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आखिरकार शहर की सड़कें गोवंश मुक्त होने की जगी उम्मीद, नगर परिषद ने जारी किया टेंडर
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कुरुक्षेत्र। सड़क पर भटकता बेसहारा गेवंश।
- फोटो : Kurukshetra
कुरुक्षेत्र। शहर की सड़कें अब बेसहारा गोवंश से मुक्त होने की उम्मीद जगी है। बेसहारा गोवंश को पकड़ने का काम निजी एजेंसी को सौंपा जाएगा, जिसके लिए प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। नगर परिषद की ओर से इसके लिए टेंडर भी जारी कर दिया है, जो 30 अगस्त को खोला जाएगा। इसके बाद बेसहारा गोवंश को पकड़कर गोशाला तक पहुंचाने का काम शुरू कर दिया जाएगा।
बता दें कि सड़कों पर बेसहारा गोवंश के चलते लगातार हादसे हो रहे थे। इनमें न केवल राहगीर बल्कि गोवंश की भी जान जा रही थी। इस समस्या पर आधारित खबरों को अमर उजाला के 26 और 27 अगस्त के अंक में प्रमुखता से प्रकाशित किया गया। खबरों का संज्ञान लेते हुए नगर परिषद ने इस पर गंभीरता दिखाते हुए टेंडर जारी कर दिया है। जिसके बाद उम्मीद जगी है कि आखिर सड़कें गोवंश से मुक्त हो सकेंगे और राहगीरों का गुजरना आसान व सुरक्षित होगा।
शहर में ही घूम रहे 700 से अधिक गोवंश
रिहायशी एरिया हो या फिर मुख्य सड़कें हर जगह गोवंश के झुंड दिन रात सड़कों पर दिखाई देते हैं। सात सौ से अधिक बेसहारा गोवंश सड़कों पर घूम रहे हैं। रात होते ही ये सभी सड़क पर आ जाते हैं तो दिन में भी कहीं घर में तो कहीं दुकान में घुस जाते हैं, जिसके चलते हर समय हादसे का खतरा बना रहता है।
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दो दिन में ही दम तोड़ गया था अभियान
लंपी बीमारी के चलते नगर परिषद द्वारा गोवंश पकड़े जाने का अभियान ठप हो गया था। गोशाला संचालकों ने गोवंश लेने से इंकार कर दिया था। बाद में जिला उपायुक्त द्वारा निर्देश जारी किए जाने व चिकित्सकों द्वारा इन गोवंश की जांच व वेक्सीनेशन किए जाने के बाद ये गोवंश गोशाला में छोड़े जाने लगे थे, लेकिन दो दिन बाद ही यह अभियान दम तोड़ गया था।
पहले महज एक एजेंसी ने भी किया था आवेदन
यह भी बता दें कि पिछले माह भी नगर परिषद ने गोवंश को पकड़े जाने को लेकर टेंडर निकाला था, लेकिन यह उस समय रद्द करना पड़ा था जब महज एक ही एजेंसी ने इसके लिए आवेदन किया था। अब उम्मीद जताई जा रही है कि कईं एजेंसी इसमें रचि दिखाएंगी।
गोवंश से होने वाली समस्या से मिलेगी निजात : सुधा
विधायक सुभाष सुधा का कहना है कि शहर से बेसहारा पशुओं को पकड़ने का टेंडर जारी कर दिया गया है। इस टेंडर को 30 अगस्त को खोला जाएगा। इस समय अवधि के बाद शहर से बेसहारा पशुओं को गौशाला तक पहुंचाया जाएगा। इससे शहर वासियों की समस्या समाप्त हो जाएगी और सड़क दुर्घटनाओं पर अंकुश लग पाएगा।
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बता दें कि सड़कों पर बेसहारा गोवंश के चलते लगातार हादसे हो रहे थे। इनमें न केवल राहगीर बल्कि गोवंश की भी जान जा रही थी। इस समस्या पर आधारित खबरों को अमर उजाला के 26 और 27 अगस्त के अंक में प्रमुखता से प्रकाशित किया गया। खबरों का संज्ञान लेते हुए नगर परिषद ने इस पर गंभीरता दिखाते हुए टेंडर जारी कर दिया है। जिसके बाद उम्मीद जगी है कि आखिर सड़कें गोवंश से मुक्त हो सकेंगे और राहगीरों का गुजरना आसान व सुरक्षित होगा।
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शहर में ही घूम रहे 700 से अधिक गोवंश
रिहायशी एरिया हो या फिर मुख्य सड़कें हर जगह गोवंश के झुंड दिन रात सड़कों पर दिखाई देते हैं। सात सौ से अधिक बेसहारा गोवंश सड़कों पर घूम रहे हैं। रात होते ही ये सभी सड़क पर आ जाते हैं तो दिन में भी कहीं घर में तो कहीं दुकान में घुस जाते हैं, जिसके चलते हर समय हादसे का खतरा बना रहता है।
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दो दिन में ही दम तोड़ गया था अभियान
लंपी बीमारी के चलते नगर परिषद द्वारा गोवंश पकड़े जाने का अभियान ठप हो गया था। गोशाला संचालकों ने गोवंश लेने से इंकार कर दिया था। बाद में जिला उपायुक्त द्वारा निर्देश जारी किए जाने व चिकित्सकों द्वारा इन गोवंश की जांच व वेक्सीनेशन किए जाने के बाद ये गोवंश गोशाला में छोड़े जाने लगे थे, लेकिन दो दिन बाद ही यह अभियान दम तोड़ गया था।
पहले महज एक एजेंसी ने भी किया था आवेदन
यह भी बता दें कि पिछले माह भी नगर परिषद ने गोवंश को पकड़े जाने को लेकर टेंडर निकाला था, लेकिन यह उस समय रद्द करना पड़ा था जब महज एक ही एजेंसी ने इसके लिए आवेदन किया था। अब उम्मीद जताई जा रही है कि कईं एजेंसी इसमें रचि दिखाएंगी।
गोवंश से होने वाली समस्या से मिलेगी निजात : सुधा
विधायक सुभाष सुधा का कहना है कि शहर से बेसहारा पशुओं को पकड़ने का टेंडर जारी कर दिया गया है। इस टेंडर को 30 अगस्त को खोला जाएगा। इस समय अवधि के बाद शहर से बेसहारा पशुओं को गौशाला तक पहुंचाया जाएगा। इससे शहर वासियों की समस्या समाप्त हो जाएगी और सड़क दुर्घटनाओं पर अंकुश लग पाएगा।