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कोर्ट ने जिप अध्यक्ष, बीडीपीओ, एसडीओ, जेई व ठेकेदार के खिलाफ मामला दर्ज के दिए आदेश
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प्रथम श्रेणी न्यायिक मजिस्ट्रेट की कोर्ट ने एक ठेकेदार की याचिका पर सुनवाई करते हुए निवर्तमान जिला परिषद अध्यक्ष गुरदयाल सुनहेड़ी, बीडीपीओ साहब सिंह, एसडीओ शिव कुमार, जेई संदीप व ठेकेदार अशोक के खिलाफ धोखाधड़ी, जान से मारने की धमकी देने सहित आईपीसी की नौ धाराओं के तहत पुलिस को केस दर्ज करने के आदेश दिए हैं। जेएमएफसी अभिमन्यु सिंह राजपूत की कोर्ट ने यह आदेश बुधवार को ठेकेदार राकेश द्वारा दायर याचिका पर सुनवाई करते हुए दिए। समाचार लिखे जाने तक पुलिस द्वारा मामला दर्ज नहीं किया गया था।
ठेकेदार राकेश कुमार ने जिला परिषद चेयरमैन व अधिकारियों पर फर्जी बिल लगाकर धोखाधड़ी से पैसे निकलवाने के आरोप लगाए थे। राकेश ने बताया कि उसने इस संदर्भ में 7 दिसंबर 2020 को पुलिस अधीक्षक को शिकायत दी थी लेकिन केस दर्ज नहीं किया गया। उसने जेई संदीप के कहने पर जिला परिषद की ग्रांट से गांव सुनहेड़ी खालसा रोड धर्मशाला एवं गांव बाहरी ब्राह्मण धर्मशाला में काम किया था। गांव सुनहेड़ी खालसा रोड धर्मशाला में ग्रेनाइट पत्थर, टाइल, स्टील की ग्रिल लगाई थी और बाहरी गांव की ब्राह्मण धर्मशाला में पेवर ब्लॉक व दीवार बनाई थी जिसमें सारा मटेरियल उसके द्वारा लगाया गया था।
नौ लाख रुपये निकलवाए
राकेश ने पुलिस अधीक्षक को दी शिकायत में आरोप लगाया था कि जेई संदीप ने जिला परिषद के चेयरमैन गुरदयाल सुनहेड़ी के कहने पर अशोक कुमार ठेकेदार जिसकी फर्म एके कंस्ट्रक्शन के नाम से है, उसके फर्जी बिल लगाकर उसके द्वारा किए गए कार्य की राशि जो लगभग 9 लाख है उसे निकालकर चेयरमैन को दे दी। उसने इस संदर्भ में आरटीआई लगाई थी। आरटीआई से उसे जानकारी मिली कि पुलिस अधीक्षक ने 13 जनवरी 2021 को उसकी शिकायत को जांच के बाद उपायुक्त को प्रेषित कर दी। पुलिस अधीक्षक की ओर से उपायुक्त को लिखे पत्र में कहा गया था कि मामला जिला परिषद से संबंधित है जो उनके अधिकार क्षेत्र में आता है। राकेश कुमार ने बताया कि उपायुक्त को लिखे पत्र में पुलिस अधीक्षक ने की गई जांच में लिखा था कि गांव सुनहेड़ी खालसा रोड चौपाल एवं गांव बाहरी ब्राह्मण धर्मशाला में जो काम किया था, उन कार्यों की पेमेंट जेई संदीप कुमार व अशोक कुमार ठेकेदार द्वारा फर्जी बिल लगाकर पैसे निकलवा कर जिप चेयरमैन को दिए हैं। जिससे धोखाधड़ी से पैसे निकालने का मामला पाया गया। 28 जनवरी को उपायुक्त कार्यालय ने उस जांच को पुलिस अधीक्षक को दोबारा भेज दिया। धोखाधड़ी का मामला सामने आने के बावजूद आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज नहीं किया जा रहा था।
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फरवरी में डाला था केस
राकेश के अधिवक्ता केके गुप्ता ने बताया कि मामले में 18 फरवरी 2021 को कोर्ट में केस डाला था, जिस पर 10 मार्च को सुनवाई हुई। 12 मार्च अगली तारीख दी गई। 15 व 16 को सुनवाई के बाद 17 मार्च को कोर्ट ने फर्जी बिल लगाकर धोखाधड़ी से पैसे निकलवाने व जान से मारने की धमकी देने सहित आईपीसी की विभिन्न नौ धाराओं के तहत जिला परिषद के निवर्तमान अध्यक्ष गुरदयाल सुनहेड़ी, जेई संदीप, बीडीपीओ साहब सिंह, एसडीओ शिव कुमार व ठेकेदार अशोक के खिलाफ पुलिस को मामला दर्ज करने के आदेश दिए। जब निवर्तमान जिला परिषद अध्यक्ष से उनका पक्ष जानना चाहा तो उन्होंने फोन नहीं उठाया। पुलिस प्रवक्ता रोशन लाल ने कहा कि कोर्ट का आदेश मान्य है। फिलहाल केस दर्ज नहीं हुआ है। पुलिस द्वारा जल्द केस दर्ज कर जांच की जाएगी।
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ठेकेदार राकेश कुमार ने जिला परिषद चेयरमैन व अधिकारियों पर फर्जी बिल लगाकर धोखाधड़ी से पैसे निकलवाने के आरोप लगाए थे। राकेश ने बताया कि उसने इस संदर्भ में 7 दिसंबर 2020 को पुलिस अधीक्षक को शिकायत दी थी लेकिन केस दर्ज नहीं किया गया। उसने जेई संदीप के कहने पर जिला परिषद की ग्रांट से गांव सुनहेड़ी खालसा रोड धर्मशाला एवं गांव बाहरी ब्राह्मण धर्मशाला में काम किया था। गांव सुनहेड़ी खालसा रोड धर्मशाला में ग्रेनाइट पत्थर, टाइल, स्टील की ग्रिल लगाई थी और बाहरी गांव की ब्राह्मण धर्मशाला में पेवर ब्लॉक व दीवार बनाई थी जिसमें सारा मटेरियल उसके द्वारा लगाया गया था।
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नौ लाख रुपये निकलवाए
राकेश ने पुलिस अधीक्षक को दी शिकायत में आरोप लगाया था कि जेई संदीप ने जिला परिषद के चेयरमैन गुरदयाल सुनहेड़ी के कहने पर अशोक कुमार ठेकेदार जिसकी फर्म एके कंस्ट्रक्शन के नाम से है, उसके फर्जी बिल लगाकर उसके द्वारा किए गए कार्य की राशि जो लगभग 9 लाख है उसे निकालकर चेयरमैन को दे दी। उसने इस संदर्भ में आरटीआई लगाई थी। आरटीआई से उसे जानकारी मिली कि पुलिस अधीक्षक ने 13 जनवरी 2021 को उसकी शिकायत को जांच के बाद उपायुक्त को प्रेषित कर दी। पुलिस अधीक्षक की ओर से उपायुक्त को लिखे पत्र में कहा गया था कि मामला जिला परिषद से संबंधित है जो उनके अधिकार क्षेत्र में आता है। राकेश कुमार ने बताया कि उपायुक्त को लिखे पत्र में पुलिस अधीक्षक ने की गई जांच में लिखा था कि गांव सुनहेड़ी खालसा रोड चौपाल एवं गांव बाहरी ब्राह्मण धर्मशाला में जो काम किया था, उन कार्यों की पेमेंट जेई संदीप कुमार व अशोक कुमार ठेकेदार द्वारा फर्जी बिल लगाकर पैसे निकलवा कर जिप चेयरमैन को दिए हैं। जिससे धोखाधड़ी से पैसे निकालने का मामला पाया गया। 28 जनवरी को उपायुक्त कार्यालय ने उस जांच को पुलिस अधीक्षक को दोबारा भेज दिया। धोखाधड़ी का मामला सामने आने के बावजूद आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज नहीं किया जा रहा था।
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फरवरी में डाला था केस
राकेश के अधिवक्ता केके गुप्ता ने बताया कि मामले में 18 फरवरी 2021 को कोर्ट में केस डाला था, जिस पर 10 मार्च को सुनवाई हुई। 12 मार्च अगली तारीख दी गई। 15 व 16 को सुनवाई के बाद 17 मार्च को कोर्ट ने फर्जी बिल लगाकर धोखाधड़ी से पैसे निकलवाने व जान से मारने की धमकी देने सहित आईपीसी की विभिन्न नौ धाराओं के तहत जिला परिषद के निवर्तमान अध्यक्ष गुरदयाल सुनहेड़ी, जेई संदीप, बीडीपीओ साहब सिंह, एसडीओ शिव कुमार व ठेकेदार अशोक के खिलाफ पुलिस को मामला दर्ज करने के आदेश दिए। जब निवर्तमान जिला परिषद अध्यक्ष से उनका पक्ष जानना चाहा तो उन्होंने फोन नहीं उठाया। पुलिस प्रवक्ता रोशन लाल ने कहा कि कोर्ट का आदेश मान्य है। फिलहाल केस दर्ज नहीं हुआ है। पुलिस द्वारा जल्द केस दर्ज कर जांच की जाएगी।