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Kurukshetra News: चिकित्सा पद्धतियों से कराया परिचित
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कुरुक्षेत्र। किशोर स्वास्थ्य जानकारी प्राप्त करते शिक्षक, एव डॉक्टर। स्वयं
संवाद न्यूज एजेंसी
कुरुक्षेत्र। इंडियन एकेडमी ऑफ पीडियाट्रिक्स (आईएपी) और एडोलसेंट हेल्थ एकेडमी द्वारा होटल वीटा में राज्य स्तरीय वार्षिक सीएमई कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस दौरान किशोरों के स्वास्थ्य के संबंध में 19 स्कूलों के शिक्षकों को विशेष प्रशिक्षण दिया गया। प्रतिभागियों को आधुनिक चिकित्सा पद्धतियों और व्यावहारिक अनुभवों से भी अवगत कराया गया।
कार्यक्रम में हरियाणा, पंजाब, दिल्ली और चंडीगढ़ सहित विभिन्न राज्यों से बाल रोग विशेषज्ञों, शिक्षकों और स्वास्थ्य क्षेत्र से जुड़े प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया। कार्यक्रम में किशोर स्वास्थ्य, मानसिक स्वास्थ्य, डिजिटल सुरक्षा, नशा मुक्ति, पोषण, टीकाकरण और काउंसलिंग जैसे विषयों पर विशेषज्ञों ने विस्तार से जानकारी दी। शिक्षकों को किशोरावस्था में होने वाले शारीरिक और मानसिक बदलाव, डिजिटल जागरूकता, जीवन कौशल और मानसिक स्वास्थ्य से जुड़े विषयों पर प्रशिक्षण दिया गया। इस दौरान विभिन्न कंपनियों की ओर से स्वास्थ्य जागरूकता से जुड़े करीब 30 स्टॉल भी लगाए गए।
शुरु की गई डीजीआईएपी एप : डॉ. रुचिरा : आईएपी की राष्ट्रीय महासचिव डॉ. रुचिरा महेश्वरी गुप्ता ने बताया कि उन्होंने बच्चों के उपचार और नई चिकित्सा जानकारी उपलब्ध करवाने के लिए डीजीआईएपी मोबाइल एप शुरू की है।
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वहीं एडोलसेंट हेल्थ अकादमी की राष्ट्रीय चेयरपर्सन डॉ. सुषमा देसाई ने कहा कि शिक्षक अब केवल पढ़ाने तक सीमित नहीं हैं, बल्कि वे बच्चों के मार्गदर्शक और भावनात्मक सहायक भी हैं। आईएपी कुरुक्षेत्र अध्यक्ष डॉ. राकेश सी. भारद्वाज ने कहा कि डिजिटल प्रभाव और मानसिक दबाव के दौर में किशोरों को सही दिशा देने के लिए डॉक्टरों और शिक्षकों की संयुक्त भूमिका जरूरी है।
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कुरुक्षेत्र। इंडियन एकेडमी ऑफ पीडियाट्रिक्स (आईएपी) और एडोलसेंट हेल्थ एकेडमी द्वारा होटल वीटा में राज्य स्तरीय वार्षिक सीएमई कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस दौरान किशोरों के स्वास्थ्य के संबंध में 19 स्कूलों के शिक्षकों को विशेष प्रशिक्षण दिया गया। प्रतिभागियों को आधुनिक चिकित्सा पद्धतियों और व्यावहारिक अनुभवों से भी अवगत कराया गया।
कार्यक्रम में हरियाणा, पंजाब, दिल्ली और चंडीगढ़ सहित विभिन्न राज्यों से बाल रोग विशेषज्ञों, शिक्षकों और स्वास्थ्य क्षेत्र से जुड़े प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया। कार्यक्रम में किशोर स्वास्थ्य, मानसिक स्वास्थ्य, डिजिटल सुरक्षा, नशा मुक्ति, पोषण, टीकाकरण और काउंसलिंग जैसे विषयों पर विशेषज्ञों ने विस्तार से जानकारी दी। शिक्षकों को किशोरावस्था में होने वाले शारीरिक और मानसिक बदलाव, डिजिटल जागरूकता, जीवन कौशल और मानसिक स्वास्थ्य से जुड़े विषयों पर प्रशिक्षण दिया गया। इस दौरान विभिन्न कंपनियों की ओर से स्वास्थ्य जागरूकता से जुड़े करीब 30 स्टॉल भी लगाए गए।
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शुरु की गई डीजीआईएपी एप : डॉ. रुचिरा : आईएपी की राष्ट्रीय महासचिव डॉ. रुचिरा महेश्वरी गुप्ता ने बताया कि उन्होंने बच्चों के उपचार और नई चिकित्सा जानकारी उपलब्ध करवाने के लिए डीजीआईएपी मोबाइल एप शुरू की है।
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वहीं एडोलसेंट हेल्थ अकादमी की राष्ट्रीय चेयरपर्सन डॉ. सुषमा देसाई ने कहा कि शिक्षक अब केवल पढ़ाने तक सीमित नहीं हैं, बल्कि वे बच्चों के मार्गदर्शक और भावनात्मक सहायक भी हैं। आईएपी कुरुक्षेत्र अध्यक्ष डॉ. राकेश सी. भारद्वाज ने कहा कि डिजिटल प्रभाव और मानसिक दबाव के दौर में किशोरों को सही दिशा देने के लिए डॉक्टरों और शिक्षकों की संयुक्त भूमिका जरूरी है।