{"_id":"6158b06a8ebc3e6291040529","slug":"farmers-surrounded-the-residence-of-mla-minister-and-cm-secretary-by-breaking-the-barricade-kurukshetra-news-knl852283164","type":"story","status":"publish","title_hn":"बैरिकेड तोड़ किसानों ने विधायक, मंत्री व सीएम सचिव के आवास का किया घेराव","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
बैरिकेड तोड़ किसानों ने विधायक, मंत्री व सीएम सचिव के आवास का किया घेराव
विज्ञापन
धान खरीद शुरू करने को लेकर सरकार के साथ खींचतान के बीच किसान शनिवार को विधायक, मंत्री और पूर्व मंत्री के आवास का घेराव करने पहुंचे। किसानों ने थानेसर विधायक सुभाष सुधा, शाहाबाद में विधायक रामकरण काला, खेल राज्यमंत्री संदीप सिंह, पूर्व मंत्री एवं सीएम के राजनीतिक सचिव कृष्ण बेदी के आवास का घेराव किया।
हालांकि यह सभी नेता अपने आवास पर मौजूद नहीं थे। घेराव से पहले किसानों ने प्रशासन से सरकार से बातचीत करके खरीद शुरू करने मांग भी रखी थी, मगर अल्टीमेटम के बाद जब प्रशासन से कोई संदेश नहीं मिला तो नाराज किसान नेताओं के आवास का घेराव करने चल दिए। किसान बैरिकेड सुरक्षा को तोड़कर इन नेताओं के आवास तक पहुंचे। यहां पहुंचकर किसानों ने सरकार के खिलाफ जमकर भड़ास निकाली। किसानों ने चेतावनी दी कि जब तक खरीद शुरू नहीं होगी उनका प्रदर्शन जारी रहेगा।
थानेसर में किसानों ने विधायक सुभाष सुधा के आवास का घेराव किया और शाम साढ़े पांच तक डटे रहे। किसानों को रोकने के लिए प्रशासन ने चार लेयर बैरिकेड सुरक्षा का इंतजाम किया था। पुलिस बल के साथ सीआरपीएफ के जवान बैरिकेड की सुरक्षा के लिए तैनात थे। करीब 11 बजे किसान पहले बैरिकेड पर पहुंचे, जहां उन्होंने 20 मिनट में पहले बैरिकेड को रास्ते से हटा दिया।
विज्ञापन
हालांकि पुलिस ने किसानों को रोकने का प्रयास भी किया, मगर किसान पुलिस की परवाह किए बिना विधायक के आवास का घेराव करने के लिए आगे बढ़ गए। करीब 12 बजे किसान दूसरे बैरिकेड पर विधायक आवास से मात्र 20 मीटर की दूरी पर थे। यहां पुलिस उप-अधीक्षक सुभाष चंद्र ने किसानों को समझाने का प्रयास किया, मगर किसान घेराव करने पर उतारू रहे। कुछ देर बाद किसानों ने उसी स्थान पर डेरा जमा लिया और प्रदर्शन शुरू कर दिया।
उधर, शाहाबाद में किसान बैरिकेड तोड़कर विधायक रामकरण काला, खेल राज्यमंत्री संदीप सिंह और सीएम के राजनीतिक सचिव कृष्ण बेदी के निवास पर पहुंचे। किसानों ने धान से भरी एक-एक ट्राली तीनों नेताओं के आवास के बाहर खड़ी कर दी। किसानों ने मांग रखी कि नेता अपने घर से बाहर आकर किसानों से बात करके उनकी धान की खरीद शुरू कराए, मगर राज्यमंत्री संदीप सिंह, विधायक सुभाष सुधा, विधायक रामकरण काला और पूर्व मंत्री कृष्ण बेदी अपने आवास पर नहीं मिले।
वहीं, पिहोवा में किसानों का दूसरे दिन भी एसडीएम कार्यालय के बाहर घेराव रहा। यहां किसान पूरी रात कार्यालय के बाहर ही डटे रहे। शुक्रवार को ही किसान मार्केट कमेटी कार्यालय को ताला जड़कर चाबी अपने साथ ही ले आए थेे। शाम को संगठन के धरना प्रदर्शन समाप्त के आह्वान के बाद किसानों ने ताले के चाबी मार्केट कमेटी के अधिकारियों के हवाले की। वहीं, उन्होंने चेतावनी दी कि अगर सीएम के आश्वासन के बाद तीन अक्तूबर से खरीद शुरू नहीं हुई तो किसान पूरे प्रदेश में चक्का जाम करेंगे। इसकी पूरी जिम्मेदारी सरकार और प्रशासन की होगी।
किसानों के प्रायोजित घेराव को देखते हुए जिला प्रशासन पूरी तरह से सतर्क था। प्रशासन ने रात के समय ही रणनीति बनाकर एहतियात के तौर पर नेताओं के आवास के बाहर और आसपास बैरिकेड लगा दिए थे। जिलाधीश एवं डीसी मुकुल कुमार ने शांति और कानून व्यवस्था को बनाए रखने के लिए पुलिस अधिकारियों के साथ-साथ 16 अधिकारियों को ड्यूटी मजिस्ट्रेट नियुक्त किया था। जारी आदेश में कहा कि कानून व्यवस्था बनाए रखने में अवरोध पैदा करने वाले शरारती तत्वों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
विज्ञापन
हालांकि यह सभी नेता अपने आवास पर मौजूद नहीं थे। घेराव से पहले किसानों ने प्रशासन से सरकार से बातचीत करके खरीद शुरू करने मांग भी रखी थी, मगर अल्टीमेटम के बाद जब प्रशासन से कोई संदेश नहीं मिला तो नाराज किसान नेताओं के आवास का घेराव करने चल दिए। किसान बैरिकेड सुरक्षा को तोड़कर इन नेताओं के आवास तक पहुंचे। यहां पहुंचकर किसानों ने सरकार के खिलाफ जमकर भड़ास निकाली। किसानों ने चेतावनी दी कि जब तक खरीद शुरू नहीं होगी उनका प्रदर्शन जारी रहेगा।
विज्ञापन
थानेसर में किसानों ने विधायक सुभाष सुधा के आवास का घेराव किया और शाम साढ़े पांच तक डटे रहे। किसानों को रोकने के लिए प्रशासन ने चार लेयर बैरिकेड सुरक्षा का इंतजाम किया था। पुलिस बल के साथ सीआरपीएफ के जवान बैरिकेड की सुरक्षा के लिए तैनात थे। करीब 11 बजे किसान पहले बैरिकेड पर पहुंचे, जहां उन्होंने 20 मिनट में पहले बैरिकेड को रास्ते से हटा दिया।
विज्ञापन
हालांकि पुलिस ने किसानों को रोकने का प्रयास भी किया, मगर किसान पुलिस की परवाह किए बिना विधायक के आवास का घेराव करने के लिए आगे बढ़ गए। करीब 12 बजे किसान दूसरे बैरिकेड पर विधायक आवास से मात्र 20 मीटर की दूरी पर थे। यहां पुलिस उप-अधीक्षक सुभाष चंद्र ने किसानों को समझाने का प्रयास किया, मगर किसान घेराव करने पर उतारू रहे। कुछ देर बाद किसानों ने उसी स्थान पर डेरा जमा लिया और प्रदर्शन शुरू कर दिया।
उधर, शाहाबाद में किसान बैरिकेड तोड़कर विधायक रामकरण काला, खेल राज्यमंत्री संदीप सिंह और सीएम के राजनीतिक सचिव कृष्ण बेदी के निवास पर पहुंचे। किसानों ने धान से भरी एक-एक ट्राली तीनों नेताओं के आवास के बाहर खड़ी कर दी। किसानों ने मांग रखी कि नेता अपने घर से बाहर आकर किसानों से बात करके उनकी धान की खरीद शुरू कराए, मगर राज्यमंत्री संदीप सिंह, विधायक सुभाष सुधा, विधायक रामकरण काला और पूर्व मंत्री कृष्ण बेदी अपने आवास पर नहीं मिले।
वहीं, पिहोवा में किसानों का दूसरे दिन भी एसडीएम कार्यालय के बाहर घेराव रहा। यहां किसान पूरी रात कार्यालय के बाहर ही डटे रहे। शुक्रवार को ही किसान मार्केट कमेटी कार्यालय को ताला जड़कर चाबी अपने साथ ही ले आए थेे। शाम को संगठन के धरना प्रदर्शन समाप्त के आह्वान के बाद किसानों ने ताले के चाबी मार्केट कमेटी के अधिकारियों के हवाले की। वहीं, उन्होंने चेतावनी दी कि अगर सीएम के आश्वासन के बाद तीन अक्तूबर से खरीद शुरू नहीं हुई तो किसान पूरे प्रदेश में चक्का जाम करेंगे। इसकी पूरी जिम्मेदारी सरकार और प्रशासन की होगी।
किसानों के प्रायोजित घेराव को देखते हुए जिला प्रशासन पूरी तरह से सतर्क था। प्रशासन ने रात के समय ही रणनीति बनाकर एहतियात के तौर पर नेताओं के आवास के बाहर और आसपास बैरिकेड लगा दिए थे। जिलाधीश एवं डीसी मुकुल कुमार ने शांति और कानून व्यवस्था को बनाए रखने के लिए पुलिस अधिकारियों के साथ-साथ 16 अधिकारियों को ड्यूटी मजिस्ट्रेट नियुक्त किया था। जारी आदेश में कहा कि कानून व्यवस्था बनाए रखने में अवरोध पैदा करने वाले शरारती तत्वों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।