन्होंने मानसून से पहले ही संबंधित अधिकारियों को ड्रेन की सफाई करने की मांग की थी, लेकिन अधिकारियों की लापरवाही से उनकी फसल पानी की भेंट चढ़ गई। उन्होंने सरकार से शीध्र उचित मुआवजा देने की मांग की है।
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किसानों पर पड़ेगी दोहरी मार: अवतार सिंह
गांव बचगांव के पूर्व सरपंच अवतार सिंह ने बताया कि उन्होंने कृषि विभाग के अधिकारियों के कहने पर बाहर से मक्का का बीज खरीुदकर फसल बोई थी, लेकिन खेत जलमग्न होने के चलते उसकी फसल नष्ट हो गई, जबकि उसके परिवार के लोगों के करीब 80 एकड़ फसल पानी की भेंट चढ़ गए, लेकिन अब कृषि विभाग के अधिकारियों ने मुआवजे से संबंधित दस्तावेज पूरे करने से अपने हाथ पीछे खींच लिए। इससे किसानों पर दोहरी मार पड़ेगी, क्योंकि किसानों को दोबारा से अपने खेत तैयार कर बीज रोपित करने पड़ेंगे।
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किसान को 38,300 रुपये का मुआवजा मिलेगा
कृषि एवं किसान कल्याण विभाग के उपनिदेशक डा. प्रदीप मील ने बताया कि जिन किसानों ने कृषि विभाग से मक्का का बीज खरीदकर खेती की थी और एग्रीकल्चर इंश्योरेंस कंपनी ऑफ इंडिया से प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत अपनी फसल का बीमा कराया था। उन किसानों को प्रति हेक्टेयर की दर से 38 हजार 300 रुपये मुआवजा प्रदान किया जाएगा। पीड़ित किसान शीध्र ब्लॉक स्तर पर कृषि विभाग कार्यालय में बीमा कंपनी के कर्मचारियों से संपर्क कर फसल से संबंधित जानकारी से अवगत कराए। कृषि विभाग द्वारा जिलाभर के खेतों का जायजा लिया जा रहा है।

कृषि एवं कल्याण विभाग के निदेशक से किसान मुआवजे की मांग करते हुए ।

कृषि एवं कल्याण विभाग के निदेशक से किसान मुआवजे की मांग करते हुए ।- फोटो : Kurukshetra

गांव घमुर खेडी में खेतों में घुसा बारिश का पानी सड़क पर खडे ग्रामीण ।

गांव घमुर खेडी में खेतों में घुसा बारिश का पानी सड़क पर खडे ग्रामीण ।- फोटो : Kurukshetra

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