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Kurukshetra News: आठ ख्याति प्राप्त साहित्यकारों को किया सम्मानित
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कुरुक्षेत्र। प्रेरणा वृद्धाश्रम में साहित्यकारों को पुरस्कृत करते मुख्यातिथि कुलसचिव लेफ्टिने
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कुरुक्षेत्र। प्रेरणा वृद्धाश्रम परिसर में बने अखिल भारतीय प्रेरणा साहित्य एवं शोध संस्थान की ओर से साहित्यकार अलंकरण उत्सव का आयोजन किया गया, जिसमें विभिन्न राज्यों से कई महान साहित्यकार भी पहुंचे। कार्यक्रम में विख्यात उपन्यासकार लाजपत राय गर्ग के उपन्यास प्रेम के स्याह रंग का लोकार्पण भी हुआ।
मुख्य अतिथि के तौर पर कुवि के कुलसचिव लेफ्टिनेंट डाॅ. वीरेंद्र पाल रहे जबकि अध्यक्षता प्रो.लालचंद गुप्त मंगल ने की जबकि विशिष्ट अतिथि के रूप में डाॅ. नरेंद्र गर्ग रोहतक से पहुंचे। इस कार्यक्रम में उपन्यास के लोकार्पण के साथ-साथ हरियाणा के आठ ख्याति प्राप्त साहित्यकारों को भी सम्मानित किया गया। इन में डाॅ. अमृतलाल मदान, प्रो लालचंद गुप्त मंगल, प्रो शाम लाल कौशल, रत्नचंद सरदाना, डाॅ. कमलेश शर्मा, डाॅ. कमलेश मलिक, प्रो. रूप देवगुण एवं डा. रमाकांत इत्यादि प्रमुख साहित्यकार रहे।
अखिल भारतीय प्रेरणा साहित्य एवं शोध संस्थान के संस्थापक डाॅ. जय भगवान सिंगला ने कहा कि लाजपत राय का उपन्यास समाज में व्याप्त कैंसर जैसी भयंकर बीमारी के बारे में जागरूक करने का पुनीत एवं सराहनीय कार्य करेगा। विश्वविद्यालय कुलसचिव लेफ्टिनेंट डाॅ. वीरेंद्र पाल ने कहा कि आज समाज को ऐसे लेखकों की जरूरत है जो कैंसर जैसी भयंकर बीमारियों के बारे में लोगों को जागरूक करें। उन्होंने कहा कि इस उपन्यास में लव जिहाद जैसी बुराई पर भी चोट की गई है और जो युवा आज लव जिहाद जैसी सामाजिक बुराई में उलझ रहे हैं यह उपन्यास पढ़ कर अवश्य ही उन्हें सद्बुद्धि मिलेगी।
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समाज को प्रेरणा जैसी संस्थाओं की आवश्यकता : डॉ़ रेड्डी
कार्यक्रम के दूसरे सत्र के मुख्य अतिथि राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान के निदेशक डाॅ. बीवी रमणा रेड्डी रहे। उन्होंने कहा कि प्रेरणा जैसी संस्थाओं कि आज समाज को आवश्यकता है और यहां आकर सकारात्मक प्रभाव देखने को मिलता है। इस सत्र की अध्यक्षता करते हुए डाॅ. बाबूराम ने कहा कि सम्मानित साहित्यकार बंधु समाज में अपना एक अलग स्थान रखते हैं और ऐसे साहित्यकारों की आज समाज को आवश्यकता है।
सूर्य पुरस्कार विजेता डाॅ. मधु कांत ने कहा कि आज का वातावरण देखकर लगता है कि प्रेरणा वृद्ध आश्रम हरियाणा में साहित्यिक गतिविधियों का एक मुख्य केंद्र बन गया है। इस अवसर पर राधा अग्रवाल, डाॅ. ममता सूद, अंबाला से सुरेखा, हरकेश पपोसा, केशव मेहता, अनिल कुमार, आशा आदि मौजूद रहे।
मुख्य अतिथि के तौर पर कुवि के कुलसचिव लेफ्टिनेंट डाॅ. वीरेंद्र पाल रहे जबकि अध्यक्षता प्रो.लालचंद गुप्त मंगल ने की जबकि विशिष्ट अतिथि के रूप में डाॅ. नरेंद्र गर्ग रोहतक से पहुंचे। इस कार्यक्रम में उपन्यास के लोकार्पण के साथ-साथ हरियाणा के आठ ख्याति प्राप्त साहित्यकारों को भी सम्मानित किया गया। इन में डाॅ. अमृतलाल मदान, प्रो लालचंद गुप्त मंगल, प्रो शाम लाल कौशल, रत्नचंद सरदाना, डाॅ. कमलेश शर्मा, डाॅ. कमलेश मलिक, प्रो. रूप देवगुण एवं डा. रमाकांत इत्यादि प्रमुख साहित्यकार रहे।
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अखिल भारतीय प्रेरणा साहित्य एवं शोध संस्थान के संस्थापक डाॅ. जय भगवान सिंगला ने कहा कि लाजपत राय का उपन्यास समाज में व्याप्त कैंसर जैसी भयंकर बीमारी के बारे में जागरूक करने का पुनीत एवं सराहनीय कार्य करेगा। विश्वविद्यालय कुलसचिव लेफ्टिनेंट डाॅ. वीरेंद्र पाल ने कहा कि आज समाज को ऐसे लेखकों की जरूरत है जो कैंसर जैसी भयंकर बीमारियों के बारे में लोगों को जागरूक करें। उन्होंने कहा कि इस उपन्यास में लव जिहाद जैसी बुराई पर भी चोट की गई है और जो युवा आज लव जिहाद जैसी सामाजिक बुराई में उलझ रहे हैं यह उपन्यास पढ़ कर अवश्य ही उन्हें सद्बुद्धि मिलेगी।
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समाज को प्रेरणा जैसी संस्थाओं की आवश्यकता : डॉ़ रेड्डी
कार्यक्रम के दूसरे सत्र के मुख्य अतिथि राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान के निदेशक डाॅ. बीवी रमणा रेड्डी रहे। उन्होंने कहा कि प्रेरणा जैसी संस्थाओं कि आज समाज को आवश्यकता है और यहां आकर सकारात्मक प्रभाव देखने को मिलता है। इस सत्र की अध्यक्षता करते हुए डाॅ. बाबूराम ने कहा कि सम्मानित साहित्यकार बंधु समाज में अपना एक अलग स्थान रखते हैं और ऐसे साहित्यकारों की आज समाज को आवश्यकता है।
सूर्य पुरस्कार विजेता डाॅ. मधु कांत ने कहा कि आज का वातावरण देखकर लगता है कि प्रेरणा वृद्ध आश्रम हरियाणा में साहित्यिक गतिविधियों का एक मुख्य केंद्र बन गया है। इस अवसर पर राधा अग्रवाल, डाॅ. ममता सूद, अंबाला से सुरेखा, हरकेश पपोसा, केशव मेहता, अनिल कुमार, आशा आदि मौजूद रहे।