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Kurukshetra News: सरस मेले में पहुंचे पर्यटकों में दिखा उत्साह, की खरीदारी

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Tue, 04 Feb 2025 01:31 AM IST
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Enthusiasm was seen among the tourists who reached Saras fair, they bought
पिहोवा। अंतरराष्ट्रीय सरस्वती महोत्सव में लगा सरस मेला सोमवार को भी जारी रहा, जिसमें बड़ी संख्या में पर्यटक पहुंचे और उन्होंने खरीदारी भी की। पर्यटकों में उत्साह दिखाई दिया। मेला आज मंगलवार को संपन्न होगा।
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29 जनवरी से चार फरवरी तक आयोजित अंतरराष्ट्रीय सरस्वती महोत्सव में आमजनों ने बढ-चढ कर हिस्सा लिया। इसके अतिरिक्त सरस्वती तट पर लगे सरस मेले में लगातार लोगों का आगमन सोमवार को भी जारी रहा। वे यहां स्टालों पर अपनी पसंद की चीजें खरीददारी करते रहे।
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मेले में यूपी के फिरोजाबाद से आए बृजेश यादव द्वारा सब्जी तथा सलाद काटने का एक कटर तथा ड्राई फ्रूट कटर महिलाओं द्वारा काफी खरीदा जा रहा है। यह सब्जी कटर बहुत ही कम समय में सब्जियां काटने का काम करता है तथा समय की काफी बचत करता है। इस मौके पर बृज मोहन ने कहा कि उनके पास 100 रुपये से लेकर 800 रुपये तक का सब्जी कटर व अन्य सामान उपलब्ध है जो कम समय में कार्य करता है।
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बरनाला का आचार और मुरब्बा बन रहा लोगों की पहली पसंद

सरस मेले में लगे विभिन्न स्टालों में बरनाला से आए अमर सिंह के स्टाल से आचार और मुरब्बे लोगों द्वारा खरीदा जा रहा है। अमर सिंह ने बताया कि वे पिछले कई वर्षों से आचार और मुरब्बे की बिक्री का कार्य कर रहे हैं। विभिन्न अंतरराष्ट्रीय मेलों में इस आचार और मुरब्बे को लोग काफी पसंद करते हैं तथा लोगों को पूरी शुद्धता तथा स्वच्छता के साथ वे आचार बेचते हैं। उन्होंने कहा कि उनके पास हरड़ का आचार, हरी मिर्च, आम, गाजर, करौंदा, अदरक, लहसुन, चेरी आदि का आचार मौजूद है। इसके साथ ही आंवला, गाजर सहित अन्य आंवले पसंद है।



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मिट्टी के बर्तन और अन्य वस्तुएं बनीं आकर्षण का केंद्र

सरस मेले में कई लोग अपनी-अपनी कला का प्रदर्शन करने में सक्षम रहे। इन्हीं के बीच पारंपरिक लोककला कमल तालाब की चिकनी मिट्टी से बनी विभिन्न प्रकार की वस्तुएं लोगों के आकर्षण का केंद्र बनीं। जहां लोगों ने जमकर खरीदारी की तथा अपने घर पर सजावट के लिए कई वस्तुएं खरीदी। पानीपत के गांव गढ़ सरणी से करमचंद ने अपनी हस्तकला का प्रदर्शन करते हुए कमल तालाब की चिकनी मिट्टी से कई प्रकार की सजावट की वस्तुएं बनाकर बेची। करमचंद ने बताया कि सबसे पहले मिट्टी को भिगोकर अच्छे से सुखाकर मिट्टी को बारीक पीस कर छान लिया जाता है। उसके बाद दोबारा उस मिट्टी को भिगोकर उससे विभिन्न प्रकार की वस्तुएं बनाकर उन्हें धूप में सुखाया जाता है। इस प्रकार मिट्टी के बर्तन, फ्लावर पाॅट, घर की साज सजावट का सामान तथा बच्चों के खिलौने बनाए जाते हैं।
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