फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Kurukshetra News ›   Farmers should be paid their crops on time, Bhakiyu wrote a letter to the Director of Food and Supplies.

Kurukshetra News: किसानों को समय पर किया जाए फसल भुगतान, भाकियू ने खाद् एवं पूर्ति निदेशक को लिखा पत्र

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Sat, 02 May 2026 02:30 AM IST
विज्ञापन
Farmers should be paid their crops on time, Bhakiyu wrote a letter to the Director of Food and Supplies.
कुरुक्षेत्र। किसानों को मंडियों में फसल बिकने के बाद भी सरकार की ओर से तय समय के अनुसार भुगतान नहीं किया जा रहा। इससे किसानों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
विज्ञापन

भारतीय किसान यूनियन ने खाद् एवं आपूर्ति निदेशक को पत्र लिखा है। इसमें यूनियन प्रधान गुरनाम सिंह चढूनी ने कहा कि सरकार की ओर से यह स्पष्ट किया गया है कि किसानों की फसल बिकने के 48 से 72 घंटे के भीतर भुगतान उनके खातों में कर दिया जाएगा लेकिन जमीनी स्तर पर यह व्यवस्था पूरी तरह विफल है। उन्होंने बताया कि वर्तमान में मंडियों में तब तक भुगतान जारी नहीं किया जाता, जब तक फसल का उठान नहीं हो जाता और आउटगोइंग गेट पास जारी नहीं होता। खरीद प्रणाली (सॉफ्टवेयर) में इस प्रकार की व्यवस्था होने के कारण यदि उठान में आढ़ती, अधिकारियों या ट्रांसपोर्टर की लापरवाही से देरी होती है, तो उसका सीधा नुकसान किसानों को झेलना पड़ता है।
विज्ञापन


वहीं यूनियन प्रवक्ता राकेश कुमार बैंस ने कहा कि कई मामलों में किसानों को 15 से 20 दिनों तक अपनी मेहनत की कमाई के लिए इंतजार करना पड़ता है, जोकि न केवल अन्यायपूर्ण है बल्कि किसानों के साथ गंभीर भेदभाव भी है। उन्होंने स्पष्ट किया कि फसल के उठान में देरी के लिए किसान किसी भी प्रकार से जिम्मेदार नहीं होता, फिर भी उसे ही आर्थिक संकट का सामना करना पड़ता है।
विज्ञापन
विज्ञापन


उन्होंने कहा कि सरकार तुरंत खरीद नीति में संशोधन करे और यह सुनिश्चित करे कि जैसे ही किसान की फसल बिके और जे-फॉर्म तैयार हो, उसी समय से निर्धारित 48-72 घंटे के भीतर भुगतान सीधे किसान के खाते में डाला जाए, चाहे उठान हुआ हो या नहीं। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि जल्द ही इस समस्या का समाधान नहीं किया गया, तो किसान संगठन आंदोलन करने के लिए मजबूर होंगे। इसकी पूरी जिम्मेदारी सरकार और प्रशासन की होगी।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed