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तूड़ी के 12 कूपों में लगी आग
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गांव जंधेडी में कूपों में लगी आग को दिखाता किसान। संवाद
- फोटो : Kurukshetra
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संवाद न्यूज एजेंसी
इस्माईलाबाद। गांव जंधेडी में सोमवार देर रात तूड़ी के 12 कूपों में आग लग गई। आग लगने की सूचना मिलते ही ग्रामीण मौके पहुंचे और बुझाने का प्रयास किया। आग पर काबू पाने के सारे प्रयास नाकाम रहे। फायर ब्रिगेड के कर्मचारियों ने ग्रामीणों की मदद से छह घंटे कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया गया। सूचना मिलते ही नग्गल थाना प्रभारी विक्रांत सिंह भी मौके पर पहुंचे। कूपों में आग लगने के कारणों का पता नहीं चल पाया।
गांव जंधेडी के किसान विष्णु दत्त शर्मा ने बताया कि गेहूं के सीजन में उन्होंने अपने खेत में एक लाइन में तूड़ी के करीब 12 कूप बांधे थे। गांव के लोगोें ने सोमवार की रात ने उन्हें कूपों में आग लगने की सूचना दी। सूचना मिलते ही वह मौके पर पहुंचे तो कूपों से आग की लपटें उठ रही थीं। उन्होंने आग पर काबू पाने की कोशिश की और आग लगने की सूचना फायर ब्रिगेड व पुलिस को दी गई।
सूचना मिलते ही फायर ब्रिगेड की दो गाड़ियां मौके पर पहुंची और ग्राम वासियों की सहायता से कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया गया, लेकिन तब तक तूड़ी के 12 कूप जल चुके थे। शर्मा ने बताया कि आग में कूपों के पास खड़ी कंबाइन का अगला टायर, लेजर लैंड लेवलर मशीन और कुछ अन्य सामान भी जल गया है, जिससे उसका लाखों रुपये का नुकसान हुआ है।
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नग्गल थाना प्रभारी विक्रांत सिंह ने कहा वह मामले की जांच कर रहे हैं। आसपास के लोगों से पूछताछ की जा रही है। इसके अलावा रात के समय आग लगने वाले क्षेत्र में प्रवेश होने वाले मोबाइल फोन की लोकेशन भी ट्रेस की जा रही है। गांव में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज भी खंगाली जाएगी।
बरसात के बाद कूपों में आग लगना समझ से परे
विष्णु दत्त शर्मा ने बताया कि रात 9 बजे बरसात शुरू होने से बिजली सप्लाई बाधित थी, जिससे शार्ट सर्किट से आग लगने का कोई संभावना ही नहीं बनती। इसके अलावा पिछले दो दिन से हुई बरसात से कूपों की पराली भी भीगी थी। ऐसे में कूपों में आग उनकी समझ से परे है। मामले की जांच होनी चाहिए।
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इस्माईलाबाद। गांव जंधेडी में सोमवार देर रात तूड़ी के 12 कूपों में आग लग गई। आग लगने की सूचना मिलते ही ग्रामीण मौके पहुंचे और बुझाने का प्रयास किया। आग पर काबू पाने के सारे प्रयास नाकाम रहे। फायर ब्रिगेड के कर्मचारियों ने ग्रामीणों की मदद से छह घंटे कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया गया। सूचना मिलते ही नग्गल थाना प्रभारी विक्रांत सिंह भी मौके पर पहुंचे। कूपों में आग लगने के कारणों का पता नहीं चल पाया।
गांव जंधेडी के किसान विष्णु दत्त शर्मा ने बताया कि गेहूं के सीजन में उन्होंने अपने खेत में एक लाइन में तूड़ी के करीब 12 कूप बांधे थे। गांव के लोगोें ने सोमवार की रात ने उन्हें कूपों में आग लगने की सूचना दी। सूचना मिलते ही वह मौके पर पहुंचे तो कूपों से आग की लपटें उठ रही थीं। उन्होंने आग पर काबू पाने की कोशिश की और आग लगने की सूचना फायर ब्रिगेड व पुलिस को दी गई।
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सूचना मिलते ही फायर ब्रिगेड की दो गाड़ियां मौके पर पहुंची और ग्राम वासियों की सहायता से कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया गया, लेकिन तब तक तूड़ी के 12 कूप जल चुके थे। शर्मा ने बताया कि आग में कूपों के पास खड़ी कंबाइन का अगला टायर, लेजर लैंड लेवलर मशीन और कुछ अन्य सामान भी जल गया है, जिससे उसका लाखों रुपये का नुकसान हुआ है।
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नग्गल थाना प्रभारी विक्रांत सिंह ने कहा वह मामले की जांच कर रहे हैं। आसपास के लोगों से पूछताछ की जा रही है। इसके अलावा रात के समय आग लगने वाले क्षेत्र में प्रवेश होने वाले मोबाइल फोन की लोकेशन भी ट्रेस की जा रही है। गांव में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज भी खंगाली जाएगी।
बरसात के बाद कूपों में आग लगना समझ से परे
विष्णु दत्त शर्मा ने बताया कि रात 9 बजे बरसात शुरू होने से बिजली सप्लाई बाधित थी, जिससे शार्ट सर्किट से आग लगने का कोई संभावना ही नहीं बनती। इसके अलावा पिछले दो दिन से हुई बरसात से कूपों की पराली भी भीगी थी। ऐसे में कूपों में आग उनकी समझ से परे है। मामले की जांच होनी चाहिए।