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Kurukshetra News: किसानों का पीला सोना चढ़ा बारिश की भेंट

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Fri, 27 Sep 2024 08:13 PM IST
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Farmers' yellow gold became a gift of rain
कुरुक्षेत्र/बाबैन। किसानों पर मौसम बदलाव की मार फिर पड़ी है। बुधवार देर रात से लेकर सुबह तक रूक-रूक कर हुई बारिश हुई, जिसमें जिले भर की अनाजमंडियों में खुले में पड़ा लाखों क्विंटल धान भीग गया। कहीं हल्की तो कहीं तेज बारिश हुई, जिसके साथ ही हवाएं भी चलीं। सबसे ज्यादा बारिश बाबैन में 90 एमएम दर्ज की गई। खेत में पकी फसल से लेकर मंडियों में भी किसानों को नुकसान हुआ है। खेतों में कई जगहों पर फसल बिछ गई तो वहीं मडिंयों में पहुंचा धान भी भीग जाने के चलते अब किसानों को कम भाव मिलने की चिंता है।
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जिले भर में पिछले 15 दिनों से धान कटाई का काम शुरू हो चुका है, जिसके चलते मंडियों में लाखों क्विंटल धान पहुंच चुका है। अधिकतर धान खुले में ही पड़ा है। मौसम में बदलाव से चिंतित किसान लगातार खरीद शुरू करने की मांग करते रहे हैं। प्रदेश सरकार की ओर से पहले 23 सितंबर से खरीद शुरू करने का निर्णय लिया गया था, जिसे अब बढ़ाकर एक अक्तूबर कर दिया है लेकिन मंडियों में धान की आवक लगातार तेज हो रही है। यहां कि थानेसर अनाजमंडी लबालब हो चुकी है और ब्रह्मसरोवर के आसपास भी अस्थाई मंडियां लग चुकी है।
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किसान पहले ही बदलते मौसम से चिंतित थे तो गत रात को हुई बारिश से यह चिंता और बढ़ा दी है। गनीमत रही वीरवार दिन भर बारिश नहीं हुई लेकिन बादल छाए रहे। मंडियों में किसान से लेकर मजदूर तक भीगे धान को सुखाने में जुटे रहे। उधर बारिश के चलते वीरवार को खेतों में धान कटाई का कार्य बाधित रहा।
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दो-दो फीट हुआ जलभराव, पंप लगाकर निकाला अनाजमंडी से पानी

बाबैन में बारिश तेज हुई, जहां अनाज मंडी में दो-दो फीट जलभराव हो गया और धान डूबी रही। आनन-फानन में कृत्रिम यंत्रों के जरिये अनाज मंडी से यह पानी निकाला गया। माना जा रहा है कि यह पानी अगले दो दिन तक निकाला जा सकेगा जबकि आगे भी मौसम में बदलाव रहने की संभावना जताई जा रही है।

किसान जसमेर सिंह लल्ली, धर्मबीर बुधवार, श्याम सिंह, कमल सिंह, नाथी राम, जगतार सिंह आदि ने सरकार पर किसानों की अनदेखी का आरोप लगाते हुए कहा कि खरीद पहले शुरू की जानी चाहिए थी, लेकिन यह 23 की बजाए एक अक्तूबर तक कर दी गई। अब कड़ी मेहनत से पकाया गया धान मंडियों में लाए जाने के बावजूद भी भीग गया है। खेतों में भी कई जगह पकी फसल गिर गई है। अब इस नुकसान का जिम्मेदार कौन होगा।


यह हुई जिले भर में बारिश
थानेसर-----7 एमएम
लाडवा------65 एमएम
बाबैन-----90 एमएम
पिहोवा--- शून्य
इस्माईलाबाद---शून्य
शाहाबाद------ शून्य

पांच दिनों तक संभावित तापमान (सेल्सियस में)
दिन-------अधिकतम-------न्यूनतम
शुक्रवार-----30----------24

शनिवार-----30----------24
रविवार------32----------24

सोमवार-----33----------23
मंगलवार----34----------23

ढांप दी गई थी धान की अधिकतर ढेरियां : हरजीत सिंह
थानेसर अनाजमंडी सचिव हरजीत सिंह का कहना है कि गत रात को हुई बारिश में ज्यादा नुकसान नहीं होने दिया गया। अधिकतर ढेरियां ढांप दी गई थी, जिसके चलते बचाव हुआ। उन्होंने बताया कि 1509 किस्म की धान प्राईवेट तौर पर खरीद की जा रही है और अब तक 66 हजार क्विंटल की खरीद की जा चुकी है। इसका उठान भी साथ ही किया जा रहा है। वहीं पीआर किस्म की करीब 38 हजार क्विंटल धान अनाजमंडी में आई हुई है। उम्मीद है कि खरीद एक अक्तूबर से पहले ही शुरू हो जाए। खरीद को लेकर गेट पास व अन्य सभी तैयारी पूरी कर ली गई है।
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