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कुदरत का कहर: उत्तराखंड में मलबे में दबने से बैंक प्रबंधक समेत हरियाणा के एक परिवार के पांच सदस्यों की मौत

Wed, 16 Aug 2023 07:52 PM IST
भूपेंद्र सिंह संवाद न्यूज एजेंसी, कुरुक्षेत्र (हरियाणा)
संवाद न्यूज एजेंसी, कुरुक्षेत्र (हरियाणा) Published by: भूपेंद्र सिंह Updated Wed, 16 Aug 2023 07:52 PM IST
सार

कुरुक्षेत्र के सेक्टर चार से परिवार पहाड़ों में घूमने गया था। परिवार में सात साल की बच्ची जीवित बची है। दो मृतकों निशांत और निर्मित के शव बुधवार को  पहुंचे। एक साथ सबका संस्कार किया गया। 

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Five members of a Haryana family, including bank manager, died after being buried under debris in Uttarakhand
कमल वर्मा, निशा, निर्मित, निशांत का फाइल फोटो। - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी

विस्तार

हरियाणा के कुरुक्षेत्र के सेक्टर-चार के मकान 1756 में वर्मा परिवार पर रविवार-सोमवार की रात कहर बन टूटी। उत्तराखंड के जिला पौड़ी ऋषिकेश के यमकेश्वर के नजदीक पास गांव मोहन चट्टी में रविवार को भारी बारिश से हुए भूस्खलन की चपेट में आए रिजॉर्ट में ठहरा बैंक प्रबंधक कमल वर्मा अपने परिवार के साथ बह गया।

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इस हादसे में कमल वर्मा (40), उनकी पत्नी निशा (36), भतीजा निशांत (18), बेटा निर्मित (10) और साला मोंटी (22) निवासी इसराना पानीपत की मौत हो गई। इस हादसे में कमल वर्मा की बेटी कृतिका (7) ही जीवित बची है।
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देर शाम बुधवार को जैसे ही निशांत और निर्मित के शव सेक्टर-चार पहुंचे तो वहां चीख-पुकार मच गई। अपने दोनों पोतों के शव देखकर माया देवी का कलेजा फट गया। निशांत की मां मोनिका बार-बार बेसुध हो रही थी। वहीं बहन रितिका के आंसू रोके नहीं रुक रहे थे।
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रिश्तेदार से लेकर आस-पड़ोस के लोग किसी तरह उनको हौसला देने का प्रयास कर रहे थे, मगर इसको देखकर हर किसी की आंखें नम थी। सबकी जुबां पर एक ही बात थी कि हे भगवान ऐसा कहर किसी पर न टूटे।

रविवार-सोमवार की रात के अगले दिन एसडीआरएफ की टीम ने कमल वर्मा, निशा और मोंटी के शव बरामद करके परिजनों के हवाले कर दिए थे। उसी दिन मोंटी का इसराना में उसके परिजनों के अंतिम संस्कार कर दिया था। कमल और निशा के शव को एलएनजेपी अस्पताल में रख दिया गया था। दो दिन के बाद बुधवार को निशांत और निर्मित के भी शव मिलने की सूचना मिली तो परिजन उनको लेने उत्तराखंड गए थे। देर शाम में उन चारों का अंतिम संस्कार किया गया। इसे देखकर वहां मौजूद सभी की आंखे नम हो गई।


घूमने था पूरा परिवार
कमल वर्मा यूनियन बैंक शाखा पानीपत में प्रबंधक थे। रविवार को छुट्टी होने कारण कमल वर्मा अपने परिवार के साथ ममेरे साले मोंटी और भतीजे निशांत के साथ पहाड़ों पर घूमने के लिए गए थे। यहां मोहन चट्टी में बने एक रिजॉर्ट में रुके थे। घटना से ठीक पहले कमल वर्मा ने सकुशल पहुंचने की सूचना अपने दोस्त व परिजनों को दी थी। रात करीब दो बजे परिजनों को हादसे की सूचना मिली थी।

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