{"_id":"6251e7e3a774565bc16eec0a","slug":"emphasis-on-saving-language-kurukshetra-kurukshetra-news-knl1044464129","type":"story","status":"publish","title_hn":"भाषा को सहेजने पर दिया जोर","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
भाषा को सहेजने पर दिया जोर
विज्ञापन
मुख्यातिथि केयू के कुलसचिव डॉ. संजीव शर्मा को स्मृति चिह्न देते आयोजक। संवाद
- फोटो : Kurukshetra
संवाद न्यूज एजेंसी
कुरुक्षेत्र। कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय में चल रही तीन दिवसीय आठवीं अखिल भारतीय भाषा विज्ञान और लोकधारा कांफ्रेंस का शनिवार को समापन हो गया। मुख्य अतिथि विश्वविद्यालय के कुलसचिव डॉ. संजीव शर्मा ने भाषा में हो रहे बदलाव को उदाहरण के माध्यम से समझाया और भाषा को सहेजने जोर दिया।
कार्यक्रम के दूसरे सत्र में डॉ. सुदर्शन ने निजीकरण के दौर में सूचना व संचार के साधनों के संबंध में भाषा और लोकधारा के संदर्भ में बदलता स्वरूप विषय पर व्याख्यान दिया। कार्यक्रम में विभिन्न विश्वविद्यालयों से आए शोधार्थियों ने करीब 20 शोध पत्र पढ़े। केंद्रीय पंजाबी सभा के अध्यक्ष डॉ. लखविंदर ने वर्तमान पीढ़ी को लिपि से दूर होने की बात अपने विचार रखे।
यह कार्यक्रम विश्वविद्यालय के पंजाबी विभाग, पंजाबी भाषा विज्ञान संघ तथा पटियाला एंव पंजाब कला परिषद द्वारा आयोजित किया गया। इस अवसर पर पंजाबी विभाग के चेयरमैन डॉ. कुलदीप सिंह, प्रो. सुरजीत सिंह, प्रो. रश्मि वर्मा, डॉ. हरविंदर, प्रो. सुमन प्रीत, प्रो. सुभाष सैनी, डॉ. नरेंद्र सिंह, डॉ. वेदपाल, डॉ. परमजीत कौर, प्रो. गुरमीत सिंह, और डॉ. परमजीत सिंह व डॉ. भूपेंद्र सिंह खैरा ादि मौजूद रहे।
विज्ञापन
विज्ञापन
कुरुक्षेत्र। कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय में चल रही तीन दिवसीय आठवीं अखिल भारतीय भाषा विज्ञान और लोकधारा कांफ्रेंस का शनिवार को समापन हो गया। मुख्य अतिथि विश्वविद्यालय के कुलसचिव डॉ. संजीव शर्मा ने भाषा में हो रहे बदलाव को उदाहरण के माध्यम से समझाया और भाषा को सहेजने जोर दिया।
कार्यक्रम के दूसरे सत्र में डॉ. सुदर्शन ने निजीकरण के दौर में सूचना व संचार के साधनों के संबंध में भाषा और लोकधारा के संदर्भ में बदलता स्वरूप विषय पर व्याख्यान दिया। कार्यक्रम में विभिन्न विश्वविद्यालयों से आए शोधार्थियों ने करीब 20 शोध पत्र पढ़े। केंद्रीय पंजाबी सभा के अध्यक्ष डॉ. लखविंदर ने वर्तमान पीढ़ी को लिपि से दूर होने की बात अपने विचार रखे।
विज्ञापन
यह कार्यक्रम विश्वविद्यालय के पंजाबी विभाग, पंजाबी भाषा विज्ञान संघ तथा पटियाला एंव पंजाब कला परिषद द्वारा आयोजित किया गया। इस अवसर पर पंजाबी विभाग के चेयरमैन डॉ. कुलदीप सिंह, प्रो. सुरजीत सिंह, प्रो. रश्मि वर्मा, डॉ. हरविंदर, प्रो. सुमन प्रीत, प्रो. सुभाष सैनी, डॉ. नरेंद्र सिंह, डॉ. वेदपाल, डॉ. परमजीत कौर, प्रो. गुरमीत सिंह, और डॉ. परमजीत सिंह व डॉ. भूपेंद्र सिंह खैरा ादि मौजूद रहे।
विज्ञापन