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लाभार्थियों से लिया योजना का फीडबैक
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लघु सचिवालय के सभागार में अधिकारियों की बैठक लेते मुख्यमंत्री अंत्योदय परिवार उत्थान योजना के म
- फोटो : Kurukshetra
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संवाद न्यूज एजेंसी
कुरुक्षेत्र। मुख्यमंत्री अंत्योदय परिवार उत्थान योजना सरकार की एक महत्वाकांक्षी योजना है। इस योजना को लेकर प्रदेश में जीरो टॉलरेंस पॉलिसी पर काम किया जा रहा है। मुख्यमंत्री मनोहर लाल स्वयं नियमित रूप से इस योजना की समीक्षा करते हैं। यह बातें योजना के मिशन निदेशक मंदीप सिंह बराड़ ने लघु सचिवालय के सभागार में समीक्षा बैठक में कहीं।
इससे पहले उन्होंने योजना के 100 से ज्यादा लाभार्थियों से दूरभाष पर बातचीत कर फीडबैक ली और 20 से ज्यादा लाभार्थियों से उपायुक्त कार्यालय में रूबरू होकर जानकारी हासिल की। इस फीडबैक से जो भी तथ्य सामने आए, उन सभी तथ्यों को मिशन निदेशक ने प्रशासनिक और बैंक अधिकारियों से साझा किया और सख्त आदेश दिए कि सभी योग्य प्रार्थियों को एक-दो दिन में योजना का लाभ पहुंचाना सुनिश्चित किया जाए। इस महत्वाकांक्षी योजना में जो भी अधिकारी बाधा पहुंचाने का प्रयास करेगा, उसे किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा।
मिशन निदेशक ने एक-एक बैंक अधिकारी से केसों की स्वीकृति, ऋण जारी करने की अनुमति और कितने लोगों को योजना के तहत ऋण जारी करने के बारे में विस्तार से फीडबैक ली। जिन-जिन बैंकों की प्रगति रिपोर्ट संतोषजनक नहीं थी, उन सभी बैंक अधिकारियों को सख्त आदेश दिए कि आगामी कुछ दिनों में योग्य प्रार्थी को ऋण जारी कर रिपोर्ट प्रशासन को सौंपी जाए। अगर इन आदेश के बाद भी किसी अधिकारी ने संतोषजनक कार्य नहीं किया तो, नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि सरकार की महत्वाकांक्षी योजना का लाभ तुरंत योग्य लाभार्थियों को दिया जाए ताकि गरीब से गरीब परिवार की सालाना आय भी 1 लाख 80 हजार रुपये से अधिक पहुंच सके। 18 विभागों की 49 योजनाओं का लाभ गरीब परिवारों को दिया जा रहा है।
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कुरुक्षेत्र। मुख्यमंत्री अंत्योदय परिवार उत्थान योजना सरकार की एक महत्वाकांक्षी योजना है। इस योजना को लेकर प्रदेश में जीरो टॉलरेंस पॉलिसी पर काम किया जा रहा है। मुख्यमंत्री मनोहर लाल स्वयं नियमित रूप से इस योजना की समीक्षा करते हैं। यह बातें योजना के मिशन निदेशक मंदीप सिंह बराड़ ने लघु सचिवालय के सभागार में समीक्षा बैठक में कहीं।
इससे पहले उन्होंने योजना के 100 से ज्यादा लाभार्थियों से दूरभाष पर बातचीत कर फीडबैक ली और 20 से ज्यादा लाभार्थियों से उपायुक्त कार्यालय में रूबरू होकर जानकारी हासिल की। इस फीडबैक से जो भी तथ्य सामने आए, उन सभी तथ्यों को मिशन निदेशक ने प्रशासनिक और बैंक अधिकारियों से साझा किया और सख्त आदेश दिए कि सभी योग्य प्रार्थियों को एक-दो दिन में योजना का लाभ पहुंचाना सुनिश्चित किया जाए। इस महत्वाकांक्षी योजना में जो भी अधिकारी बाधा पहुंचाने का प्रयास करेगा, उसे किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा।
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मिशन निदेशक ने एक-एक बैंक अधिकारी से केसों की स्वीकृति, ऋण जारी करने की अनुमति और कितने लोगों को योजना के तहत ऋण जारी करने के बारे में विस्तार से फीडबैक ली। जिन-जिन बैंकों की प्रगति रिपोर्ट संतोषजनक नहीं थी, उन सभी बैंक अधिकारियों को सख्त आदेश दिए कि आगामी कुछ दिनों में योग्य प्रार्थी को ऋण जारी कर रिपोर्ट प्रशासन को सौंपी जाए। अगर इन आदेश के बाद भी किसी अधिकारी ने संतोषजनक कार्य नहीं किया तो, नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि सरकार की महत्वाकांक्षी योजना का लाभ तुरंत योग्य लाभार्थियों को दिया जाए ताकि गरीब से गरीब परिवार की सालाना आय भी 1 लाख 80 हजार रुपये से अधिक पहुंच सके। 18 विभागों की 49 योजनाओं का लाभ गरीब परिवारों को दिया जा रहा है।
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