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Kurukshetra News: बसों की कमी के कारण रूटों पर मिस हो रहे चक्कर
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कुरुक्षेत्र। बस में चढ़ने के लिए जद्दोजहद करते यात्री । संवाद
कुरुक्षेत्र। शहर और आसपास के क्षेत्रों में रोडवेज बसों की कमी का सीधा असर यात्रियों पर पड़ रहा है। बसों की संख्या घटने के कारण रोजाना विभिन्न रूटों पर 15 से 20 चक्कर मिस हो रहे हैं। इससे यात्रियों को घंटों इंतजार करना पड़ता है।
खासकर दोपहर दो बजे के बाद नए बस स्टैंड पर यात्रियों की भारी भीड़ लग जाती है और बसों के अभाव में लोगों को खड़े-खड़े सफर करने या निजी वाहनों का सहारा लेने के लिए मजबूर होना पड़ता है। ग्रामीण रूटों पर स्थिति और भी गंभीर बनी हुई है।
गांवों और छोटे कस्बों को जोड़ने वाली बसों की संख्या सीमित होने के कारण ज्यादा परेशानी झेलनी पड़ रही है।
मिलीं 45 बसें, 20 कंडम
पिछले एक साल में दूसरे डिपो से करीब 45 बसें मिली थीं लेकिन उनमें से 20 से अधिक बसें अब कंडम घोषित हो चुकी हैं। बसों की नियमित मेंटेनेंस और नई बसों की कमी के कारण बेड़े की स्थिति लगातार कमजोर होती जा रही है।
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बसें नहीं मिलतीं
ईस्माइलाबाद निवासी स्नेहा ने बताया कि रूट पर बसों की संख्या पहले से ही बहुत कम है। इसके बावजूद आए दिन बसों के चक्कर मिस हो जाते हैं। पिछले दो घंटे से बस स्टैंड पर खड़ी होकर बस का इंतजार कर रही हैं लेकिन बस नहीं आई।
पांच घंटे से बस स्टैंड पर कर रहा बस का इंतजार
निसिंग निवासी राजकुमार ने बताया कि वह सुबह 11 बजे बस से कुरुक्षेत्र पहुंचे थे। वापसी में बस सवा पांच बजे नए बस स्टैंड से चलनी है लेकिन वह करीब पांच घंटे से नए बस स्टैंड पर इंतजार कर रहे हैं। इस रूट पर लगभग 25 गांव पड़ते हैं, इसलिए कम से कम दो बसें चलानी चाहिए।
जल्द मिलेंगी बसें, बनाई जा रही उचित व्यवस्था : शेर सिंह
रोडवेज महाप्रबंधक शेर सिंह ने कहा कि जल्द ही डिपो को कुछ बसें मिलेंगी। यात्रियों के लिए बेहतर परिवहन व्यवस्था बनाई जा रही है। विभाग को पूरा प्रयास रहता है कि यात्रियों को परेशानी ना झेलनी पड़े।
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खासकर दोपहर दो बजे के बाद नए बस स्टैंड पर यात्रियों की भारी भीड़ लग जाती है और बसों के अभाव में लोगों को खड़े-खड़े सफर करने या निजी वाहनों का सहारा लेने के लिए मजबूर होना पड़ता है। ग्रामीण रूटों पर स्थिति और भी गंभीर बनी हुई है।
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गांवों और छोटे कस्बों को जोड़ने वाली बसों की संख्या सीमित होने के कारण ज्यादा परेशानी झेलनी पड़ रही है।
मिलीं 45 बसें, 20 कंडम
पिछले एक साल में दूसरे डिपो से करीब 45 बसें मिली थीं लेकिन उनमें से 20 से अधिक बसें अब कंडम घोषित हो चुकी हैं। बसों की नियमित मेंटेनेंस और नई बसों की कमी के कारण बेड़े की स्थिति लगातार कमजोर होती जा रही है।
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बसें नहीं मिलतीं
ईस्माइलाबाद निवासी स्नेहा ने बताया कि रूट पर बसों की संख्या पहले से ही बहुत कम है। इसके बावजूद आए दिन बसों के चक्कर मिस हो जाते हैं। पिछले दो घंटे से बस स्टैंड पर खड़ी होकर बस का इंतजार कर रही हैं लेकिन बस नहीं आई।
पांच घंटे से बस स्टैंड पर कर रहा बस का इंतजार
निसिंग निवासी राजकुमार ने बताया कि वह सुबह 11 बजे बस से कुरुक्षेत्र पहुंचे थे। वापसी में बस सवा पांच बजे नए बस स्टैंड से चलनी है लेकिन वह करीब पांच घंटे से नए बस स्टैंड पर इंतजार कर रहे हैं। इस रूट पर लगभग 25 गांव पड़ते हैं, इसलिए कम से कम दो बसें चलानी चाहिए।
जल्द मिलेंगी बसें, बनाई जा रही उचित व्यवस्था : शेर सिंह
रोडवेज महाप्रबंधक शेर सिंह ने कहा कि जल्द ही डिपो को कुछ बसें मिलेंगी। यात्रियों के लिए बेहतर परिवहन व्यवस्था बनाई जा रही है। विभाग को पूरा प्रयास रहता है कि यात्रियों को परेशानी ना झेलनी पड़े।