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Kurukshetra News: पिता ने संजोए थे दूल्हा बनाने के सपने, अब कर रहा नीदरलैंड से शव आने का इंतजार

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Thu, 24 Aug 2023 01:12 AM IST
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Father had cherished dreams of becoming a groom, now waiting for dead body to come from Netherlands
कुरुक्षेत्र। तीन महीने के बाद रविंद्र 26 को नीदरलैंड से अपने गांव बहादुरपुरा लौटना था। उसके माता-पिता ने बेटे रविंद्र और बेटी सोनिया की शादी करवाने के सपने संजोए हुए थे। रविंद्र के साथ बातचीत में अक्सर उसकी शादी का जिक्र होता था, मगर रविंद्र नीदरलैंड में पक्का होने के बाद आने की बात कहकर टाल देता था। छह जुलाई को अपने जन्मदिन पर रविंद्र ने तीन-चार महीने में लौटने का आश्वासन दिया था, मगर होनी को कुछ और ही मंजूर था। फूल सिंह अपने बेटे को दूल्हा बनाकर उसकी बरात तो नहीं ले जा पाया, लेकिन उसका शव आने की प्रतीक्षा कर रहा है।
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दरअसल, रविंद्र नीदरलैंड की राजधानी एम्स्टर्डम हवे में एक कूरियर कंपनी में काम करता था। यहां चार अगस्त को रविंद्र गाड़ी पलटने से जख्मी हो जाता है, जिसके बाद उसके दोस्त उसे अस्पताल भर्ती कराते हैं। कुछ दिन के उपचार के बाद रविंद्र दोबारा काम पर लौट आता है, मगर 17 अगस्त को उसके नाक से खून बहने लगता है। तबीयत खराब होते देख उसके साथ रहने वाले साथी उसे अस्पताल भर्ती कराते हैं, मगर वहां उसकी मौत हो जाती है। रविंद्र की मौत की सूचना से पूरे गांव में मातम पसरा गया। अब परिजन उसके शव को भारत लाने की गुहार लगा रहे हैं।
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फूल सिंह ने बताया कि रविंद्र के शव को भारत लाने के लिए करीब 18 लाख रुपये का खर्च बताया गया है। उनके पास इतने पैसे नहीं है। मामले को लेकर उन्होंने सांसद नायब सैनी से गुहार लगाई थी। एक सप्ताह के बाद भी कोई कार्रवाई नहीं हुई। हालांकि नीदरलैंड में रविंद्र के दोस्त उसके शव को भारत भेजने के लिए पैसे जुटा रहे हैं।
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लैंग्वेज कोर्स करने गया था यूक्रेन
फूल सिंह ने बताया कि 21 सितंबर 2021 को रविंद्र लैंग्वेज कोर्स करने के लिए यूक्रेन गया था, मगर अगले ही साल यूक्रेन और रूस के हमले के बाद नीदरलैंड चला गया था। युद्ध के दौरान उन्होंने उसे वापस बुलाने का काफी प्रयास भी किया, लेकिन रविंद्र अपने अन्य दोस्तों के साथ नीदरलैंड चला गया। उसने नीदरलैंड में नागरिकता के लिए कागज भरे हुए थे। बाक्स


रविंद्र पर था परिवार का भार
रविंद्र का भाई रवि और पिता फूल सिंह मेहनत-मजदूरी करते हैं। परिवार का सारा भार रविंद्र के कंधों पर था। रविंद्र का भाई शादीशुदा है। उसकी एक छोटी बहन सोनिया है, जिसकी शादी के लिए परिवार रिश्ता देख रहा था। वहीं रविंद्र की मौत से उसकी मां तेजो देवी का रो-रोकर बुरा हाल है।
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