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बारिश और सर्दी में भी बेघर है विधवा
अमर उजाला/ब्यूरो/कुरुक्षेत्र
Updated Sun, 08 Jan 2017 12:15 AM IST
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खाट पर बैठी मरीज
- फोटो : amar ujala
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साहब, यहां छोटी सरकार से लेकर बड़ी सरकार भी पहुंची है, लेकिन कोई भी न तो किए वायदे पर खरा उतर पाया है और न ही अब कोई उम्मीद रही है। अब तो अपनी जिंदगी पर भी तरस आने लगा है। यह दर्द हाड़ कंपा रही सर्दी के बीच दो दिनों से बारिश में ही खुले आसमान के नीचे रहने को मजबूर वृद्ध महिला के कलेजे से निकल रहा है। जिसके साथ ही महिला की आंखें भी भर आती है।
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धर्मनगरी के वार्ड नं 2 के अंतर्गत आने वाले रविदास नगर में पिछले चार वर्षों से फटी तिरपाल के नीचे अकेले ही रह रही महिला के हालात सरकार की ओर से चलाई जा रही विभिन्न योजनाओं व किए जा रहे बड़े-बड़े दावों पर सवालिया निशान खड़ा कर रहे है। करीब 16 वर्ष पहले अपने कैंसर पीड़ित अपने मजदूर पति की मौत से टूटी साठ वर्षीय बिमला देवी पर दुखों का पहाड़ और भी चार वर्ष पूर्व उस समय टूट पड़ा जब तेज बारिश ने उसके सिर से एक कमरे के घर की भी छत छीन ली और इकलौता बेटा भी सहारा नहीं बन पाया। महिला को ढांढस बंधाने के लिए पूरा मोहल्ला भी खड़ा दिखाई दिया तो वहीं तत्कालीन से लेकर वर्तमान पार्षद, नप चेयरमैन उमा सुधा, विधायक सुभाष सुधा व राज्यमंत्री कृष्ण बेदी भी मौके पर पहुंचे। महिला व आस-पास के लोगों की मानें तो सभी ने उन्हें जल्द मकान बनवाने का भरोसा दिया, लेेकिन इतने समय अंतराल में भी मकान बनना तो दूर उसके सर से फटी तिरपाल भी नहीं बदल पाई। हालात यह बने है कि कड़ाके की ठंड के बावजूद बारिश व तेज हवाओं को भी खुले आसमान के नीचे सहन करना पड़ रहा है।
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कहां है गरीब के सिर पर छत
पूर्व पार्षद रविंद्र मेहरा के अलावा कालोनीवासी जसबीर, सतपाल, जसवंती, प्रताप आदि का कहना है कि वर्तमान सरकार भी हर गरीब को छत देने के दावे कर रही है, लेकिन गरीब के सिर पर छत कहीं दिखाई नहीं देती। एक महिला ही जब सरकार की जानकारी में होने के बावजूद ऐसे हालात में है तो ऐसी योजनाओं व दावे कहां खरे उतर रहे है। यहां तक कि महिला सुरक्षा एवं कल्याण के लिए बनाई नीतियां भी बेमानी ही लगती है।
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नहीं आगे आई सामाजिक संस्थाएं
धर्मनगरी में दर्जनों सामाजिक व अन्य संस्थाएं भी है, लेकिन कालोनीवासियों की मानें तो कोई भी समस्या महिला के सहयोग के लिए आगे नहीं आई है।
मेरे संज्ञान में नहीं था मामला : डीसी
डीसी सुमेधा कटारिया का कहना है कि यह मामला मेरे संज्ञान में नहीं था। रविवार को ही वह खुद महिला के पास जाकर हालात जानेंगी और हर संभव मदद की जाएगी।
जल्द होगा समस्या का समाधान
कुछ दिनों से पहले मेरी इस महिला से मुलाकात उसके टूटे हुए घर पर हुई थी, जल्द से जल्द इनकी समस्या का समाधान कर दिया जाएगा।
-कृष्ण बेदी, राज्य मंत्री, हरियाणा सरकार