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सात माह बाद भी नहीं जगमगाई लाइटें
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कुरुक्षेत्र रोड पर बंद पड़ी लगाई गई लाइटें। संवाद
- फोटो : Kurukshetra
संवाद न्यूज एजेंसी
पिहोवा। कुरुक्षेत्र रोड, अंबाला रोड और कैथल रोड को जगमग करने के लिए सेंट्रल वर्ज पर आधुनिक सिस्टम से लैस लगी नई लाइटें सफेद हाथी साबित हो रही है। सात माह बीत बाद भी यह लाइटें रोशन नहीं हो सकी, क्योंकि पीडब्ल्यूडी इन लाइटों के बिजली के कनेक्शन करना ही भूल गया। इसके साथ ही लाइटें लगाने के लिए सेंट्रल वर्ज से उखाड़े गए ब्लॉक भी पीडब्ल्यूडी ने वर्ज पर ही छोड़ दिए। उनको भी अभी तक लगाया नहीं गया है।
पिहोवा के अंबाला, कुरुक्षेत्र और कैथल रोड पर करीब दो करोड़ रुपये की लागत से 300 आधुनिक उपकरण से लैस लाइटें लगाई गई थी। इन लाइटों को कुरुक्षेत्र में थर्ड गेट से पिपली तक लगी लाइटों की तर्ज पर लगाया गया था। सेंट्रल वर्ज के साथ कई जगह पर सड़क के दोनों ओर भी लाइटें लगाई गई थी। सात महीने बीतने के बाद भी इन लाइटों के कनेक्शन नहीं किए गए।
इनको लाइट मैनेजमेंट सिस्टम के साथ जोड़ा जाना है। इस सिस्टम से लाइटें अपने आप ही स्विच ऑन और ऑफ हुआ करेगी। अब शाम ढलते ही इन सड़कों पर अंधेरा छा जाता है। हालांकि इन रोड से अभी पुरानी लाइटों को हटाया नहीं गया है। अभी भी पुरानी लाइटें काम कर रही हैं, मगर कई जगह पर लाइटें खराब हो चुकी है और वहां अंधेरा होने के कारण हादसे घटित हो रहे हैं। इन हादसों की एक बड़ी वजह बेसहारा गोवंश भी हैं, क्योंकि इन गोवंश सड़क पर डेरा डाले हुए हैं।
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वहीं पीडब्ल्यूडी ने लाइटें लगाने के लिए इन रोड पर बने सेंट्रल वर्ज से ब्लॉक को उखाड़ा था। लाइटें लगने के बाद विभाग ने इन ब्लॉक को दोबारा वर्ज पर लगाना जरूरी नहीं समझा। नतीजन, वर्ज पर बिखरे पड़े ब्लॉक हादसों को न्योता दे रहे हैं। कई बार पैदल सड़क क्रॉस करते समय लोग ब्लॉक के कारण गिर जाते हैं।
अगले सप्ताह रोशन होंगी लाइटें : पवार
पीडब्ल्यूडी के इलेक्ट्रिक विंग के एसडीओ आरएस पवार ने बताया कि जल्द ही सेंट्रल वर्ज की लाइटों के कनेक्शन दिए जाएंगे। अगले सप्ताह तक इन लाइटों को शुरू करा दिया जाएगा। इसमें पालिका का सहयोग लिया जाएगा। वहीं सेंट्रल वर्ज के अलावा साइडों पर लगी लाइटों के कनेक्शन के लिए पालिका द्वारा किए जाएंगे।
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पिहोवा। कुरुक्षेत्र रोड, अंबाला रोड और कैथल रोड को जगमग करने के लिए सेंट्रल वर्ज पर आधुनिक सिस्टम से लैस लगी नई लाइटें सफेद हाथी साबित हो रही है। सात माह बीत बाद भी यह लाइटें रोशन नहीं हो सकी, क्योंकि पीडब्ल्यूडी इन लाइटों के बिजली के कनेक्शन करना ही भूल गया। इसके साथ ही लाइटें लगाने के लिए सेंट्रल वर्ज से उखाड़े गए ब्लॉक भी पीडब्ल्यूडी ने वर्ज पर ही छोड़ दिए। उनको भी अभी तक लगाया नहीं गया है।
पिहोवा के अंबाला, कुरुक्षेत्र और कैथल रोड पर करीब दो करोड़ रुपये की लागत से 300 आधुनिक उपकरण से लैस लाइटें लगाई गई थी। इन लाइटों को कुरुक्षेत्र में थर्ड गेट से पिपली तक लगी लाइटों की तर्ज पर लगाया गया था। सेंट्रल वर्ज के साथ कई जगह पर सड़क के दोनों ओर भी लाइटें लगाई गई थी। सात महीने बीतने के बाद भी इन लाइटों के कनेक्शन नहीं किए गए।
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इनको लाइट मैनेजमेंट सिस्टम के साथ जोड़ा जाना है। इस सिस्टम से लाइटें अपने आप ही स्विच ऑन और ऑफ हुआ करेगी। अब शाम ढलते ही इन सड़कों पर अंधेरा छा जाता है। हालांकि इन रोड से अभी पुरानी लाइटों को हटाया नहीं गया है। अभी भी पुरानी लाइटें काम कर रही हैं, मगर कई जगह पर लाइटें खराब हो चुकी है और वहां अंधेरा होने के कारण हादसे घटित हो रहे हैं। इन हादसों की एक बड़ी वजह बेसहारा गोवंश भी हैं, क्योंकि इन गोवंश सड़क पर डेरा डाले हुए हैं।
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वहीं पीडब्ल्यूडी ने लाइटें लगाने के लिए इन रोड पर बने सेंट्रल वर्ज से ब्लॉक को उखाड़ा था। लाइटें लगने के बाद विभाग ने इन ब्लॉक को दोबारा वर्ज पर लगाना जरूरी नहीं समझा। नतीजन, वर्ज पर बिखरे पड़े ब्लॉक हादसों को न्योता दे रहे हैं। कई बार पैदल सड़क क्रॉस करते समय लोग ब्लॉक के कारण गिर जाते हैं।
अगले सप्ताह रोशन होंगी लाइटें : पवार
पीडब्ल्यूडी के इलेक्ट्रिक विंग के एसडीओ आरएस पवार ने बताया कि जल्द ही सेंट्रल वर्ज की लाइटों के कनेक्शन दिए जाएंगे। अगले सप्ताह तक इन लाइटों को शुरू करा दिया जाएगा। इसमें पालिका का सहयोग लिया जाएगा। वहीं सेंट्रल वर्ज के अलावा साइडों पर लगी लाइटों के कनेक्शन के लिए पालिका द्वारा किए जाएंगे।