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बाबैन में सरपंच पद के लिए हुआ 71 प्रतिशत मतदान, अदालत ने परिणाम पर लगाई रोक

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Mon, 10 Feb 2020 01:39 AM IST
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elecation - फोटो : Kurukshetra
बाबैन। प्रदेश भर में रविवार को हुए पंच व सरपंच उपचुनाव के तहत गांव बाबैन में भी सरपंच पद के लिए उपचुनाव हुआ, जिसमें 71 प्रतिशत मतदान हुआ। प्रदेश भर में सभी जगह मतदान के बाद ही परिणाम घोषित कर दिया गया, लेकिन गांव बाबैन में हुए सरपंच पद का परिणाम घोषित नहीं किया गया बल्कि चुुनाव परिणाम की रिपोर्ट हाई कोर्ट को सौंप दी गई। अब हाई कोर्ट के आदेश के बाद ही चुनाव का परिणाम घोषित किया जाएगा। तब तक बाबैनवासियों सहित दोनों उम्मीदवार मोती लाल सैनी व संजीव सिंगला को हाई कोर्ट के आदेश का इंतजार रहेंगा।
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ड्यूटी मजिस्ट्रेट नायब तहसीलदार अमित वर्मा ने बताया कि सुबह आठ बजे से ही मतदान शुरू हो गया था। दोपहर 12 बजे तक करीब 35 प्रतिशत और 2 बजे तक 50 प्रतिशत ही मतदान हुआ था। बाबैन में कुल 71 प्रतिशत मतदान रिकॉर्ड किया गया। किसी भी घटना से निपटने के लिए मतदान केंद्र के बाहर भारी पुलिस बल तैनात किया गया था तथा जिला प्रशासन की ओर से धारा 144 लगाई गई थी। मतदान के बाद मतगणना को भी पूरा कर लिया गया था, लेकिन हाई कोर्ट के आदेशानुसार विजेता उम्मीदवार की घोषणा नहीं की गई है, बल्कि इसकी रिपोर्ट हाई कोर्ट को सौंपी जाएगी। अब इस चुनाव का परिणाम हाई कोर्ट के आदेश के बाद ही घोषित होगा। बता दें गांव बाबैन में सरपंच के लिए आठ उम्मीदवार धर्मबीर पुनिया, मनोज कुमार, सूर्याप्रकाश सैनी, संजीव कुमार, जितेंद्र कुमार, पवन कुमार शर्मा, मोती सैनी व संजीव उर्फ गोल्डी सिंगला के सरपंच पद के लिए नामांकन भरा था, जिसमें छह उम्मीदवारों द्वारा अपना नामांकन वापस लेने के बाद संजीव उर्फ गोल्डी सिंगला व मोती सैनी के बीच सरपंच पद के उपचुनाव हुआ। दोनों ही उम्मीदवार अपनी-अपनी जीत का दावा कर रहे हैं। बाबैन के कार्यकारी सरपंच सूर्या सैनी द्वारा उपचुनाव को लेकर स्टे लिया गया था जोकि अभी तक यह मामला हाईकोर्ट में ही विचाराधीन है। उन्होंने बताया कि उपचुनाव की भनक जब मामले से संबंधित जज के पास लगी थी तब उनका तर्क था कि गांव में कार्यकारी सरपंच है तो चुनाव की जरूरत नहीं है, लेकिन अधिकारियों के तबादले के कारण गांव में दोबारा चुनाव हुआ।
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