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Kurukshetra News: जिला स्तरीय फसल अवशेष प्रबंधन शिविर का आयोजन कर किसानों को किया जागरूक
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कुरुक्षेत्र। शांति नगर गांव में जिला स्तरीय फसल अवशेष प्रबंधन शिविर में भाग लेते आयोजक व किसान
इस्माईलाबाद। चौधरी चरण सिंह हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय हिसार के कृषि विज्ञान केंद्र के सौजन्य से गांव शांति नगर में जिला स्तरीय फसल अवशेष प्रबंधन शिविर का आयोजन किया गया। शिविर में लगभग 160 किसान शामिल हुए। कृषि विज्ञान केंद्र के वैज्ञानिक डॉ. मनोज कुमार कृषि वानिकी विशेषज्ञ, डॉ. फतेह सिंह पादप रोग विशेषज्ञ और डॉ. सरिता रानी सस्य विज्ञान विशेषज्ञ ने कार्यक्रम का संचालन करते हुए किसानों को फसल अवशेष का उचित प्रबंधन करने की सिफारिश की।
वैज्ञानिकों ने बताया कि कृषि विज्ञान केंद्र की तरफ से समय-समय पर इस तरह के विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन किया जाता रहता है तथा इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य किसानों को फसल अवशेष प्रबंधन के बारे में जानकारी देकर पराली न जलाने के लिए जागरूक करना है। फसल अवशेष प्रबंधन के लिए प्रयोग किए जाने वाली विभिन्न मशीनों तथा तरीकों के बारे में भी बताया।
डॉ. सरिता रानी ने फसल अवशेष जलाने से पर्यावरण को होने वाले नुकसानों तथा अवशेषों को खेत में मिलाने से होने वाले फायदों के बारे में विस्तार से चर्चा की। वैज्ञानिकों ने किसानों को उनकी खेती संबंधित समस्याओं के प्रश्नों के भी उत्तर दिए तथा उन्हें कृषि विज्ञान केंद्र के संपर्क में रहने का अनुरोध किया ताकि सही समय पर नयी तकनीकों के बारे में किसानों को जानकारी दी जा सके। गांव के किसान तरसेम सिंह ने कृषि विज्ञान केंद्र कुरुक्षेत्र द्वारा आयोजित जिला स्तरीय फसल अवशेष प्रबंधन शिविर की काफी सराहना की।
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वैज्ञानिकों ने बताया कि कृषि विज्ञान केंद्र की तरफ से समय-समय पर इस तरह के विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन किया जाता रहता है तथा इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य किसानों को फसल अवशेष प्रबंधन के बारे में जानकारी देकर पराली न जलाने के लिए जागरूक करना है। फसल अवशेष प्रबंधन के लिए प्रयोग किए जाने वाली विभिन्न मशीनों तथा तरीकों के बारे में भी बताया।
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डॉ. सरिता रानी ने फसल अवशेष जलाने से पर्यावरण को होने वाले नुकसानों तथा अवशेषों को खेत में मिलाने से होने वाले फायदों के बारे में विस्तार से चर्चा की। वैज्ञानिकों ने किसानों को उनकी खेती संबंधित समस्याओं के प्रश्नों के भी उत्तर दिए तथा उन्हें कृषि विज्ञान केंद्र के संपर्क में रहने का अनुरोध किया ताकि सही समय पर नयी तकनीकों के बारे में किसानों को जानकारी दी जा सके। गांव के किसान तरसेम सिंह ने कृषि विज्ञान केंद्र कुरुक्षेत्र द्वारा आयोजित जिला स्तरीय फसल अवशेष प्रबंधन शिविर की काफी सराहना की।
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